पाकिस्तान ने अफगानी मेडिकल-डेंटल डिग्री की मान्यता रद्द की, सैकड़ों छात्रों पर संकट
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान मेडिकल एंड डेंटल काउंसिल (PMDC) ने 4 अगस्त 2026 को एक अहम फैसले में अफगानिस्तान के उच्च शिक्षा संस्थानों से प्राप्त मेडिकल और डेंटल डिग्रियों को रजिस्ट्रेशन, लाइसेंसिंग और प्रोफेशनल प्रैक्टिस के लिए स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। इस फैसले से अफगान विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे पाकिस्तानी मेडिकल छात्रों के भविष्य पर गहरा सवालिया निशान लग गया है।
PMDC का फैसला और उसकी वजह
PMDC ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि केवल वे पाकिस्तानी नागरिक ही प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक मूल्यांकन प्रक्रिया से गुजर सकेंगे, जिन्होंने पाकिस्तान के अनुमोदित मान्यता प्रणाली के तहत सूचीबद्ध विदेशी संस्थानों से डिग्री हासिल की हो। काउंसिल ने यह भी स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान के मेडिकल और डेंटल संस्थान पाकिस्तान की मान्यता-प्राप्त विदेशी विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल नहीं हैं।
गौरतलब है कि अफगान विश्वविद्यालयों में पाकिस्तानी छात्रों की तादाद इसलिए बढ़ी थी क्योंकि वहाँ फीस अपेक्षाकृत कम है और अन्य विदेशी गंतव्यों की तुलना में प्रवेश प्रक्रिया सरल है।
छात्रों में बढ़ी चिंता
PMDC के इस निर्णय से उन पाकिस्तानी छात्रों में गहरी बेचैनी फैल गई है जो इस समय अफगान विश्वविद्यालयों में मेडिकल की पढ़ाई जारी रखे हुए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इन छात्रों को अब यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी डिग्री पूरी होने के बाद वे पाकिस्तान में प्रैक्टिस कर पाएंगे या नहीं। यह निर्णय अचानक आया है और छात्रों को कोई स्पष्ट संक्रमण अवधि या वैकल्पिक रास्ता नहीं बताया गया है।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव की पृष्ठभूमि
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इस्लामाबाद और काबुल के बीच संबंध अत्यंत तनावपूर्ण हैं। पाकिस्तान ने बार-बार तालिबान पर आरोप लगाया है कि वह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे सशस्त्र संगठनों को अफगान धरती से ऑपरेट करने से नहीं रोक रहा। तालिबान अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज किया है।
सीमा पर बार-बार गोलीबारी और आम नागरिकों के हताहत होने की घटनाओं ने दोनों देशों के बीच खाई और गहरी कर दी है। यह ऐसे समय में है जब द्विपक्षीय राजनयिक संवाद भी लगभग ठप है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट: सीमा पर नागरिक हताहत
28 जुलाई 2026 को अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 1 अप्रैल से 30 जून 2026 के बीच सीमा पार सशस्त्र हिंसा में 57 नागरिक मारे गए और 342 अन्य घायल हुए। UNAMA ने कहा कि इन हताहतों की मुख्य वजह हवाई हमले और जमीनी लड़ाई रही।
UNAMA के अपडेट के अनुसार, मरने वालों में 112 बच्चे (26 मृत, 86 घायल) और 40 महिलाएँ (6 मृत, 34 घायल) शामिल हैं। UNAMA ने अपने बयान में कहा: 'पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा 28 जून को पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में किए गए हवाई हमलों में सबसे अधिक आम नागरिक मारे गए, इसके बाद 27 से 29 अप्रैल के बीच कुनार प्रांत में गोलाबारी हुई।' अफगानिस्तान में सीमा पार हुई सभी नागरिक मौतों के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को जिम्मेदार ठहराया गया है।
आगे क्या होगा
PMDC के इस निर्णय के बाद अफगान विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे पाकिस्तानी छात्रों के पास फिलहाल कोई स्पष्ट विकल्प नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम शुद्ध रूप से शैक्षणिक नहीं, बल्कि व्यापक राजनयिक तनाव का हिस्सा है। जब तक दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य नहीं होते, इन छात्रों की स्थिति अनिश्चित बनी रहेगी।