नेपाल के सेंट्रल जू में बर्ड फ्लू का प्रकोप, 12 से अधिक जानवर संक्रमित; काठमांडू चिड़ियाघर अनिश्चितकाल बंद
सारांश
मुख्य बातें
काठमांडू घाटी स्थित नेपाल के सेंट्रल जू में एक दर्जन से अधिक पक्षियों और जानवरों में एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) की पुष्टि होने के बाद चिड़ियाघर को शुक्रवार, 20 जून से अनिश्चितकाल के लिए आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है। आगंतुकों और स्थानीय लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय देर रात जारी एक आधिकारिक नोटिस के ज़रिए लिया गया।
संक्रमण की स्थिति और प्रभावित जीव
सेंट्रल जू के सूचना अधिकारी गणेश कोइराला के अनुसार, संक्रमित जीवों में अधिकांश पक्षी हैं, साथ ही कुछ स्तनधारी जीव — जैसे चित्तीदार जंगली बिल्ली, घरेलू बिल्लियाँ और सिवेट — भी वायरस की चपेट में आए हैं। उन्होंने बताया, 'चिड़ियाघर कम से कम एक सप्ताह तक बंद रहने की संभावना है और खतरे की स्थिति के अनुसार इस अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है।' चिड़ियाघर का संचालन नेशनल ट्रस्ट फॉर नेचर कंजर्वेशन (NTNC) द्वारा किया जाता है।
पोल्ट्री की तरह सामूहिक हत्या की योजना नहीं
चिड़ियाघर अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पोल्ट्री फार्मों के विपरीत, यहाँ संक्रमित पक्षियों और जानवरों को बड़े पैमाने पर मारने की कोई योजना नहीं है। इसके बजाय चिड़ियाघर परिसर को डिसइंफेक्शन प्रक्रिया से गुज़ारा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि वन्यजीवों के मामले में जैव-सुरक्षा और उपचार-आधारित दृष्टिकोण अधिक उचित होता है।
नेपाल में बर्ड फ्लू का व्यापक प्रसार
गौरतलब है कि नेपाल में बर्ड फ्लू का पहला मामला इस वर्ष 18 मार्च को कोशी प्रांत के पूर्वी मोरांग ज़िले में सामने आया था। तब से यह बीमारी 10 ज़िलों तक फैल चुकी है। डिपार्टमेंट ऑफ लाइवस्टॉक सर्विसेज के आँकड़ों के अनुसार, अब तक कम से कम 55 पोल्ट्री फार्म प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते अधिकारियों को 4,79,156 पक्षियों और 6,94,193 अंडों को नष्ट करना पड़ा। इसके अलावा 1,82,775 किलोग्राम पशु चारा भी नष्ट किया गया।
स्वास्थ्य जोखिम और सार्वजनिक सुरक्षा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बर्ड फ्लू का मानव-से-मानव में प्रसार अत्यंत दुर्लभ है, परंतु संक्रमित पक्षियों के नियमित संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों में संक्रमण के मामले सामने आए हैं। यही कारण है कि चिड़ियाघर में काम करने वाले कर्मचारियों और नियमित आगंतुकों के लिए सतर्कता बरतना आवश्यक माना जा रहा है।
वन विभाग की चेतावनी और आगे की राह
वन विभाग ने कहा है, 'कोसी क्षेत्र के मोरंग ज़िले में बीमारी नियंत्रण में प्रतीत होती है, परंतु काठमांडू घाटी में प्रभावित फार्मों की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि संक्रमण फैल रहा है और मज़बूत जैव-सुरक्षा, निगरानी तथा त्वरित हस्तक्षेप की आवश्यकता है।' सेंट्रल जू — जो छात्रों, पर्यटकों और स्थानीय परिवारों के लिए काठमांडू का एक प्रमुख आकर्षण है — के पुनः खुलने की तिथि अभी अनिश्चित है और यह संक्रमण नियंत्रण की स्थिति पर निर्भर करेगी।