गणेश यादव हत्याकांड: नेपाल के 5 जिलों में कर्फ्यू, गृह मंत्री को घेरने की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के सुनसरी जिले में रविवार को भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद 15 वर्षीय गणेश यादव की गोली मारकर हत्या ने पूरे तराई क्षेत्र को आंदोलन की आग में झोंक दिया है। 31 जुलाई तक सुनसरी, सप्तरी, सिराहा, धनुषा और जनकपुर सहित कई जिलों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन शाह) और गृह मंत्री सुदान गुरुंग के खिलाफ जनाक्रोश सड़कों पर उबल रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
हिंसा की शुरुआत सुनसरी में दो समुदायों के बीच टकराव से हुई, जिसमें दीवानगंज रूरल म्युनिसिपैलिटी के वार्ड 3 के 24 वर्षीय ओम प्रकाश मेहता को रविवार रात गोली मार दी गई। इसके बाद गोलबाजार में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान औराही रूरल म्युनिसिपैलिटी-2 के निवासी 15 वर्षीय गणेश यादव की भी गोली लगने से मौत हो गई। सुनसरी की हिंसा में गंभीर रूप से घायल 20 वर्षीय जया प्रकाश मेहता ने बाद में विराटनगर के न्यूरो हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस प्रकार पुलिस झड़पों सहित कुल तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
कर्फ्यू और सुरक्षा बंदोबस्त
अधिकारियों ने गुरुवार रात से सुनसरी, सप्तरी, सिराहा और धनुषा में कर्फ्यू लागू कर दिया। गुरुवार सुबह अशांति मधेश के प्रांतीय मुख्यालय जनकपुर तक पहुँच गई, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने बाज़ार बंद करा दिए और पुलिस के साथ बार-बार झड़प हुई। इसके बाद दोपहर 3:30 बजे से जनकपुरधाम सब-मेट्रोपॉलिटन सिटी के सभी वार्डों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया गया। चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर प्रेम प्रसाद लुइटेल के अनुसार, कर्फ्यू उत्तर में लक्ष्मीनिया से दक्षिण में नागरैन तक और पूर्व में बेलौनी रोड कॉरिडोर से पश्चिम में सिनुरजोड़ा व दूधमती ब्रिज क्षेत्र तक लागू है। पूर्वी जिले परसा में भी सुनसरी से हिंसा फैलने की आशंका के चलते रोक लगा दी गई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नेपाल पुलिस, आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाली आर्मी की बड़ी टुकड़ियाँ तैनात की गई हैं। जिला प्रशासन ने सेना को आवश्यकता पड़ने पर न्यूनतम बल के साथ लाइव एम्युनिशन इस्तेमाल करने की अनुमति भी दी है।
गृह मंत्री को घेरने की चेतावनी
जब स्थानीय लोगों को पता चला कि गृह मंत्री सुदान गुरुंग गणेश यादव के परिवार से मिलने जा रहे हैं, तो भारी संख्या में लोग धनुषा जिले के बनिनिया चौक पर एकत्र हो गए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक गणेश यादव को न्याय नहीं मिलता, वे गृह मंत्री को इस इलाके में प्रवेश नहीं करने देंगे। बालेन सरकार और गुरुंग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी हुई।
सरकार की प्रतिक्रिया
गुरुवार को प्रधानमंत्री बालेन शाह ने देशवासियों से शांति की अपील करते हुए कहा कि सरकार इस स्थिति को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने तीनों मृतकों — जय प्रकाश मेहता, ओम प्रकाश मेहता और गणेश यादव — के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। शाह ने कहा, 'मैं सभी को भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि जाँच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। सरकार सभी दोषियों को, चाहे वे कोई भी हों, कानून के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।' उन्होंने यह भी बताया कि गृह मंत्रालय ने घटनाओं की जाँच के लिए पहले ही एक जाँच समिति गठित कर दी है और घायलों के तत्काल उपचार के निर्देश दे दिए गए हैं।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल की तराई पट्टी पहले से ही राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। जाँच समिति की रिपोर्ट और सरकार की कार्रवाई ही तय करेगी कि यह आंदोलन आगे किस दिशा में जाता है। गौरतलब है कि तराई में सांप्रदायिक तनाव की यह पहली बड़ी घटना नहीं है, और बिना ठोस जवाबदेही के स्थिति के और बिगड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।