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अफगानिस्तान में नशामुक्ति अभियान: दायकुंडी में 100 से अधिक नशा पीड़ित रिहैब सेंटर भेजे गए

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अफगानिस्तान में नशामुक्ति अभियान: दायकुंडी में 100 से अधिक नशा पीड़ित रिहैब सेंटर भेजे गए

सारांश

अफगानिस्तान में नशे के खिलाफ दोहरा मोर्चा खुला है — दायकुंडी में 100 से अधिक पीड़ितों को रिहैब भेजा गया, तो बदख्शां और निमरोज में सैकड़ों किलो ड्रग्स ज़ब्त हुए। पाँच वर्षों में हज़ारों का पुनर्वास हो चुका है, लेकिन तस्करी का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है।

मुख्य बातें

दायकुंडी प्रांत में पुलिस ने 100 से अधिक नशा पीड़ितों को हिरासत में लेकर पुनर्वास केंद्र भेजा।
प्रांत में पहले से इलाजरत 78 नशा पीड़ित स्वस्थ होकर अपने परिवारों से मिले।
पूर्वोत्तर बदख्शां प्रांत में दो अभियानों में 241 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ ज़ब्त, 9 संदिग्ध गिरफ्तार।
निमरोज प्रांत में 84 किग्रा अफीम , 130 किग्रा मेथामफेटामाइन और 200 किग्रा से अधिक अन्य प्रतिबंधित सामग्री ज़ब्त; 7 गिरफ्तार ।
पिछले पाँच वर्षों में महिलाओं और बच्चों सहित हज़ारों नशा पीड़ितों का पुनर्वास।

अफगानिस्तान के मध्यवर्ती दायकुंडी प्रांत में पुलिस ने 100 से अधिक नशा पीड़ितों को हिरासत में लेकर पुनर्वास केंद्र भेज दिया है। अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय ने रविवार, 26 जुलाई को यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह कदम देशव्यापी नशामुक्ति अभियान का हिस्सा है, जो अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन, तस्करी और उपभोग तीनों मोर्चों पर एक साथ चलाया जा रहा है।

दायकुंडी में क्या हुआ

गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, प्रांत में पहले से इलाज करा रहे 78 नशा पीड़ित पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं और उन्हें उनके परिवारों के साथ पुनः मिला दिया गया है। नए हिरासत में लिए गए लोगों को चिकित्सकीय देखरेख में रिहैब केंद्रों में भर्ती किया गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन व्यक्तियों के साथ अपराधी की तरह नहीं, बल्कि मरीज़ की तरह व्यवहार किया जा रहा है।

पाँच वर्षों में हज़ारों का पुनर्वास

बयान में यह भी कहा गया कि पिछले लगभग पाँच वर्षों में महिलाओं और बच्चों सहित हज़ारों नशा पीड़ित अफगानों का पुनर्वास कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान दशकों से दुनिया के सबसे बड़े अफीम उत्पादक देशों में गिना जाता रहा है, और नशे की समस्या वहाँ की आम जनता को गहराई से प्रभावित करती है।

बदख्शां और निमरोज में बड़ी बरामदगी

पुनर्वास अभियान के साथ-साथ तस्करी-विरोधी ऑपरेशन भी तेज़ हुए हैं। पिछले सप्ताह पूर्वोत्तर बदख्शां प्रांत में अफगान पुलिस ने दो अलग-अलग अभियानों के दौरान 241 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ बरामद किए और नौ संदिग्धों को गिरफ्तार किया। स्पेशल पुलिस फोर्स ने पुल-ए-बेगम और ताशकन इलाकों में छापेमारी के दौरान एक वाहन और एक मकान से यह नशीला सामान ज़ब्त किया। सभी गिरफ्तार संदिग्धों की जाँच जारी है।

इससे पहले 16 जुलाई को पश्चिमी निमरोज प्रांत के काउंटर-नारकोटिक्स पुलिस कमांडर मावलवी एस्मातुल्लाह अहमद ने बताया कि कई ऑपरेशनों के दौरान 84 किलोग्राम अफीम, 130 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और अफीम व हेरोइन के निर्माण में उपयोग होने वाली 200 किलोग्राम से अधिक अन्य प्रतिबंधित सामग्री ज़ब्त की गई। इसी अभियान में सात लोगों को ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

सरकार का रुख और आगे की राह

अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय ने दोहराया है कि सरकार अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन, तस्करी और कारोबार के खिलाफ अभियान जारी रखेगी और नशा पीड़ितों को बेहतर चिकित्सा व पुनर्वास सुविधाएँ उपलब्ध कराती रहेगी। सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य अफगानिस्तान को नशीले पदार्थों की समस्या से पूरी तरह मुक्त करना है। गौरतलब है कि यह अभियान देश के कई प्रांतों में एक साथ चल रहा है, जो दर्शाता है कि नशामुक्ति अब केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य का भी मुद्दा बन चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ तस्करी पर कड़ी कार्रवाई — नीतिगत रूप से सही दिशा में है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये आँकड़े ज़मीनी बदलाव दर्शाते हैं या केवल प्रशासनिक सक्रियता की छवि बनाते हैं। दशकों तक अफीम उत्पादन का केंद्र रहे देश में नशामुक्ति की राह लंबी और जटिल है। पाँच वर्षों में 'हज़ारों' के पुनर्वास का दावा सत्यापन की माँग करता है — स्वतंत्र निगरानी तंत्र के बिना ये संख्याएँ अधूरी कहानी सुनाती हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अफगानिस्तान के दायकुंडी में नशा पीड़ितों को रिहैब क्यों भेजा गया?
अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय के अनुसार, दायकुंडी प्रांत में चल रहे नशामुक्ति अभियान के तहत पुलिस ने 100 से अधिक नशा पीड़ितों को हिरासत में लेकर पुनर्वास केंद्र भेजा, ताकि उन्हें चिकित्सकीय उपचार और समाज में पुनः एकीकरण का मौका मिल सके।
बदख्शां प्रांत में कितनी ड्रग्स ज़ब्त हुई और कितने लोग गिरफ्तार हुए?
पूर्वोत्तर बदख्शां प्रांत में स्पेशल पुलिस फोर्स ने पुल-ए-बेगम और ताशकन इलाकों में दो अलग-अलग छापेमारी में 241 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ ज़ब्त किए और नौ संदिग्धों को गिरफ्तार किया। सभी की जाँच जारी है।
निमरोज प्रांत में काउंटर-नारकोटिक्स अभियान में क्या मिला?
16 जुलाई को निमरोज प्रांत में काउंटर-नारकोटिक्स पुलिस ने 84 किलोग्राम अफीम, 130 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और 200 किलोग्राम से अधिक अन्य प्रतिबंधित सामग्री ज़ब्त की, साथ ही सात लोगों को गिरफ्तार किया।
पिछले पाँच वर्षों में अफगानिस्तान में कितने नशा पीड़ितों का पुनर्वास हुआ?
अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय के अनुसार, पिछले लगभग पाँच वर्षों में महिलाओं और बच्चों सहित हज़ारों नशा पीड़ितों का पुनर्वास कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है।
अफगानिस्तान सरकार का ड्रग्स के खिलाफ दीर्घकालिक लक्ष्य क्या है?
गृह मंत्रालय के अनुसार, सरकार का लक्ष्य अफगानिस्तान को नशीले पदार्थों की समस्या से पूरी तरह मुक्त करना है। इसके लिए अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन, तस्करी और कारोबार पर कार्रवाई के साथ-साथ नशा पीड़ितों को चिकित्सा और पुनर्वास सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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