पेशावर में आईईडी ब्लास्ट: पीर जकोरी पुल के पास धमाके में दो पुलिसकर्मी घायल
सारांश
मुख्य बातें
पेशावर के पीर जकोरी पुल के निकट 2 अगस्त को एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। यह धमाका पेशावर-इस्लामाबाद मोटरवे टोल प्लाजा के पास रविवार दोपहर हुआ, जो प्रांतीय राजधानी का पूर्वी प्रवेश द्वार है। खैबर पख्तूनख्वा (केपी) में हिंसा की बढ़ती लहर के बीच यह ताज़ा घटना चिंता और गहरी कर रही है।
घटनाक्रम का विवरण
पुलिस के अनुसार, विस्फोट की चपेट में एक पुलिस वैन आई जिसमें वाहन चालक और एक कॉन्स्टेबल सवार थे — दोनों घायल हुए और वाहन को भी नुकसान पहुँचा। शहर पुलिस के प्रवक्ता आलम खान ने बताया, "दोनों पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल पहुँचा दिया गया है।" घटना की सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुँचा और इलाके की जाँच शुरू की।
हालिया हमलों की पृष्ठभूमि
यह विस्फोट हांगू जिले में एक चेकपोस्ट पर हुए आतंकवादी हमले के कुछ ही दिनों बाद हुआ, जिसमें डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) सहित नौ पुलिसकर्मी मारे गए थे और 28 घायल हुए थे। इससे पहले 29 जुलाई को स्वात की काबल और मट्टा तहसीलों में संयुक्त सुरक्षा अभियान के दौरान एक पुलिसकर्मी और ग्राम रक्षा समिति के चार सदस्य मारे गए थे।
सुरक्षा आँकड़े: जुलाई में रिकॉर्ड मौतें
पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) के मासिक सुरक्षा आकलन के अनुसार, जुलाई में आतंकवादी हमलों में 112 सुरक्षाकर्मी मारे गए — यह जनवरी 2023 के बाद किसी एक महीने में दर्ज की गई सबसे बड़ी संख्या है और एक दशक से अधिक समय में दूसरी सबसे बड़ी। केपी में जुलाई में कुल 154 मौतें दर्ज हुईं, जो जून में 75 थीं — यानी 105% की बढ़ोतरी। घायलों की संख्या 60 से बढ़कर 98 हो गई, जबकि मुख्य केपी में सुरक्षाकर्मियों की मौत 12 से बढ़कर 38 हो गई।
बढ़ती हिंसा का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादी गतिविधियाँ लगातार तेज़ होती जा रही हैं। गौरतलब है कि केपी पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान में सबसे अधिक प्रभावित प्रांत रहा है, और ताज़ा आँकड़े बताते हैं कि स्थिति और बिगड़ रही है। सुरक्षा बलों पर हमलों की बढ़ती आवृत्ति पाकिस्तानी प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है।
आगे की स्थिति
फिलहाल किसी संगठन ने इस विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया है। पीआईसीएसएस के आँकड़ों के मद्देनज़र, सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केपी में स्थिति पर करीबी नज़र बनाए रखना ज़रूरी है।