ब्रिक्स गाला डिनर: PM मोदी ने भारत मंडपम में विश्व नेताओं को परोसे भारतीय शाकाहारी व्यंजन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 सितंबर 2026 को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्षों, प्रतिनिधिमंडलों और विशिष्ट अतिथियों के लिए भव्य गाला डिनर का आयोजन किया। इस कूटनीतिक भोज में भारत की विविध पाक परंपराओं को प्रदर्शित करने वाला एक विशेष शाकाहारी मेन्यू परोसा गया, जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक स्वादों को आधुनिक प्रस्तुति में पेश किया गया।
स्टार्टर में गुजराती-लखनवी स्वाद का अनूठा मेल
गाला डिनर की शुरुआत दो विशिष्ट स्टार्टर्स से हुई। पहला व्यंजन खंडवी मिले-फॉय था — बेसन से तैयार स्टीम्ड खंडवी को सरसों, नारियल और करी पत्ते के तड़के के साथ केसर आम, माइक्रोग्रीन्स और योगर्ट ड्रेसिंग के संग परोसा गया। दूसरे स्टार्टर खुंब गलौटी में तवे पर ग्रिल किए गए मशरूम कबाब को मिंट पर्ल्स और शीरमल ब्रेड के साथ पेश किया गया। यह संयोजन गुजरात की खंडवी और लखनऊ की गलौटी परंपरा का एक कूटनीतिक मेल था।
मुख्य भोजन में हिमालय से दक्षिण भारत तक का सफ़र
मेन कोर्स में भारतीय रसोई की समृद्धि पूरी तरह झलकी। मेन्यू में पनीर लबाबदार, गुच्छी मार्मिक (हिमालयी गुच्छी मशरूम और एस्पेरेगस को केसर, किशमिश और ममरा बादाम के साथ तैयार किया गया), कैरट बीन पोरियाल, ठक्काली बेले सारू (अरहर दाल और टमाटर से बना दक्षिण भारतीय शैली का हल्का सूप), मिलेट पुलाव, बीटरूट रायता और विभिन्न प्रकार की भारतीय रोटियाँ शामिल थीं। गौरतलब है कि मिलेट पुलाव को मेन्यू में शामिल करना भारत सरकार की मोटे अनाज (मिलेट्स) को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने की पहल के अनुरूप है — भारत की पहल पर ही संयुक्त राष्ट्र ने 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया था।
डेज़र्ट में पुरानी दिल्ली की मिठास
मिष्ठान में मेहमानों को पुरानी दिल्ली की गलियों के लोकप्रिय स्वाद से प्रेरित ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम विद जलेबी परोसी गई, जिसमें मौसमी फलों और हल्की व्हिप्ड क्रीम के साथ कुरकुरी जलेबी का संयोजन था। इसके अलावा शहतूत फिरनी भी पेश की गई, जिसे धीमी आंच पर दूध और चावल से तैयार कर मीठे शहतूत और गोल्ड लीफ़ से सजाया गया था। यह डेज़र्ट मुग़लई मिठाइयों की दिल्ली की सदियों पुरानी विरासत का प्रतिनिधित्व करता था।
कूटनीतिक मेजबानी में 'फ़ूड डिप्लोमेसी' का संदेश
यह गाला डिनर सिर्फ़ एक औपचारिक भोज नहीं, बल्कि भारत की 'फ़ूड डिप्लोमेसी' का एक सोचा-समझा प्रदर्शन था। पूरी तरह शाकाहारी मेन्यू रखकर भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी सांस्कृतिक पहचान और टिकाऊ खाद्य परंपराओं को रेखांकित किया। यह ऐसे समय में आया है जब ब्रिक्स का विस्तार हो चुका है और भारत इस समूह में अपनी नेतृत्वकारी भूमिका को और मज़बूत करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
शिखर सम्मेलन के अगले दिनों में व्यापार, सुरक्षा और बहुपक्षीय सहयोग पर महत्त्वपूर्ण वार्ताएँ अपेक्षित हैं, जहाँ भारत की अध्यक्षता में कई अहम एजेंडा तय किए जाने की संभावना है।