26 जून 2026
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PM मोदी ने रानी मैक्सिमा से की मुलाकात, जन धन से UPI तक भारत के डिजिटल वित्तीय समावेशन पर हुई चर्चा

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PM मोदी ने रानी मैक्सिमा से की मुलाकात, जन धन से UPI तक भारत के डिजिटल वित्तीय समावेशन पर हुई चर्चा

सारांश

नई दिल्ली में PM मोदी और नीदरलैंड्स की महारानी मैक्सिमा की मुलाकात महज़ शिष्टाचार नहीं थी — यह भारत के DPI मॉडल की वैश्विक स्वीकृति का संकेत है। जन धन से UPI तक की यात्रा अब दुनिया के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बन रही है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 26 जून 2025 को नई दिल्ली में नीदरलैंड्स की महारानी मैक्सिमा से मुलाकात की।
महारानी मैक्सिमा UNSGSA (संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वित्तीय स्वास्थ्य विशेष प्रतिनिधि) की भूमिका में भारत आई हैं।
बैठक में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर , जन धन योजना और UPI के ज़रिए वित्तीय समावेशन की उपलब्धियों पर चर्चा हुई।
महारानी ने जन धन योजना के लाभार्थियों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव समझे।
PM मोदी ने पिछले महीने नीदरलैंड्स दौरे में भी महारानी मैक्सिमा और राजा विलेम-अलेक्जेंडर से मुलाकात की थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जून 2025 को नई दिल्ली में नीदरलैंड्स की महारानी मैक्सिमा से मुलाकात की, जिसमें भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) आधारित बदलाव और वित्तीय सेवाओं को करोड़ों लोगों तक सुलभ बनाने की यात्रा पर विस्तृत चर्चा हुई। महारानी मैक्सिमा इस दौरे पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वित्तीय स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रतिनिधि (UNSGSA) की भूमिका में भारत आई हैं।

बैठक में क्या हुई चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'नीदरलैंड्स की महामहिम रानी मैक्सिमा से मिलकर खुशी हुई। वह लंबे समय से दुनिया भर में वित्तीय समावेशन की समर्थक रही हैं।' उन्होंने बताया कि बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि किस प्रकार भारत का DPI-आधारित ढाँचा वित्तीय सेवाओं को अधिक सुलभ और किफायती बना रहा है, जिससे लोगों की 'जीवन को आसान बनाने' में मदद मिल रही है।

मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अपने डिजिटल वित्तीय समावेशन के अनुभव को दुनिया भर के साझेदार देशों के साथ साझा करने के लिए सदैव तत्पर है।

महारानी मैक्सिमा का भारत दौरा

बुधवार, 25 जून को विदेश मंत्रालय (MEA) ने महारानी मैक्सिमा का औपचारिक स्वागत किया। मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि यह दौरा वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है और भारत के DPI अनुभव से सीखकर उसे समावेशी व टिकाऊ विकास के लिए उपयोग करने पर केंद्रित है।

UNSGSA ने अपने दौरे के दौरान विभिन्न पृष्ठभूमियों के नागरिकों से सीधे संवाद किया और वित्तीय सेवाओं के उपयोग से जुड़े उनके व्यक्तिगत अनुभव एवं चुनौतियाँ समझीं। UNSGSA की एक्स पोस्ट के अनुसार, इन संवादों से प्राप्त जानकारी उनकी आगामी बैठकों में — जिनमें निजी और सरकारी क्षेत्र के नेताओं से मुलाकात शामिल है — काम आएगी।

जन धन योजना के लाभार्थियों से मुलाकात

महारानी मैक्सिमा ने भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जन धन योजना के लाभार्थियों से भी भेंट की। यह योजना देश के वंचित और कम आय वर्ग के नागरिकों को सस्ती बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। गौरतलब है कि जन धन योजना के तहत अब तक देश में 50 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं, जो वैश्विक वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जाती है।

भारत-नीदरलैंड्स संबंधों का संदर्भ

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले महीने नीदरलैंड्स की राजकीय यात्रा के दौरान महारानी मैक्सिमा और राजा विलेम-अलेक्जेंडर से मिले थे। उस यात्रा में मोदी ने महारानी को मीनाकारी और कुंदन के झुमके उपहारस्वरूप भेंट किए थे — ये दोनों राजस्थान की प्रसिद्ध आभूषण कला परंपराएँ हैं। यह द्विपक्षीय संपर्क का एक सातत्य है जो डिजिटल वित्त और वैश्विक विकास लक्ष्यों के इर्द-गिर्द गहरा हो रहा है।

आगे की राह

महारानी मैक्सिमा के इस दौरे से यह संकेत मिलता है कि वैश्विक स्तर पर भारत के DPI मॉडल — जिसमें UPI, आधार और डिजिलॉकर जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं — को एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में भारत के इस अनुभव को विकासशील देशों के साथ साझा करने की दिशा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि जन धन खातों की संख्या और वास्तविक वित्तीय उपयोग के बीच अभी भी उल्लेखनीय अंतर है। करोड़ों खाते निष्क्रिय रहने की चुनौती बनी हुई है। वैश्विक मंच पर DPI को 'निर्यात योग्य मॉडल' के रूप में प्रस्तुत करना कूटनीतिक रूप से लाभकारी है, परंतु घरेलू स्तर पर अंतिम छोर तक डिजिटल साक्षरता और कनेक्टिविटी की कमी एक अनसुलझी वास्तविकता है। असली कसौटी यह है कि क्या यह साझेदारी केवल प्रतीकात्मक रहती है या विकासशील देशों में DPI के ठोस क्रियान्वयन में भारत की भूमिका सुनिश्चित होती है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी और रानी मैक्सिमा की मुलाकात किस विषय पर हुई?
26 जून 2025 को नई दिल्ली में हुई इस मुलाकात में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) — जिसमें जन धन योजना, UPI और आधार शामिल हैं — के ज़रिए वित्तीय सेवाओं को आम लोगों तक पहुँचाने की उपलब्धियों पर चर्चा हुई। PM मोदी ने कहा कि भारत यह अनुभव वैश्विक साझेदार देशों के साथ साझा करने को तैयार है।
रानी मैक्सिमा UNSGSA के रूप में भारत क्यों आई हैं?
महारानी मैक्सिमा संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वित्तीय स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रतिनिधि (UNSGSA) की भूमिका में भारत आई हैं। इस दौरे का उद्देश्य भारत के वित्तीय समावेशन मॉडल को समझना और उसे वैश्विक विकास लक्ष्यों के लिए उपयोग में लाना है।
जन धन योजना क्या है और रानी मैक्सिमा ने इसके बारे में क्या जाना?
प्रधानमंत्री जन धन योजना भारत सरकार की वह पहल है जिसके तहत वंचित नागरिकों को सस्ती बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जोड़ा गया है। महारानी मैक्सिमा ने इस योजना के लाभार्थियों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और वित्तीय चुनौतियाँ समझीं।
भारत और नीदरलैंड्स के बीच हाल में और क्या संपर्क हुए हैं?
PM मोदी ने पिछले महीने नीदरलैंड्स की राजकीय यात्रा के दौरान महारानी मैक्सिमा और राजा विलेम-अलेक्जेंडर से मुलाकात की थी। उस यात्रा में मोदी ने महारानी को राजस्थान की परंपरागत मीनाकारी और कुंदन के झुमके उपहार में दिए थे।
भारत का DPI मॉडल वैश्विक स्तर पर क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है?
भारत का DPI मॉडल — जिसमें UPI, आधार और डिजिलॉकर शामिल हैं — ने कम लागत में बड़े पैमाने पर वित्तीय समावेशन हासिल किया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह मॉडल अन्य विकासशील देशों के लिए समावेशी और टिकाऊ विकास का एक अनुकरणीय उदाहरण बन रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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