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पेशावर में आईईडी ब्लास्ट: पीर जकोरी पुल के पास धमाके में दो पुलिसकर्मी घायल

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पेशावर में आईईडी ब्लास्ट: पीर जकोरी पुल के पास धमाके में दो पुलिसकर्मी घायल

सारांश

पेशावर के पीर जकोरी पुल के पास आईईडी विस्फोट में दो पुलिसकर्मी घायल हुए — यह खैबर पख्तूनख्वा में हिंसा की उस लहर की ताज़ा कड़ी है जिसमें जुलाई में 154 मौतें दर्ज हुईं, जो जून से 105% अधिक है और जनवरी 2023 के बाद का सबसे खूनी महीना है।

मुख्य बातें

पेशावर-इस्लामाबाद मोटरवे टोल प्लाजा के पास पीर जकोरी पुल के निकट 2 अगस्त को आईईडी विस्फोट हुआ।
पुलिस वैन चालक और एक कॉन्स्टेबल — दो पुलिसकर्मी घायल , दोनों को अस्पताल पहुँचाया गया।
कुछ दिन पहले हांगू जिले में हमले में डीएसपी सहित 9 पुलिसकर्मी मारे गए थे, 28 घायल हुए थे।
पीआईसीएसएस के अनुसार जुलाई में 112 सुरक्षाकर्मी मारे गए — जनवरी 2023 के बाद किसी एक महीने में सर्वाधिक।
केपी में जुलाई में 154 मौतें दर्ज हुईं — जून की 75 मौतों से 105% अधिक ।
अभी तक किसी संगठन ने इस विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है।

पेशावर के पीर जकोरी पुल के निकट 2 अगस्त को एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। यह धमाका पेशावर-इस्लामाबाद मोटरवे टोल प्लाजा के पास रविवार दोपहर हुआ, जो प्रांतीय राजधानी का पूर्वी प्रवेश द्वार है। खैबर पख्तूनख्वा (केपी) में हिंसा की बढ़ती लहर के बीच यह ताज़ा घटना चिंता और गहरी कर रही है।

घटनाक्रम का विवरण

पुलिस के अनुसार, विस्फोट की चपेट में एक पुलिस वैन आई जिसमें वाहन चालक और एक कॉन्स्टेबल सवार थे — दोनों घायल हुए और वाहन को भी नुकसान पहुँचा। शहर पुलिस के प्रवक्ता आलम खान ने बताया, "दोनों पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल पहुँचा दिया गया है।" घटना की सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुँचा और इलाके की जाँच शुरू की।

हालिया हमलों की पृष्ठभूमि

यह विस्फोट हांगू जिले में एक चेकपोस्ट पर हुए आतंकवादी हमले के कुछ ही दिनों बाद हुआ, जिसमें डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) सहित नौ पुलिसकर्मी मारे गए थे और 28 घायल हुए थे। इससे पहले 29 जुलाई को स्वात की काबल और मट्टा तहसीलों में संयुक्त सुरक्षा अभियान के दौरान एक पुलिसकर्मी और ग्राम रक्षा समिति के चार सदस्य मारे गए थे।

सुरक्षा आँकड़े: जुलाई में रिकॉर्ड मौतें

पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) के मासिक सुरक्षा आकलन के अनुसार, जुलाई में आतंकवादी हमलों में 112 सुरक्षाकर्मी मारे गए — यह जनवरी 2023 के बाद किसी एक महीने में दर्ज की गई सबसे बड़ी संख्या है और एक दशक से अधिक समय में दूसरी सबसे बड़ी। केपी में जुलाई में कुल 154 मौतें दर्ज हुईं, जो जून में 75 थीं — यानी 105% की बढ़ोतरी। घायलों की संख्या 60 से बढ़कर 98 हो गई, जबकि मुख्य केपी में सुरक्षाकर्मियों की मौत 12 से बढ़कर 38 हो गई।

बढ़ती हिंसा का संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादी गतिविधियाँ लगातार तेज़ होती जा रही हैं। गौरतलब है कि केपी पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान में सबसे अधिक प्रभावित प्रांत रहा है, और ताज़ा आँकड़े बताते हैं कि स्थिति और बिगड़ रही है। सुरक्षा बलों पर हमलों की बढ़ती आवृत्ति पाकिस्तानी प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है।

आगे की स्थिति

फिलहाल किसी संगठन ने इस विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया है। पीआईसीएसएस के आँकड़ों के मद्देनज़र, सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केपी में स्थिति पर करीबी नज़र बनाए रखना ज़रूरी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पाकिस्तानी सुरक्षा तंत्र की बढ़ती विफलता का प्रमाण है। हांगू में डीएसपी सहित नौ पुलिसकर्मियों की मौत और अब पेशावर में यह हमला दर्शाते हैं कि आतंकवादी समूह उच्च-मूल्य लक्ष्यों और प्रमुख मार्गों को निशाना बनाने में सफल हो रहे हैं। इस्लामाबाद की नीतिगत प्रतिक्रिया अब तक परिणाम देने में नाकाम रही है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेशावर में 2 अगस्त को क्या हुआ?
2 अगस्त को पेशावर के पीर जकोरी पुल के पास पेशावर-इस्लामाबाद मोटरवे टोल प्लाजा के निकट एक आईईडी विस्फोट हुआ जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस वैन चालक और एक कॉन्स्टेबल को अस्पताल में भर्ती कराया गया और वाहन को भी नुकसान पहुँचा।
खैबर पख्तूनख्वा में जुलाई में कितनी मौतें हुईं?
पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) के अनुसार जुलाई में केपी में 154 मौतें दर्ज हुईं, जो जून की 75 मौतों से 105% अधिक है। इसी महीने 112 सुरक्षाकर्मी मारे गए, जो जनवरी 2023 के बाद किसी एक महीने में सर्वाधिक है।
हांगू जिले में हाल ही में क्या हमला हुआ था?
पेशावर विस्फोट से कुछ दिन पहले हांगू जिले में एक चेकपोस्ट पर आतंकवादी हमले में डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) सहित नौ पुलिसकर्मी मारे गए थे और 28 घायल हुए थे।
क्या किसी संगठन ने पेशावर विस्फोट की जिम्मेदारी ली है?
अभी तक किसी संगठन ने इस आईईडी विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस ने बम निरोधक दस्ते के साथ इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया है।
खैबर पख्तूनख्वा में हिंसा क्यों बढ़ रही है?
पीआईसीएसएस के आँकड़ों के अनुसार केपी में आतंकवादी हमलों की आवृत्ति और तीव्रता दोनों बढ़ रही हैं — जुलाई में मौतें जून से 105% अधिक रहीं। सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि आतंकवादी समूह सुरक्षाबलों के ठिकानों और प्रमुख मार्गों को व्यवस्थित रूप से निशाना बना रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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