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रोचडेल गैंग सरगना शबीर अहमद को वापस लेने से पाकिस्तान का इनकार, ब्रिटेन की प्रतिबंध की चेतावनी बेअसर

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रोचडेल गैंग सरगना शबीर अहमद को वापस लेने से पाकिस्तान का इनकार, ब्रिटेन की प्रतिबंध की चेतावनी बेअसर

सारांश

रोचडेल ग्रूमिंग गैंग का सरगना शबीर अहमद 14 साल जेल के बाद रिहा हो चुका है, लेकिन पाकिस्तान उसे वापस लेने से इनकार कर रहा है और बदले में राजनीतिक शर्त रख रहा है। ब्रिटेन की प्रतिबंध की चेतावनी और 1971 के पुराने कानूनी प्रावधान के बीच पीड़ितों से किया वादा अधूरा लटक रहा है।

मुख्य बातें

शबीर अहमद को बच्चों से बलात्कार के 30 मामलों में 2012 में 22 साल की सजा हुई थी; 14 साल जेल में बिताने के बाद जुलाई 2025 की शुरुआत में रिहा हुआ।
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने सार्वजनिक रूप से अहमद को वापस लेने से इनकार किया।
रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान ने वापसी के बदले ब्रिटेन से दो राजनीतिक विरोधियों को सौंपने की शर्त रखी।
ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने 'सभी संभव तरीकों' पर विचार की चेतावनी दी, जिसमें प्रतिबंध भी शामिल हैं।
1971 के इमिग्रेशन एक्ट के 55 साल पुराने प्रावधान के कारण अहमद को कानूनी रूप से पाकिस्तान नहीं भेजा जा सकता।
पाकिस्तान को अगले तीन वर्षों में ब्रिटेन से 15.5 करोड़ पाउंड की विदेशी सहायता मिलने की संभावना है।

बाल यौन शोषण के दोषी शबीर अहमदरोचडेल ग्रूमिंग गैंग के सरगना — को वापस लेने से पाकिस्तान ने साफ इनकार कर दिया है, जिससे ब्रिटेन और इस्लामाबाद के बीच कूटनीतिक तनाव गहरा गया है। अहमद को बच्चों से बलात्कार के 30 मामलों में दोषी ठहराते हुए 2012 में 22 साल की सजा सुनाई गई थी और जुलाई 2025 की शुरुआत में 14 साल जेल में बिताने के बाद उसे रिहा किया गया।

पाकिस्तान का सार्वजनिक इनकार

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने गुरुवार को आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया कि पाकिस्तान सरकार अहमद को वापस स्वीकार नहीं करेगी। रिपोर्टों के अनुसार, इस्लामाबाद ने अहमद की वापसी के बदले ब्रिटेन से दो राजनीतिक विरोधियों को सौंपने की शर्त रखी है — एक ऐसी माँग जिसे ब्रिटिश सरकार ने अस्वीकार्य माना है।

ब्रिटेन की कार्रवाई की चेतावनी

इस हफ्ते की शुरुआत में ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने हाउस ऑफ कॉमन्स की विदेश मामलों की समिति के समक्ष कहा कि सरकार 'सभी संभव तरीकों' पर विचार करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि ब्रिटेन पहले भी कई देशों को विदेशी अपराधियों को वापस लेने के लिए राजी करने में सफल रहा है — और इसके लिए प्रतिबंधों की चेतावनी भी दी गई थी।

कानूनी पेचीदगी और निर्वासन की बाधा

अहमद की ब्रिटिश नागरिकता 2016 में रद्द कर दी गई थी ताकि रिहाई के बाद उसे देश से निर्वासित किया जा सके। पीड़ितों से भी यही वादा किया गया था। हालाँकि, 1971 के इमिग्रेशन एक्ट में एक 55 साल पुराना प्रावधान उन लोगों को सुरक्षा देता है जो 1973 से पहले ब्रिटेन आए थे और कम से कम पाँच साल वहाँ रहे थे — जिसके कारण अहमद को अभी भी पाकिस्तान नहीं भेजा जा सकता।

ब्रिटेन को पाकिस्तान की विदेशी सहायता पर सवाल

इस विवाद के बीच, उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार पाकिस्तान को अगले तीन वर्षों में 15.5 करोड़ पाउंड (लगभग ₹1,650 करोड़) की ब्रिटिश विदेशी सहायता मिलने की उम्मीद है। इस पृष्ठभूमि में ब्रिटेन के भीतर यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस सहायता को अहमद की वापसी से जोड़ा जाना चाहिए।

व्यापक संदर्भ: ब्रिटेन में संगठित बाल यौन शोषण

एक निजी कोष से तैयार 219 पन्नों की संसदीय जाँच रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन में कई दशकों में कम से कम 2.5 लाख लड़कियाँ — और संभवतः इससे भी अधिक बच्चे — गैंग रेप, मानव तस्करी, यातना और जबरन गर्भधारण जैसे अपराधों के शिकार हुए। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि आरोपियों में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी मुस्लिम पृष्ठभूमि के लोग थे, जबकि इन्हें रोकने में नाकाम रहने वाली संस्थाएँ मुख्यतः ब्रिटिश राज्य की थीं।

यह मामला ब्रिटेन-पाकिस्तान संबंधों में एक नई जटिलता जोड़ता है और पीड़ितों के साथ किए गए वादों की पूर्ति पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और प्रतिबंध की धमकी तब तक खोखली है जब तक विदेशी सहायता वास्तव में रोकी नहीं जाती। पीड़ितों से निर्वासन का वादा किया गया था — वह वादा अब कानूनी जड़ता और कूटनीतिक गतिरोध के बीच पिस रहा है। यह मामला ब्रिटेन को अपने पुराने आव्रजन कानूनों की समीक्षा और विदेशी सहायता को जवाबदेही से जोड़ने की माँग को नई धार देता है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शबीर अहमद कौन है और उसे किस अपराध में सजा मिली थी?
शबीर अहमद रोचडेल ग्रूमिंग गैंग का सरगना है, जिसे 2012 में बच्चों से बलात्कार के 30 मामलों में दोषी पाए जाने के बाद 22 साल की सजा सुनाई गई थी। वह पाकिस्तान में जन्मा था और ब्रिटेन में रह रहा था।
पाकिस्तान शबीर अहमद को वापस क्यों नहीं ले रहा?
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने सार्वजनिक रूप से अहमद को वापस लेने से इनकार किया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस्लामाबाद ने अहमद की वापसी के बदले ब्रिटेन से दो राजनीतिक विरोधियों को सौंपने की शर्त रखी है।
ब्रिटेन अहमद को पाकिस्तान क्यों नहीं भेज पा रहा?
1971 के इमिग्रेशन एक्ट में 55 साल पुराना एक प्रावधान उन लोगों को निर्वासन से सुरक्षा देता है जो 1973 से पहले ब्रिटेन आए थे और कम से कम पाँच साल वहाँ रहे थे। अहमद का ब्रिटिश पासपोर्ट 2016 में रद्द होने के बावजूद यह कानूनी अड़चन बनी हुई है।
ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने क्या कहा?
यवेट कूपर ने हाउस ऑफ कॉमन्स की विदेश मामलों की समिति के सामने कहा कि सरकार 'सभी संभव तरीकों' पर विचार करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि ब्रिटेन जरूरत पड़ने पर प्रतिबंधों का भी सहारा ले सकता है।
ब्रिटेन में संगठित बाल यौन शोषण की संसदीय जाँच में क्या सामने आया?
219 पन्नों की संसदीय जाँच रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन में कई दशकों में कम से कम 2.5 लाख लड़कियाँ और संभवतः इससे भी अधिक बच्चे गैंग रेप, मानव तस्करी और यातना जैसे अपराधों के शिकार हुए। रिपोर्ट में कहा गया कि आरोपियों में बड़ी संख्या पाकिस्तानी मुस्लिम पृष्ठभूमि के लोगों की थी, जबकि इन्हें रोकने में नाकाम संस्थाएँ मुख्यतः ब्रिटिश राज्य की थीं।
राष्ट्र प्रेस
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