पीटीआई विधायक फतेह-उल-मुल्क की गिरफ्तारी पर चितराल में उबाल, '27 सितंबर मार्च' बरकरार
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के विधायक फतेह-उल-मुल्क अली नासिर की इस्लामाबाद में गिरफ्तारी के विरोध में 22 सितंबर 2026 को लोअर चितराल में सैकड़ों पीटीआई कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और उनकी तत्काल एवं बिना शर्त रिहाई की माँग की। प्रदर्शनकारियों ने इस कार्रवाई को 'तानाशाही और फासीवाद का बेहद खराब उदाहरण' बताया। यह विरोध ऐसे समय सामने आया है जब पीटीआई और पाकिस्तानी सरकार के बीच तनाव अपने चरम पर है।
मुख्य घटनाक्रम
पाकिस्तानी अंग्रेजी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को लोअर चितराल में प्रदर्शन का नेतृत्व सीनेटर फलक नाज और पार्टी के स्थानीय नेताओं ने किया। प्रदर्शनकारी नारे लगाते हुए चितराल प्रेस क्लब पहुँचे, जहाँ पीटीआई नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नासिर की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की।
पीटीआई नेताओं ने कहा, 'नासिर को इस्लामाबाद में हिरासत में लिया गया है, लेकिन उनकी गिरफ्तारी स्वीकार नहीं की जाएगी।' नेताओं के अनुसार, नासिर चितराल के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और उनके विरुद्ध की गई यह कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। हालाँकि इन आरोपों पर पाकिस्तान सरकार की ओर से तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
चितराल के प्रतिनिधित्व का संकट
पीटीआई नेताओं ने बताया कि चितराल से एमएनए (संसद सदस्य) अब्दुल लतीफ पहले से ही 9 मई की घटनाओं से जुड़े कथित मामलों में जेल में बंद हैं। अब विधायक नासिर की भी गिरफ्तारी के बाद नेताओं ने दुख जताया कि चितराल के लोगों का विधानसभा और संसद — दोनों में कोई प्रतिनिधित्व नहीं बचा है।
वक्ताओं ने इलाके के नेताओं को 'सुनियोजित तरीके से राजनीतिक निशाना बनाए जाने' पर गहरी आपत्ति जताई और कहा कि चितराल की जनता इस तरह की मनमानी कभी स्वीकार नहीं करेगी।
व्यापक दमन का आरोप
गौरतलब है कि इस्लामाबाद में पीटीआई के कई सांसदों और कार्यकर्ताओं को संसद भवन परिसर तथा उसके आसपास से हिरासत में लिए जाने की खबरें आई हैं। पार्टी के दावे के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री एवं पीटीआई संस्थापक इमरान खान की तीन बहनों — अलीमा, नूरीन और उज्मा — को भी 30 दिन की हिरासत में भेजा गया है।
रावलपिंडी में भी पीटीआई कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है। पुलिस के अनुसार, पिछले दो दिनों में 41 पीटीआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है।
27 सितंबर का इस्लामाबाद मार्च
गिरफ्तारियों की लहर के बावजूद पीटीआई ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद में प्रस्तावित विरोध मार्च को जारी रखने का फैसला किया है। पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान ने दावा किया कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है और सरकार से अपना रुख बदलने की अपील की है। चितराल के पीटीआई नेताओं ने भी इस मार्च में बड़ी तादाद में शामिल होने की बात कही।
पीटीआई ने इस मार्च को शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक अधिकार बताया है और जेल में बंद इमरान खान की रिहाई को इसका मुख्य एजेंडा घोषित किया है। वहीं, सरकार ने राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न मार्गों पर प्रतिबंध एवं अन्य सुरक्षा उपायों की तैयारी की है।
आगे क्या
पाकिस्तान की राजनीति इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। 27 सितंबर का मार्च या तो पीटीआई के संगठनात्मक बल की परीक्षा होगी या सरकार की दमन-नीति की सीमा का पर्दाफाश करेगा। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है।