नेतन्याहू ने UNGA में ईरान बमबारी को ठहराया जायज़, गाजा 'नरसंहार' आरोप को बताया सदी का सबसे बड़ा झूठ
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 25 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में दिए अपने संबोधन में ईरान पर की गई संयुक्त सैन्य बमबारी का खुलकर बचाव किया और गाजा में 'नरसंहार' के आरोपों को 'इस सदी का सबसे बड़ा झूठ' करार दिया। न्यूयॉर्क में दिए इस भाषण में उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना सबसे बड़ा सहयोगी बताया और कहा कि ईरान पर की गई कार्रवाई 'सिर्फ खुद को बचाने के लिए नहीं, बल्कि सभ्यता को बचाने के लिए' थी।
ईरान पर हमले का बचाव
नेतन्याहू ने महासभा में कहा, 'अगर हमने ऐसा नहीं किया होता, तो हम सभी मारे गए होते।' उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान में कई ठिकानों पर बमबारी की, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई अन्य शीर्ष नेता मारे गए। उन्होंने कहा, 'इस लड़ाई में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बड़ा हमारा कोई साझेदार नहीं रहा।'
इस कार्रवाई के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया — एक ऐसा समुद्री मार्ग जिससे दुनिया की करीब 20 प्रतिशत पेट्रोलियम और गैस आपूर्ति गुज़रती है। इसके बंद होने से अनेक देशों को प्रभावित करने वाला आर्थिक संकट खड़ा हो गया और यह संघर्ष अभी भी जारी है।
गाजा 'नरसंहार' आरोपों पर पलटवार
नेतन्याहू से पहले महासभा को संबोधित करने वाले फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इजरायल पर गाजा में 'नरसंहार वाला युद्ध' चलाने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में नेतन्याहू ने इस आरोप को सिरे से नकारते हुए तर्क दिया कि अगर इजरायल वास्तव में नरसंहार करने वाला शासन होता, तो वह फिलिस्तीनी आबादी को 10 लाख पोलियो वैक्सीन नहीं देता और गाजा में 20 लाख टन खाना बांटने की अनुमति नहीं देता।
गौरतलब है कि इजरायल की जवाबी सैन्य कार्रवाई में 70 हजार लोगों के मारे जाने की बात रिपोर्टों में कही गई है। अक्टूबर 2023 में गाजा से हमास के हमले का हवाला देते हुए नेतन्याहू ने कहा, 'हम टूटे नहीं — इसके बजाय हम उठ खड़े हुए और शेरों की तरह लड़े।'
सात मोर्चों पर संघर्ष का दावा
नेतन्याहू ने इजरायल को एक ऐसे देश के रूप में प्रस्तुत किया जो उनके मुताबिक एक साथ सात मोर्चों पर लड़ रहा है। इनमें उन्होंने हमास, हिज्बुल्लाह, हूती, ईरान, इराक के हथियारबंद गुट, सीरिया के हथियारबंद गुट और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी लड़ाकों का नाम लिया। उन्होंने दावा किया, 'वे सभी हमें धरती से मिटाने के लिए एकजुट हुए — वे नाकाम रहे।'
एर्दोगान पर 'तानाशाह' का आरोप और राजनयिक विरोध
नेतन्याहू ने अपने भाषण में तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान को 'तानाशाह' बताया और आरोप लगाया कि वह हमास के नेताओं को अपने देश में पनाह देते हैं। उन्होंने पश्चिमी देशों के नेताओं पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि उन्होंने 'यहूदी-विरोधी भीड़ के सामने झुकने का रास्ता चुना।' ब्रिटेन सहित कुछ देशों ने हाल ही में वेस्ट बैंक से आने वाले इजरायली उत्पादों पर सीमित पाबंदियां लगाई हैं।
जब नेतन्याहू मंच पर पहुंचे, तो कई देशों के प्रतिनिधि हॉल से बाहर निकल गए। इस पर उन्होंने उन्हें 'कायर' कहा, जबकि उनके समर्थकों ने हिब्रू में 'एम इजरायल चाई' — अर्थात 'इजरायल की कौम जिंदा है' — के नारे लगाए।
यह संघर्ष अक्टूबर 2023 से जारी है और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के साथ वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर इसका असर अब पूरी दुनिया को महसूस हो रहा है। आने वाले दिनों में UNGA में इस मुद्दे पर कूटनीतिक सक्रियता और तेज होने की आशंका है।