पाकिस्तान में 2026 का पहला पोलियो मामला: चार वर्षीय बच्चे में संक्रमण की पुष्टि

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पाकिस्तान में 2026 का पहला पोलियो मामला: चार वर्षीय बच्चे में संक्रमण की पुष्टि

सारांश

पाकिस्तान में पोलियो वायरस का एक नया मामला सामने आया है। यह 2026 का पहला मामला है, जो सिंध प्रांत में एक चार वर्षीय बच्चे में पाया गया है। जानिए इस मामले के पीछे की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • पाकिस्तान में 2026 का पहला पोलियो मामला दर्ज हुआ।
  • बच्चा सिंध प्रांत के सुजावल जिले से है।
  • 53 हजार बच्चों ने पोलियो वैक्सीन लेने से मना किया।
  • 44.3 मिलियन से अधिक बच्चों को पोलियो की बूंदें दी गईं।
  • सुरक्षा कारणों से पोलियो अभियान में बाधाएं आईं।

इस्लामाबाद, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान में आज पोलियो वायरस का एक नया मामला सामने आया है। यह मामला सिंध प्रांत के सुजावल जिले में बेल्लो यूनियन काउंसिल के चार वर्षीय बच्चे में पाया गया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह 2026 का पहला वाइल्ड पोलियो वायरस केस है।

पाकिस्तान के समाचार पत्र डॉन के अनुसार, पाकिस्तान नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर फॉर पोलियो इरेडिकेशन (एनईओसी) ने पुष्टि की है कि पोलियो निगरानी नेटवर्क और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच), इस्लामाबाद ने इस मामले की जांच की है।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान ही ऐसे देश हैं, जहां वाइल्ड पोलियो वायरस अब भी मौजूद है। पाकिस्तान में पोलियो कार्यकर्ताओं पर अक्सर हमले होते रहते हैं, विशेषकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, 2026 में पाकिस्तान में पहले पोलियो अभियान के दौरान लगभग एक मिलियन बच्चों को टीका नहीं लगाया गया, जबकि 53 हजार बच्चों ने पोलियो की वैक्सीन लेने से इनकार कर दिया। पोलियो की दवा लेने से मना करने वाले बच्चों में सबसे अधिक 58 प्रतिशत बच्चे कराची के हैं।

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में 44.3 मिलियन से अधिक बच्चों को पोलियो की बूंदें दी गईं। आंकड़ों से पता चलता है कि पोलियो अभियान ने घर-घर कवरेज का 98 प्रतिशत हासिल किया, जिसमें केवल 2 प्रतिशत बच्चे छूट गए। हालांकि, जिन बच्चों को पोलियो बूंदें नहीं मिलीं, उनकी संख्या अभी भी पाकिस्तान की जनसंख्या को देखते हुए बहुत बड़ी है।

कुल मिलाकर, 2026 में चलाए गए पोलियो अभियान के दौरान 0.95 मिलियन बच्चों के छूटने की जानकारी मिली है। इनमें से अधिकांश बच्चे (0.67 मिलियन) पोलियो वैक्सीनेशन से वंचित रहे क्योंकि वे घर पर उपस्थित नहीं थे। अभियान के दौरान, 2.5 मिलियन मेहमान बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स दी गईं, जिनमें शायद उन बच्चों का एक बड़ा हिस्सा शामिल था जो वैक्सीनेशन के समय घर पर नहीं थे।

एक अधिकारी ने बताया, "सुरक्षा की समस्याएं, समुदाय का बहिष्कार और बर्फीले क्षेत्रों के कारण 233,000 बच्चे छुट गए।" उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा में 184,000 बच्चे और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) और गिलगित बाल्टिस्तान (पीओजीबी) के लगभग 50 हजार बच्चे बर्फीले इलाकों और अभियान न चलाए जाने के कारण पहुंच से बाहर रह गए।

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने बताया कि बलूचिस्तान के मस्तुंग, ग्वादर, चागाई और अवरान क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों से पोलियो उन्मूलन अभियान को स्थगित कर दिया गया था। कुल लक्षित बच्चों में से 0.14 प्रतिशत ने टीका लेने से इनकार किया, जिसमें कराची की 31 हजार अस्वीकृतियां सबसे बड़ी थीं।

बयान के अनुसार, पंजाब में 22.9 मिलियन से अधिक बच्चों को, सिंध में 10.5 मिलियन से अधिक बच्चों को, खैबर पख्तूनख्वा में 7.13 मिलियन से अधिक बच्चों को और बलूचिस्तान में 2.3 मिलियन से अधिक बच्चों को पोलियो बूंदें दी गईं।

पोलियो अभियान के दौरान, इस्लामाबाद में 455,000 से अधिक बच्चों को, पीओजीबी में लगभग 261,000 बच्चों को और पीओजेके में 673,000 से अधिक बच्चों को टीकाकरण किया गया।

Point of View

क्योंकि पाकिस्तान और अफगानिस्तान ही ऐसे देश हैं जहां वाइल्ड पोलियो वायरस अब भी मौजूद है। इस तरह के मामलों का बढ़ना न केवल स्थानीय स्वास्थ्य बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य के लिए भी खतरा है।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

पाकिस्तान में पोलियो का पहला मामला कब दर्ज हुआ?
पाकिस्तान में 2026 का पहला पोलियो मामला 5 मार्च को दर्ज हुआ।
यह मामला किस प्रांत में है?
यह मामला सिंध प्रांत के सुजावल जिले में है।
पोलियो अभियान में कितने बच्चों को वैक्सीन दी गई?
पाकिस्तान में 44.3 मिलियन से अधिक बच्चों को पोलियो की बूंदें दी गईं।
कितने बच्चों ने पोलियो की वैक्सीन लेने से मना किया?
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, 53 हजार बच्चों ने पोलियो की वैक्सीन लेने से मना कर दिया।
पोलियो वायरस के मामले में सुरक्षा की स्थिति क्या है?
पोलियो कार्यकर्ताओं पर अक्सर हमले होते हैं, जिससे अभियान प्रभावित होते हैं।
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