उत्तर कोरिया के पास 80-120 परमाणु हथियार: दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्री का अनुमान, ट्रंप के आंकड़े से अधिक
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक ने 20 अगस्त 2026 को संसद सत्र के दौरान कहा कि उत्तर कोरिया के पास अनुमानतः 80 से 120 परमाणु हथियार हो सकते हैं — एक आकलन जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में बताई गई 57 की संख्या से काफी अधिक है। आन ने स्पष्ट किया कि किसी निश्चित संख्या की आधिकारिक पुष्टि करना उनके लिए संभव नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
रक्षा मंत्री आन से संसद में यह सवाल पूछा गया कि बुधवार को व्हाइट हाउस में ट्रंप ने उत्तर कोरिया के पास '57 बेहद शक्तिशाली परमाणु हथियार' होने का दावा किया था — यह पहली बार था जब ट्रंप ने किसी विशिष्ट संख्या का उल्लेख किया। आन ने कहा, 'हम आमतौर पर मानते हैं कि (उत्तर कोरिया के पास) करीब 80 से 120 परमाणु हथियार हैं।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दोनों देशों के अनुमानों में अंतर हो सकता है।
दक्षिण कोरिया और अमेरिका के आकलन में अंतर
आन ने माना कि ट्रंप के बयान से संकेत मिलता है कि सोल और वाशिंगटन के बीच उत्तर कोरियाई परमाणु भंडार के अनुमान में कुछ भिन्नता है। उन्होंने ट्रंप के बयान पर सीधी टिप्पणी करने से परहेज किया और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के वक्तव्य का मूल्यांकन करना दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्री के लिए उचित नहीं होगा। गौरतलब है कि उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों की वास्तविक संख्या दशकों से अत्यंत संवेदनशील और गोपनीय विषय रही है।
आधिकारिक मान्यता का प्रश्न
जब संसद में आन से पूछा गया कि क्या दक्षिण कोरिया प्योंगयांग को परमाणु हथियार संपन्न देश के रूप में स्वीकार करता है, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, 'सोल ऐसा आधिकारिक तौर पर कभी स्वीकार नहीं कर सकता।' दक्षिण कोरिया और अमेरिका, दोनों ने अब तक उत्तर कोरिया को परमाणु शक्ति के रूप में आधिकारिक मान्यता नहीं दी है।
दक्षिण कोरिया की रक्षा नीति
रक्षा मंत्री ने दोहराया कि दक्षिण कोरिया के पास अपना स्वतंत्र परमाणु हथियार विकसित करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि देश अमेरिका के साथ परमाणु प्रतिरोध व्यवस्था के अंतर्गत अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करता रहेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कोरियाई प्रायद्वीप पर सुरक्षा स्थिति और वाशिंगटन-प्योंगयांग के बीच संभावित वार्ता को लेकर चर्चाएँ जारी हैं।
क्या होगा आगे
परमाणु हथियारों की अनुमानित संख्या को लेकर सामने आए ये भिन्न आंकड़े यह संकेत देते हैं कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया की खुफिया जानकारियों में समन्वय की आवश्यकता है। विश्लेषकों के अनुसार, जब तक वाशिंगटन और प्योंगयांग के बीच किसी ठोस वार्ता की रूपरेखा नहीं बनती, तब तक उत्तर कोरिया के परमाणु भंडार का सटीक आकलन कूटनीतिक और सुरक्षा दृष्टि से एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।