गाजा में स्वास्थ्य प्रणाली ध्वस्त होने की कगार पर, वेस्ट बैंक में रोज़ाना हमले: फिलिस्तीनी राजदूत अबू शवेश
सारांश
मुख्य बातें
फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शवेश ने नई दिल्ली में 13 अगस्त 2026 को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गाजा और वेस्ट बैंक की बिगड़ती मानवीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन की पूरी स्वास्थ्य प्रणाली ध्वस्त होने की कगार पर है और 2026 में अब तक सैकड़ों फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।
भारत के स्वतंत्रता संघर्ष से प्रेरणा
राजदूत अबू शवेश ने कहा कि भारत का स्वतंत्रता दिवस फिलिस्तीनियों के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना भारतीयों के लिए। उन्होंने कहा, 'फिलिस्तीनी लोग बहुत पहले भारत के स्वतंत्रता संघर्ष से प्रेरित थे। हम जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी और भगत सिंह से प्रेरणा लेते रहे हैं। एक दिन हम भी भारत की तरह आज़ादी हासिल करेंगे।'
स्वास्थ्य संकट की गंभीर तस्वीर
राजदूत ने फिलिस्तीन में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का विस्तृत ब्यौरा दिया। उनके अनुसार, हज़ारों सर्जरी अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई हैं और सैकड़ों प्रकार की दवाओं तथा चिकित्सा आपूर्ति की भारी कमी है। उन्होंने बताया कि लगभग दो महीने पहले ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि 11,000 से अधिक सर्जरी पहले ही स्थगित हो चुकी थीं — और स्थिति तब से और बिगड़ी है।
संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी और राजनीतिक कार्रवाई की माँग
मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के डिप्टी स्पेशल कोऑर्डिनेटर की हालिया ब्रीफिंग का हवाला देते हुए अबू शवेश ने कहा कि जमीनी हकीकत बदलने के लिए केवल चेतावनियाँ पर्याप्त नहीं हैं — ठोस राजनीतिक कार्रवाई ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी वेस्ट बैंक में बिगड़ती स्थिति का वर्णन तो कर सकते हैं, परंतु बिना राजनीतिक इच्छाशक्ति के हालात नहीं बदलेंगे।
वेस्ट बैंक और गाजा में हिंसा की स्थिति
राजदूत ने बताया कि 2026 में अब तक गाजा और वेस्ट बैंक दोनों में सैकड़ों फिलिस्तीनी मारे गए हैं। उन्होंने कहा, 'वेस्ट बैंक में, जहाँ न हमास है और न कोई युद्ध, फिलिस्तीनी लोग प्रतिदिन दर्जनों हमलों का सामना कर रहे हैं।' उन्होंने इन हमलों को 'आतंकी हमले' की संज्ञा दी और कहा कि यही शब्दावली इज़राइल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने भी इस्तेमाल की है। गाजा पट्टी में, उनके अनुसार, कोई वास्तविक युद्धविराम लागू नहीं है और कई बच्चे भी इस हिंसा में मारे गए हैं।
आगे की राह
राजदूत अबू शवेश ने स्पष्ट किया कि फिलिस्तीन की पूरी स्थिति को बयान करने में दस घंटे से भी अधिक समय लगेगा — इतनी गहरी और व्यापक है यह त्रासदी। उनके बयान ऐसे समय में आए हैं जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर गाजा में स्थायी युद्धविराम और मानवीय सहायता की बहाली के लिए दबाव बढ़ता जा रहा है। फिलिस्तीनी नेतृत्व ने संकेत दिया है कि जब तक ठोस राजनीतिक कदम नहीं उठाए जाते, मानवीय संकट और गहराता रहेगा।