12 जुलाई 2026
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आर्कटिक ड्रिलिंग बैन बनाए रखें: ऊर्जा संकट के बीच नॉर्डिक निवेशकों की ईयू से अपील

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आर्कटिक ड्रिलिंग बैन बनाए रखें: ऊर्जा संकट के बीच नॉर्डिक निवेशकों की ईयू से अपील

सारांश

ऊर्जा संकट के बावजूद नॉर्डिया सहित 11 से अधिक नॉर्डिक वित्तीय संस्थानों ने यूरोपीय आयोग से आर्कटिक ड्रिलिंग बैन बनाए रखने की अपील की है। उनका तर्क है कि ये परियोजनाएँ मौजूदा संकट का समाधान नहीं हैं और पर्यावरणीय जोखिम बढ़ाती हैं। ईयू की आर्कटिक नीति समीक्षा अभी जारी है।

मुख्य बातें

नॉर्डिया एसेट मैनेजमेंट सहित 11 से अधिक नॉर्डिक वित्तीय संस्थानों ने यूरोपीय आयोग को पत्र लिखकर आर्कटिक ड्रिलिंग बैन बनाए रखने की माँग की।
निवेशकों का तर्क है कि आर्कटिक परियोजनाओं को उत्पादन तक पहुँचने में कई वर्ष लगते हैं, इसलिए ये मौजूदा ऊर्जा संकट का समाधान नहीं हैं।
नॉर्वे — यूरोप का सबसे बड़ा गैस आपूर्तिकर्ता — ब्रसेल्स पर आर्कटिक ड्रिलिंग प्रतिबंध हटाने का दबाव बना रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार 2030 के दशक में नॉर्वे का उत्पादन घट सकता है जब तक इक्विनोर जैसी कंपनियाँ नए क्षेत्र नहीं खोजतीं।
यूरोपीय संघ अपनी आर्कटिक नीति की समीक्षा कर रहा है; अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं।

ऊर्जा संकट और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच नॉर्डिया एसेट मैनेजमेंट सहित 11 से अधिक नॉर्डिक वित्तीय संस्थानों और निवेशक संगठनों ने यूरोपीय आयोग को पत्र लिखकर मांग की है कि आर्कटिक क्षेत्र में नए तेल और गैस ड्रिलिंग पर प्रतिबंध बनाए रखा जाए। यह अपील ऐसे समय में आई है जब ईरान में जारी संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से यूरोप की ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव काफी बढ़ गया है।

निवेशकों का तर्क: त्वरित समाधान नहीं है आर्कटिक ड्रिलिंग

इन वित्तीय संस्थानों का स्पष्ट कहना है कि आर्कटिक में नए जीवाश्म ईंधन परियोजनाएं शुरू करना न तो मौजूदा ऊर्जा संकट का त्वरित समाधान है और न ही दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से उचित कदम। उनका तर्क है कि ऐसी परियोजनाओं को उत्पादन स्तर तक पहुंचने में कई वर्ष लग जाते हैं, जबकि यूरोप अभी ऊर्जा कीमतों और आपूर्ति दबाव से जूझ रहा है।

नॉर्डिया एसेट मैनेजमेंट ने बुधवार, 27 मई को कहा कि आर्कटिक पृथ्वी के सबसे संवेदनशील पारिस्थितिक तंत्रों में से एक है, जहाँ दुर्लभ वन्यजीव पाए जाते हैं। संस्थान ने चेतावनी दी कि तेल और गैस का और विस्तार इन नाजुक पारिस्थितिक तंत्रों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है, जिससे तेल रिसाव और प्रदूषण का खतरा और बढ़ जाएगा।

पर्यावरणीय जोखिम और जलवायु लक्ष्यों पर असर

निवेशकों ने चेतावनी दी है कि आर्कटिक जैसे संवेदनशील पारिस्थितिक तंत्र में तेल-गैस उत्खनन से गंभीर पर्यावरणीय नुकसान और तेल रिसाव का खतरा बढ़ सकता है। उनके अनुसार, यह वैश्विक जलवायु लक्ष्यों के लिए भी प्रतिकूल होगा। गौरतलब है कि यूरोपीय संघ ने 2050 तक कार्बन-तटस्थता का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है, और आर्कटिक ड्रिलिंग का विस्तार उस दिशा में एक विरोधाभासी कदम माना जा रहा है।

ईयू की आर्कटिक नीति समीक्षा और नॉर्वे का दबाव

एक प्रवक्ता ने बताया कि बदलते भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक हालात को देखते हुए यूरोपीय संघ अपनी आर्कटिक नीति की समीक्षा कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है। दूसरी ओर, नॉर्वे — जो यूरोप का सबसे बड़ा गैस आपूर्तिकर्ता है, लेकिन ईयू का सदस्य नहीं है — ब्रसेल्स पर आर्कटिक ड्रिलिंग प्रतिबंध हटाने का दबाव बना रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कई पुराने तेल और गैस क्षेत्रों के कारण 2030 के दशक में नॉर्वे का उत्पादन घट सकता है, जब तक कि इक्विनोर जैसी कंपनियाँ नए क्षेत्रों की खोज नहीं करतीं। यह तथ्य नॉर्वे की आर्कटिक ड्रिलिंग विस्तार की वकालत के पीछे की आर्थिक मजबूरी को स्पष्ट करता है।

व्यापक संदर्भ: ऊर्जा सुरक्षा बनाम जलवायु प्रतिबद्धता

यह अपील ऐसे दौर में आई है जब ऊर्जा संकट के बीच कुछ देश आर्कटिक संसाधनों में विकल्प तलाशने की वकालत कर रहे हैं। यह ऐसे समय में है जब यूरोप पहले से ही रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण की कोशिश कर रहा है। नॉर्डिक निवेशकों का यह कदम यूरोपीय वित्तीय क्षेत्र में जलवायु-केंद्रित निवेश नीतियों की बढ़ती प्रमुखता को भी दर्शाता है।

आगे क्या होगा

फिलहाल यूरोपीय आयोग की आर्कटिक नीति समीक्षा जारी है और अंतिम निर्णय अभी बाकी है। नॉर्डिक निवेशकों की यह अपील ईयू के नीति-निर्माताओं पर दबाव बनाने की कोशिश है कि वे ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन बनाते हुए आर्कटिक को ड्रिलिंग से मुक्त रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नॉर्डिक निवेशकों ने ईयू से आर्कटिक ड्रिलिंग बैन बनाए रखने की अपील क्यों की?
नॉर्डिया एसेट मैनेजमेंट सहित 11 से अधिक नॉर्डिक वित्तीय संस्थानों का कहना है कि आर्कटिक में नई परियोजनाएँ मौजूदा ऊर्जा संकट का त्वरित समाधान नहीं हैं क्योंकि इन्हें उत्पादन तक पहुँचने में कई वर्ष लगते हैं। साथ ही, ये नाजुक पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान पहुँचाकर जलवायु लक्ष्यों को कमजोर कर सकती हैं।
यूरोपीय संघ की आर्कटिक नीति की स्थिति अभी क्या है?
यूरोपीय संघ बदलते भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक हालात को देखते हुए अपनी आर्कटिक नीति की समीक्षा कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी है।
नॉर्वे आर्कटिक ड्रिलिंग बैन हटाने की वकालत क्यों कर रहा है?
नॉर्वे यूरोप का सबसे बड़ा गैस आपूर्तिकर्ता है और वह ब्रसेल्स पर प्रतिबंध हटाने का दबाव बना रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, कई पुराने तेल-गैस क्षेत्रों के कारण 2030 के दशक में नॉर्वे का उत्पादन घट सकता है, जब तक कि इक्विनोर जैसी कंपनियाँ नए क्षेत्र नहीं खोजतीं।
आर्कटिक ड्रिलिंग से पर्यावरण को क्या खतरा है?
नॉर्डिया एसेट मैनेजमेंट के अनुसार, आर्कटिक पृथ्वी के सबसे संवेदनशील पारिस्थितिक तंत्रों में से एक है जहाँ दुर्लभ वन्यजीव पाए जाते हैं। तेल और गैस का विस्तार इन नाजुक तंत्रों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है और तेल रिसाव व प्रदूषण का खतरा बढ़ा सकता है।
क्या आर्कटिक ड्रिलिंग यूरोप के मौजूदा ऊर्जा संकट को हल कर सकती है?
नॉर्डिक निवेशकों का स्पष्ट मत है कि नहीं — क्योंकि ऐसी परियोजनाओं को उत्पादन स्तर तक पहुँचने में कई साल लगते हैं। इसलिए ये परियोजनाएँ अभी चल रहे ऊर्जा मूल्य और आपूर्ति दबाव को कम करने में सक्षम नहीं हैं।
राष्ट्र प्रेस
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