उत्तर कोरिया रूस में फ़िलहाल अतिरिक्त सैनिक नहीं भेज रहा, आंतरिक तैयारी जारी: दक्षिण कोरियाई खुफिया रिपोर्ट
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया की डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) की एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरिया फ़िलहाल रूस में अतिरिक्त सैनिकों की तत्काल तैनाती के कोई संकेत नहीं दे रहा, हालाँकि वह भविष्य की संभावित तैनाती को ध्यान में रखते हुए आंतरिक स्तर पर तैयारियाँ जारी रखे हुए है। यह जानकारी 23 अगस्त 2026 को मुख्य विपक्षी दल 'पीपल पावर पार्टी' के सांसद यू योंग-वोन ने सार्वजनिक की, जिन्हें यह रिपोर्ट सौंपी गई थी।
खुफिया एजेंसी का आकलन
DIA ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा, 'उत्तर कोरिया तैनाती की तैयारी जारी रखे हुए है, लेकिन अतिरिक्त सैनिकों को तुरंत भेजे जाने के कोई संकेत अभी तक नहीं मिले हैं।' एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने भी पुष्टि की कि जमीनी स्तर पर अब तक ऐसी कोई गतिविधि नहीं देखी गई जो वास्तविक तैनाती की ओर इशारा करे।
जेलेंस्की के दावे का संदर्भ
यह आकलन ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पिछले महीने दावा किया था कि रूस, यूक्रेन के विरुद्ध जारी युद्ध में सहायता के लिए दक्षिण-पश्चिमी सीमा क्षेत्र में 30,000 अतिरिक्त उत्तर कोरियाई सैनिक तैनात करने की तैयारी में है। हालाँकि, उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की प्रभावशाली बहन किम यो-जोंग ने पिछले सप्ताह इस दावे को 'पूरी तरह बेबुनियाद' बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया।
अब तक की तैनाती और सैन्य सहायता
DIA के अनुमान के अनुसार, उत्तर कोरिया अक्टूबर 2024 से अब तक 16,000 से अधिक सैनिकों को रूस भेज चुका है। खुफिया एजेंसी का मानना है कि इनमें से कई सैनिक युद्ध में मारे गए हैं या घायल हुए हैं। इसके अलावा, प्योंगयांग ने रूस को 1.5 करोड़ से अधिक तोपों के गोले भी उपलब्ध कराए हैं।
किम-पुतिन संदेश और द्विपक्षीय संबंध
इसी महीने की शुरुआत में किम जोंग-उन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भेजे एक संदेश में कहा कि उन्हें दोनों देशों के रिश्तों के और भी बेहतर भविष्य की उम्मीद है। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी KCNA के अनुसार, किम ने अपने संदेश में विश्वास जताया कि रूस अपनी संप्रभुता, सुरक्षा हितों और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा में सफल होगा। यह संदेश पुतिन की ओर से भेजे गए उस बधाई संदेश के जवाब में आया था, जो जापानी औपनिवेशिक शासन (1910–1945) से कोरिया की आज़ादी की 81वीं वर्षगाँठ के अवसर पर भेजा गया था।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में है जब रूस-यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर दबाव लगातार बढ़ रहा है और उत्तर कोरिया की सैन्य भूमिका अंतरराष्ट्रीय जाँच के दायरे में है। विशेषज्ञों का मानना है कि आंतरिक तैयारियाँ जारी रहने का अर्थ है कि प्योंगयांग परिस्थितियाँ अनुकूल होते ही तैनाती का विकल्प खुला रखना चाहता है। स्थिति की निगरानी सोल और पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियाँ कर रही हैं।