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जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस पर हमले में दो अमेरिकी सैनिक शहीद, पेंटागन ने की पहचान

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जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस पर हमले में दो अमेरिकी सैनिक शहीद, पेंटागन ने की पहचान

सारांश

जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस पर 17 जुलाई को हुए दुश्मन के हमले में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए — 25 वर्षीय फर्स्ट लेफ्टिनेंट टायलर फीहान और 19 वर्षीय प्राइवेट इसाबेला गोंजालेस। पेंटागन ने सोमवार को पहचान की पुष्टि की; हमलावर की जिम्मेदारी अभी अज्ञात है।

मुख्य बातें

जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस पर 17 जुलाई को हुए हमले में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए।
फर्स्ट लेफ्टिनेंट टायलर जेम्स फीहान (25 वर्ष) की मौत 18 जुलाई को और प्राइवेट इसाबेला गोंजालेस (19 वर्ष) की मौत 17 जुलाई को हुई।
दोनों 'ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व' के तहत एयर डिफेंस यूनिटों में तैनात थे।
अमेरिकी युद्ध विभाग (पेंटागन) ने 20 जुलाई को आधिकारिक पहचान जारी की।
हमले की जिम्मेदारी और तरीके का अभी तक खुलासा नहीं; जाँच जारी है।

जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस पर 17 जुलाई को हुए दुश्मन के हमले में 'ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व' में तैनात अमेरिकी सेना के दो सक्रिय सैनिकों की मौत हो गई। अमेरिकी युद्ध विभाग (पेंटागन) ने 20 जुलाई, सोमवार को इन सैनिकों की आधिकारिक पहचान जारी की — यह इस हमले में मारे गए जवानों की पहली सरकारी पुष्टि थी।

शहीद सैनिकों की पहचान

युद्ध विभाग के बयान के अनुसार, हवाई के ईवा बीच निवासी 25 वर्षीय फर्स्ट लेफ्टिनेंट टायलर जेम्स फीहान और टेक्सास के कैरोलटन निवासी 19 वर्षीय प्राइवेट इसाबेला गोंजालेस इस हमले में मारे गए। गोंजालेस की मौत हमले वाले दिन यानी 17 जुलाई को ही हुई, जबकि फीहान ने 18 जुलाई को अंतिम साँस ली। विभाग ने पुष्टि की कि दोनों की मौत ड्यूटी के दौरान हुई।

सैनिकों की यूनिट और जिम्मेदारी

फीहान दूसरी बटालियन, 55वें एयर डिफेंस आर्टिलरी रेजिमेंट में तैनात थे, जो नॉर्थ कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग स्थित 32वें आर्मी एयर एंड मिसाइल डिफेंस कमांड के अंतर्गत आती है। गोंजालेस पहली बटालियन, 57वें एयर डिफेंस आर्टिलरी रेजिमेंट में थीं, जो जर्मनी के एन्सबैक में स्थित 10वें आर्मी एयर एंड मिसाइल डिफेंस कमांड के तहत 52वें एयर डिफेंस आर्टिलरी ब्रिगेड का हिस्सा है। दोनों एयर डिफेंस यूनिटों में कार्यरत थे, जिनका प्रमुख दायित्व सैनिकों, सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण संसाधनों को हवाई हमलों से सुरक्षित रखना होता है।

हमले की परिस्थितियाँ अभी अज्ञात

युद्ध विभाग ने अभी तक यह नहीं बताया कि हमला किसने किया और किस तरीके से किया गया। विभाग के अनुसार घटना की जाँच जारी है। जॉर्डन में उनकी विशेष जिम्मेदारी और तैनाती की अवधि के बारे में भी कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस और क्षेत्रीय संदर्भ

मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस जॉर्डन का एक प्रमुख सैन्य ठिकाना है, जहाँ क्षेत्रीय अभियानों के तहत अमेरिकी और सहयोगी देशों की सेनाएँ लंबे समय से तैनात रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब जॉर्डन अमेरिका का दीर्घकालिक सुरक्षा सहयोगी है और इस्लामिक स्टेट संगठन (ISIS) के विरुद्ध चल रहे अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का सक्रिय हिस्सा भी रहा है। गौरतलब है कि 'ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व' वर्ष 2014 से ISIS के खिलाफ चल रहा अमेरिका नेतृत्व वाला सैन्य अभियान है, जिसमें मध्य पूर्व के कई देशों में अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।

आगे क्या होगा

पेंटागन ने संकेत दिया है कि जाँच पूरी होने पर हमले की प्रकृति और जिम्मेदारी के बारे में अधिक जानकारी साझा की जाएगी। इस घटना ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस को तेज कर दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब 'ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व' एक दशक से अधिक समय से सक्रिय है और ISIS के कमजोर पड़ने के बावजूद क्षेत्रीय अस्थिरता बनी हुई है। पेंटागन का हमलावर की पहचान न बताना सोची-समझी रणनीतिक चुप्पी हो सकती है, लेकिन यह जवाबदेही के सवाल भी उठाता है। दो एयर डिफेंस विशेषज्ञों की मौत — जिनका काम खुद बचाव करना था — यह संकेत देती है कि ठिकाने की सुरक्षा में गंभीर चूक हुई है, जिसकी स्वतंत्र समीक्षा जरूरी है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस पर हमले में कौन से अमेरिकी सैनिक मारे गए?
हमले में फर्स्ट लेफ्टिनेंट टायलर जेम्स फीहान (25 वर्ष, हवाई) और प्राइवेट इसाबेला गोंजालेस (19 वर्ष, टेक्सास) मारे गए। दोनों 'ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व' के तहत एयर डिफेंस यूनिटों में तैनात थे।
जॉर्डन एयरबेस हमला कब हुआ और कब पुष्टि हुई?
हमला 17 जुलाई को हुआ था। अमेरिकी युद्ध विभाग ने 20 जुलाई, सोमवार को दोनों सैनिकों की आधिकारिक पहचान सार्वजनिक की।
जॉर्डन हमले की जिम्मेदारी किसने ली?
अमेरिकी युद्ध विभाग ने अभी तक यह नहीं बताया कि हमला किसने किया या किस तरीके से किया गया। घटना की जाँच जारी है और आगे जानकारी साझा किए जाने की उम्मीद है।
'ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व' क्या है?
यह 2014 में शुरू हुआ अमेरिका नेतृत्व वाला अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभियान है, जिसका लक्ष्य इस्लामिक स्टेट (ISIS) को मध्य पूर्व में कमजोर करना है। इसके तहत जॉर्डन सहित कई देशों में अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस कहाँ है और इसका क्या महत्व है?
मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस जॉर्डन का एक प्रमुख सैन्य ठिकाना है, जहाँ क्षेत्रीय अभियानों के तहत अमेरिकी और सहयोगी देशों की सेनाएँ तैनात रही हैं। जॉर्डन अमेरिका का दीर्घकालिक सुरक्षा सहयोगी है और ISIS-विरोधी गठबंधन का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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