द्वितीय विश्व युद्ध: 82 साल बाद अमेरिकी नौसेना एयरमैन रॉबर्ट सायर जूनियर का पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

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द्वितीय विश्व युद्ध: 82 साल बाद अमेरिकी नौसेना एयरमैन रॉबर्ट सायर जूनियर का पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

सारांश

82 साल की प्रतीक्षा, एक माँ का अटूट विश्वास, और समुद्र की गहराइयों में दबी पहचान — रॉबर्ट सायर जूनियर की कहानी सिर्फ एक सैनिक की नहीं, बल्कि उस पीड़ा की है जो युद्ध परिवारों पर पीढ़ियों तक थोपता है। DPAA की अथक कोशिशों ने आखिरकार एक परिवार को उसका जवाब दिया।

मुख्य बातें

रॉबर्ट सायर जूनियर 22 जनवरी 1944 को वानुआतु के सेगोंड चैनल में सीप्लेन दुर्घटना में लापता हुए थे, तब वे मात्र 19 वर्ष के थे।
जुलाई 2022 में सीलार्क एक्सप्लोरेशन ने मलबे का पता लगाया; 2024-2025 में कॉसमॉस आर्कियोलॉजी ने खुदाई की।
माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए और मानवविज्ञान विश्लेषण से अवशेषों की पहचान की पुष्टि हुई।
2 मई 2025 को क्लियरवॉटर में ईसाई रीति-रिवाज और पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
सायर को पर्पल हार्ट , कॉम्बैट एक्शन रिबन और वर्ल्ड वॉर II विक्ट्री मेडल से सम्मानित किया गया था।
नेशनल मेमोरियल सेमेट्री ऑफ द पैसिफिक में उनके नाम के साथ अब रोसेट जोड़ा जाएगा।

अमेरिकी नौसेना के एयरमैन रॉबर्ट सायर जूनियर, जो 22 जनवरी 1944 को दक्षिण प्रशांत में एक सीप्लेन दुर्घटना के बाद लापता हो गए थे, को 82 साल बाद डीएनए पहचान के बाद 2 मई 2025 को क्लियरवॉटर में पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके अवशेषों की पहचान माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए और मानवविज्ञान विश्लेषण के जरिए हुई, जो एक दशकों लंबी खोज का सफल समापन है।

हादसे का वह काला दिन

22 जनवरी 1944 को रॉबर्ट सायर जूनियर और उनके आठ साथी एक सीप्लेन में सवार थे, जो टेकऑफ के दौरान वानुआतु के सेगोंड चैनल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में तीन लोग जीवित बचे और चार के शव तुरंत बरामद किए गए। उस समय मात्र 19 वर्ष के सायर और एक अन्य साथी लंबे समय तक लापता रहे, और उनके परिजनों के लिए अनिश्चितता का एक अंतहीन सिलसिला शुरू हो गया।

दशकों बाद मिला सुराग

जुलाई 2022 में सीलार्क एक्सप्लोरेशन के शोधकर्ताओं और गोताखोरों ने डिफेंस पीओडब्ल्यू/एमआईए अकाउंटिंग एजेंसी (DPAA) के अनुरोध पर इस विमान मलबे का पता लगाया। इसके बाद कॉसमॉस आर्कियोलॉजी ने 2024 और 2025 में साइट की खुदाई की, जिसमें संभावित मानव अवशेष और हड्डियों के नमूने प्राप्त हुए। इन नमूनों का माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए और मानवविज्ञान विश्लेषण करने पर पुष्टि हुई कि ये अवशेष रॉबर्ट सायर जूनियर के ही हैं।

पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

2 मई 2025 को क्लियरवॉटर में ईसाई रीति-रिवाज से उनका अंतिम संस्कार किया गया। अमेरिकी ध्वज में लिपटे ताबूत, बंदूक सलामी और 'Taps' की धुन के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। गौरतलब है कि उनके माता-पिता और बहन — जो उनकी प्रतीक्षा करते-करते इस दुनिया से विदा हो चुके थे — इस अंतिम संस्कार में उपस्थित नहीं हो सके। उनकी भांजी चिकी गोल्ड ने बताया कि सायर की माँ को हमेशा विश्वास था कि उनका बेटा कहीं न कहीं जीवित या मौजूद है।

परिवार की भावना और विरासत

उनके बेटे डॉन टीग ने कहा कि यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि इतने वर्षों बाद भी खोज प्रयास जारी रहते हैं। फिलाडेल्फिया में जन्मे और हार्टफोर्ड में पले-बढ़े सायर ने मात्र 17 साल की उम्र में नौसेना ज्वाइन की थी। उन्होंने दक्षिण-पश्चिम प्रशांत क्षेत्र में 1,12,000 मील से अधिक की गश्ती उड़ानें भरी थीं और सोलोमन द्वीपों की लड़ाई को आसमान से देखा था।

सम्मान और स्मारक

सायर को उनके सैन्य योगदान के लिए पर्पल हार्ट, कॉम्बैट एक्शन रिबन और वर्ल्ड वॉर II विक्ट्री मेडल से सम्मानित किया गया था। उनका नाम नेशनल मेमोरियल सेमेट्री ऑफ द पैसिफिक में 'मिसिंग' सूची में दर्ज था। अब उनके नाम के साथ एक रोसेट जोड़ा जाएगा, जो यह दर्शाएगा कि उनकी पहचान सफलतापूर्वक हो चुकी है। यह घटना DPAA जैसी एजेंसियों के अथक प्रयासों की गवाह है, जो आज भी युद्ध में लापता सैनिकों को उनके परिजनों तक पहुँचाने का काम जारी रखे हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह उस प्रश्न को भी उठाती है कि युद्ध की कीमत परिवारों को पीढ़ियों तक कैसे चुकानी पड़ती है — सायर की माँ अपने बेटे की प्रतीक्षा करते हुए इस दुनिया से चली गईं। DPAA जैसी एजेंसियों का यह काम सराहनीय है, लेकिन यह भी विचारणीय है कि अभी भी हज़ारों ऐसे सैनिक हैं जिनकी पहचान नहीं हो पाई है। यह घटना युद्ध की मानवीय कीमत और राष्ट्रीय जवाबदेही की याद दिलाती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रॉबर्ट सायर जूनियर कौन थे?
रॉबर्ट सायर जूनियर अमेरिकी नौसेना के एयरमैन थे, जो 22 जनवरी 1944 को वानुआतु के सेगोंड चैनल में सीप्लेन दुर्घटना के बाद लापता हो गए थे। फिलाडेल्फिया में जन्मे और हार्टफोर्ड में पले-बढ़े सायर ने मात्र 17 साल की उम्र में नौसेना ज्वाइन की थी।
उनके अवशेषों की पहचान कैसे हुई?
जुलाई 2022 में सीलार्क एक्सप्लोरेशन ने DPAA के अनुरोध पर मलबे का पता लगाया और 2024-2025 में कॉसमॉस आर्कियोलॉजी ने खुदाई की। प्राप्त अवशेषों की माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए और मानवविज्ञान विश्लेषण के जरिए पहचान की पुष्टि की गई।
अंतिम संस्कार कब और कहाँ हुआ?
2 मई 2025 को क्लियरवॉटर में ईसाई रीति-रिवाज और पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। समारोह में अमेरिकी ध्वज में लिपटा ताबूत, बंदूक सलामी और 'Taps' की धुन शामिल थी।
DPAA क्या काम करती है?
डिफेंस पीओडब्ल्यू/एमआईए अकाउंटिंग एजेंसी (DPAA) अमेरिकी रक्षा विभाग की वह एजेंसी है जो युद्ध में लापता अमेरिकी सैनिकों की पहचान और उनके परिजनों तक उनके अवशेष पहुँचाने का काम करती है।
सायर को कौन से सैन्य सम्मान मिले थे?
रॉबर्ट सायर जूनियर को पर्पल हार्ट, कॉम्बैट एक्शन रिबन और वर्ल्ड वॉर II विक्ट्री मेडल से सम्मानित किया गया था। उनका नाम नेशनल मेमोरियल सेमेट्री ऑफ द पैसिफिक में 'मिसिंग' सूची में दर्ज था, जहाँ अब उनके नाम के साथ रोसेट जोड़ा जाएगा।
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