मार्को रुबियो हाउस उपसमिति में 'अमेरिका फर्स्ट' विदेश नीति का करेंगे बचाव, बजट प्रस्ताव पेश
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार, 3 जून 2026 को हाउस एप्रोप्रिएशन्स उपसमिति — जो राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश विभाग और संबंधित कार्यक्रमों की देखरेख करती है — के समक्ष विदेश विभाग का बजट प्रस्ताव पेश करेंगे। इस सुनवाई में वह विदेश सहायता, कूटनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा में किए गए व्यापक बदलावों का बचाव करते हुए यह तर्क रखेंगे कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी विदेश नीति अब पूरी तरह अमेरिकी हितों को केंद्र में रखकर संचालित हो रही है।
भाषण का मुख्य तर्क
रुबियो के पहले से तैयार भाषण के अनुसार, वह उपसमिति को बताएंगे कि ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी विदेश नीति को उसके 'मूल मकसद' पर वापस लाया है। उनके शब्दों में, 'हम मानते हैं कि अमेरिका को दुनिया का नेतृत्व करना चाहिए — और यह नेतृत्व हमेशा अमेरिकी हितों के लिए होना चाहिए।' यह बयान ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के लगभग डेढ़ वर्ष बाद आया है और प्रशासन की विदेश नीति का अब तक का सबसे सुसंगत सार्वजनिक बचाव माना जा रहा है।
विदेश विभाग का बड़ा पुनर्गठन
रुबियो विदेश विभाग में हुए संरचनात्मक बदलावों को विभाग के इतिहास का सबसे बड़ा पुनर्गठन बता रहे हैं। उनके तैयार बयान के अनुसार, 'हमने कई दफ्तरों को मिलाया, अनावश्यक और जटिल नौकरशाही को खत्म किया, पूरी कार्यप्रणाली को सरल बनाया और अपने क्षेत्रीय विभागों को उनका काम करने की सही ताकत दी। हमने अनुशासन, एकता और मिशन को फिर से स्थापित किया।' आलोचकों का कहना है कि इस पुनर्गठन से दीर्घकालिक कूटनीतिक क्षमता कमज़ोर हुई है, हालाँकि प्रशासन इस दृष्टिकोण को खारिज करता है।
विदेश सहायता में बदलाव
भाषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा विदेश सहायता कार्यक्रमों में किए गए बदलावों पर केंद्रित होगा। रुबियो के अनुसार, 'जिन कार्यक्रमों से अमेरिका के हितों को फायदा नहीं हो रहा था, उन्हें बंद कर दिया गया है' और शेष सहायता को अब विदेश विभाग के अधिक प्रत्यक्ष नियंत्रण में रखा गया है। उन्होंने कहा कि 'हमारे हर डॉलर का इस्तेमाल ऐसा होना चाहिए जिससे अमेरिका ज्यादा सुरक्षित, मजबूत या समृद्ध बने।'
'अमेरिका फर्स्ट' के नए वित्तीय उपकरण
प्रस्तावित बजट में एक नई 'अमेरिका फर्स्ट ग्लोबल हेल्थ स्ट्रैटेजी' को वित्तपोषण दिया गया है। इसके साथ ही 'अमेरिका फर्स्ट ऑपर्च्युनिटी फंड' का भी प्रावधान है, जिसके तहत रणनीतिक निवेश, सप्लाई चेन को मज़बूत करना, ज़रूरी खनिजों (मिनरल्स) की आपूर्ति सुरक्षित करना और उभरते तकनीकी उद्योगों में अमेरिकी प्रतिस्पर्धा बढ़ाना शामिल है। रुबियो के अनुसार इस फंड का उद्देश्य अमेरिका की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को सुदृढ़ करना है।
आगे क्या होगा
उपसमिति की यह सुनवाई बजट प्रक्रिया का एक अहम चरण है, जिसके बाद कांग्रेस में विदेश विभाग के आवंटन पर विस्तृत बहस होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सदस्य विदेश सहायता कटौती और पुनर्गठन के प्रश्न पर रुबियो को किस हद तक चुनौती देते हैं।