अफगानिस्तान में नशामुक्ति अभियान: दायकुंडी में 100 से अधिक नशा पीड़ित रिहैब सेंटर भेजे गए
सारांश
मुख्य बातें
अफगानिस्तान के मध्यवर्ती दायकुंडी प्रांत में पुलिस ने 100 से अधिक नशा पीड़ितों को हिरासत में लेकर पुनर्वास केंद्र भेज दिया है। अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय ने रविवार, 26 जुलाई को यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह कदम देशव्यापी नशामुक्ति अभियान का हिस्सा है, जो अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन, तस्करी और उपभोग तीनों मोर्चों पर एक साथ चलाया जा रहा है।
दायकुंडी में क्या हुआ
गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, प्रांत में पहले से इलाज करा रहे 78 नशा पीड़ित पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं और उन्हें उनके परिवारों के साथ पुनः मिला दिया गया है। नए हिरासत में लिए गए लोगों को चिकित्सकीय देखरेख में रिहैब केंद्रों में भर्ती किया गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन व्यक्तियों के साथ अपराधी की तरह नहीं, बल्कि मरीज़ की तरह व्यवहार किया जा रहा है।
पाँच वर्षों में हज़ारों का पुनर्वास
बयान में यह भी कहा गया कि पिछले लगभग पाँच वर्षों में महिलाओं और बच्चों सहित हज़ारों नशा पीड़ित अफगानों का पुनर्वास कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान दशकों से दुनिया के सबसे बड़े अफीम उत्पादक देशों में गिना जाता रहा है, और नशे की समस्या वहाँ की आम जनता को गहराई से प्रभावित करती है।
बदख्शां और निमरोज में बड़ी बरामदगी
पुनर्वास अभियान के साथ-साथ तस्करी-विरोधी ऑपरेशन भी तेज़ हुए हैं। पिछले सप्ताह पूर्वोत्तर बदख्शां प्रांत में अफगान पुलिस ने दो अलग-अलग अभियानों के दौरान 241 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ बरामद किए और नौ संदिग्धों को गिरफ्तार किया। स्पेशल पुलिस फोर्स ने पुल-ए-बेगम और ताशकन इलाकों में छापेमारी के दौरान एक वाहन और एक मकान से यह नशीला सामान ज़ब्त किया। सभी गिरफ्तार संदिग्धों की जाँच जारी है।
इससे पहले 16 जुलाई को पश्चिमी निमरोज प्रांत के काउंटर-नारकोटिक्स पुलिस कमांडर मावलवी एस्मातुल्लाह अहमद ने बताया कि कई ऑपरेशनों के दौरान 84 किलोग्राम अफीम, 130 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और अफीम व हेरोइन के निर्माण में उपयोग होने वाली 200 किलोग्राम से अधिक अन्य प्रतिबंधित सामग्री ज़ब्त की गई। इसी अभियान में सात लोगों को ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
सरकार का रुख और आगे की राह
अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय ने दोहराया है कि सरकार अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन, तस्करी और कारोबार के खिलाफ अभियान जारी रखेगी और नशा पीड़ितों को बेहतर चिकित्सा व पुनर्वास सुविधाएँ उपलब्ध कराती रहेगी। सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य अफगानिस्तान को नशीले पदार्थों की समस्या से पूरी तरह मुक्त करना है। गौरतलब है कि यह अभियान देश के कई प्रांतों में एक साथ चल रहा है, जो दर्शाता है कि नशामुक्ति अब केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य का भी मुद्दा बन चुका है।