ब्रिटेन 'रेप गैंग' खुलासे: अमित मालवीय बोले — 'पीड़ित बच्चों को न्याय और सुरक्षा नहीं मिली'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने मंगलवार, 2 जून को ब्रिटेन के सांसद रूपर्ट लोव द्वारा ब्रिटिश संसद में प्रस्तुत कथित 'रेप गैंग' मामले के खुलासों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। मालवीय ने कहा कि पीड़ित बच्चों को सुरक्षा, न्याय और अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय उन्हें ऐसी भयावह यातनाओं के बीच अकेला छोड़ दिया गया जिनका सामना किसी भी बच्चे को नहीं करना चाहिए।
संसद में क्या हुआ
ब्रिटिश सांसद रूपर्ट लोव ने अपनी स्वतंत्र जाँच के निष्कर्षों के आधार पर ब्रिटिश संसद में पीड़िताओं की गवाहियाँ और पुलिस की कथित संलिप्तता से जुड़े विवरण पढ़कर सुनाए। अमित मालवीय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इन तथ्यों और गवाहियों का विस्तार से उल्लेख करते हुए इसे आधुनिक ब्रिटिश इतिहास की सबसे गंभीर संस्थागत विफलताओं में से एक बताया।
पीड़िताओं की गवाहियाँ
संसद में पढ़े गए बयानों के अनुसार, एक पीड़िता ने कथित तौर पर कहा, 'लगातार ऐसी बातें कही जाती थीं कि मुस्लिम लड़कियों के मुकाबले गोरी लड़कियों की कोई इज्जत नहीं होती।' एक अन्य पीड़िता के अनुसार, 'ईद के आसपास हालात और बिगड़ जाते थे — हिंसा बढ़ जाती थी, पार्टियाँ बड़ी होती थीं और उनमें अधिक लोग शामिल होते थे।'
एक तीसरी पीड़िता ने बताया, 'एक ईसाई होने के नाते अपने गले में क्रॉस पहनना मेरे लिए बहुत खास था, लेकिन उसका इस्तेमाल मुझे तोड़ने के लिए किया गया। वे चिल्लाते थे — 'अब तुम्हारा ईश्वर कहाँ है? क्या तुम्हारे ईश्वर ने तुम्हें छोड़ दिया है?'' ये सभी बयान सांसद लोव की स्वतंत्र जाँच पर आधारित बताए गए हैं।
मालवीय का विश्लेषण
अमित मालवीय ने लिखा कि ये गवाहियाँ 'बड़े पैमाने पर फैली बुराई की तस्वीर' पेश करती हैं। उन्होंने कहा, 'जिस क्रूरता का वर्णन किया गया है, उसे समझना लगभग असंभव है। बच्चों को ऐसी हिंसा का शिकार बनाया गया, जिसे शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता। उनकी गरिमा छीन ली गई, उन्हें अमानवीय बना दिया गया और जिन संस्थाओं का दायित्व उनकी रक्षा करना था, उन्होंने उन्हें बेसहारा छोड़ दिया।'
मालवीय ने यह भी कहा कि बार-बार ऐसे आरोप सामने आए हैं कि 'नस्ल, धर्म और राजनीतिक संवेदनशीलताओं के कारण अधिकारियों ने इस समस्या का ईमानदारी और दृढ़ता से सामना नहीं किया।' उनके अनुसार ये गवाहियाँ कानून प्रवर्तन एजेंसियों, सामाजिक सेवाओं और राजनीतिक नेतृत्व की सबसे गंभीर विफलताओं में से एक की ओर संकेत करती हैं।
सांसद लोव का रुख
इससे पहले, सांसद रूपर्ट लोव ने एक्स पर लिखा था कि जिन पाकिस्तानी पुरुषों ने मासूम ब्रिटिश बच्चों को पीड़ा दी है, उनके खिलाफ एक दिन ब्रिटिश राज्य की पूरी शक्ति खड़ी होगी। उन्होंने अपने संगठन 'रिस्टोर ब्रिटेन' का हवाला देते हुए कहा कि जो बच्चों के साथ दुष्कर्म करेगा, उसे उसकी पूरी कीमत चुकानी होगी। उनके इस बयान को व्यापक रूप से उद्धृत किया गया है।
आगे क्या
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब ब्रिटेन में 'ग्रूमिंग गैंग' जाँच को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। गौरतलब है कि ब्रिटेन सरकार पर पहले से ही एक राष्ट्रीय जाँच आयोग गठित करने की माँग उठती रही है। भारत में इस विषय पर BJP नेताओं की प्रतिक्रिया राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गई है।