श्रीलंकाई नौसेना ने 9 भारतीय मछुआरों को किया गिरफ्तार, ट्रॉलर जब्त; पाक स्ट्रेट विवाद फिर गहराया
सारांश
मुख्य बातें
श्रीलंकाई नौसेना ने 23 जुलाई 2026 को 9 भारतीय मछुआरों को हिरासत में लेकर उनका मछली पकड़ने वाला ट्रॉलर जब्त कर लिया। नौसेना के अनुसार, इन मछुआरों ने कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (IMBL) पार कर श्रीलंकाई जलक्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ी। यह घटना तलाईमन्नार के उत्तर और ईरानतिवु के दक्षिण में हुई, और भारत-श्रीलंका के बीच दशकों पुराने मछुआरों के विवाद में एक और अध्याय जोड़ती है।
घटनाक्रम: कैसे हुई गिरफ्तारी
श्रीलंकाई नौसेना ने बताया कि एक नियमित समुद्री निगरानी अभियान के दौरान उसके जवानों ने 50 से अधिक भारतीय मछली पकड़ने वाले ट्रॉलरों को ईरानतिवु के दक्षिण में श्रीलंकाई जलक्षेत्र में मछली पकड़ते हुए पाया। अभियान शुरू होते ही अधिकांश नावें वापस लौट गईं, लेकिन एक ट्रॉलर को रोका गया और उस पर सवार नौ मछुआरों को हिरासत में ले लिया गया।
जब्त किए गए ट्रॉलर और गिरफ्तार मछुआरों को मन्नार में मत्स्य पालन निरीक्षक को सौंप दिया गया, जहाँ श्रीलंकाई मत्स्य पालन कानूनों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने गिरफ्तार मछुआरों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
पाक स्ट्रेट: विवाद की जड़
पाक जलसंधि (Palk Strait) श्रीलंका के उत्तरी तट को तमिलनाडु से अलग करती है और इस क्षेत्र के सर्वाधिक मछली-समृद्ध जलक्षेत्रों में से एक है। यह संकरा जलमार्ग लंबे समय से दोनों देशों के बीच तनाव का केंद्र रहा है। तमिलनाडु के मछुआरे पारंपरिक रूप से इन जलक्षेत्रों में मछली पकड़ते आए हैं और उनका तर्क है कि मछलियों का घटता भंडार तथा अस्पष्ट समुद्री सीमाएँ अनजाने में सीमा उल्लंघन का कारण बनती हैं।
गौरतलब है कि श्रीलंकाई नौसेना के आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, 15 अप्रैल 2026 तक इस वर्ष 128 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया जा चुका था और 18 भारतीय ट्रॉलर जब्त किए जा चुके थे। यह नई गिरफ्तारी उसी श्रृंखला की अगली कड़ी है।
श्रीलंका का रुख और बॉटम ट्रॉलिंग विवाद
कोलंबो ने हाल के वर्षों में मैकेनाइज्ड बॉटम ट्रॉलिंग के विरुद्ध विशेष रूप से सख्त रवैया अपनाया है। श्रीलंकाई अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक से समुद्री संसाधनों और समुद्र तल को गंभीर नुकसान पहुँचता है। इसी कारण श्रीलंका ने सीमा पार मछली पकड़ने पर अंकुश लगाने के लिए समुद्री गश्त को काफी तेज कर दिया है।
दूसरी ओर, भारतीय मछुआरे — विशेषकर तमिलनाडु के — तर्क देते हैं कि उनके अपने तटीय जलक्षेत्रों में मछलियों का भंडार घट जाने के कारण वे पाक स्ट्रेट के पारंपरिक क्षेत्रों तक पहुँचने को मजबूर हैं।
राजनयिक प्रयास और आगे की राह
नई दिल्ली और कोलंबो के बीच समय-समय पर होने वाली राजनयिक वार्ताओं में इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश की जाती रही है, लेकिन गिरफ्तारियाँ और ट्रॉलर जब्ती की घटनाएँ नियमित रूप से जारी हैं। यह मुद्दा भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय संबंधों में सबसे संवेदनशील बिंदुओं में से एक बना हुआ है। आने वाले दिनों में कूटनीतिक स्तर पर इस मामले में हस्तक्षेप की उम्मीद की जा रही है।