ट्रंप के 'ग्राहम एक्ट' निलंबन का रूस ने किया स्वागत, RDIF प्रमुख ने बताया ऐतिहासिक पल
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा 'ग्राहम एक्ट' के कुछ कड़े प्रावधानों को निलंबित करने के फैसले का रूस ने खुलकर स्वागत किया है। रूसी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (RDIF) के प्रमुख किरिल दिमित्रिएव ने इस कदम को दोनों देशों के संबंधों में एक निर्णायक मोड़ करार दिया है।
दिमित्रिएव की प्रतिक्रिया
दिमित्रिएव ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की ओर से 'ग्राहम एक्ट' को निलंबित किया जाना एक महत्वपूर्ण और वास्तव में ऐतिहासिक कदम है। प्रतिबंधों और टकराव की जगह अब संवाद, दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद सहयोग और वैश्विक स्थिरता के लिए साझा जिम्मेदारी की बात हो रही है।"
उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह कानून पूरी तरह लागू हो जाता, तो रूस और अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग लगभग पूरी तरह ठप हो सकता था — और इससे न केवल रूस, बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक बाज़ारों को भी गंभीर नुकसान पहुँच सकता था।
'ग्राहम एक्ट' क्या है और इसकी पृष्ठभूमि
यह कानून दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम से जुड़ा है। अमेरिकी कांग्रेस ने इस विधेयक को पारित किया था, और ट्रंप ने 18 सितंबर को इस पर हस्ताक्षर किए थे। इस कानून में रूस के शीर्ष राजनीतिक एवं सैन्य नेतृत्व, सरकारी कंपनियों और रूस के व्यापारिक साझेदारों पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाने का प्रावधान था।
कानून की शर्तों के अनुसार, हस्ताक्षर के बाद 18 अक्टूबर तक अमेरिकी प्रशासन को यह तय करना था कि किन कंपनियों और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगाए जाएं। प्रशासन के पास यह विकल्प भी था कि वह यह निष्कर्ष निकाले कि ऐसे प्रतिबंध अमेरिकी हितों के विरुद्ध हैं और इसकी सूचना कांग्रेस को दे।
ट्रंप के कार्यकारी आदेश का महत्व
रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने हाल ही में एक कार्यकारी आदेश जारी कर स्पष्ट किया कि वे रूस के विरुद्ध प्रतिबंधों को और कड़ा करने वाले कानून के तहत प्रस्तावित कुछ नए प्रतिबंध लागू नहीं करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब रूस यूक्रेन संघर्ष को लेकर पश्चिमी देशों के बीच नीतिगत मतभेद गहरे हो रहे हैं।
रूस में इस आदेश को इस रूप में देखा जा रहा है कि अमेरिका ने फिलहाल कानून के सबसे कड़े प्रावधानों से पीछे हटने का संकेत दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संवाद और व्यापारिक संपर्क की गुंजाइश बनी रह सकती है।
आर्थिक सहयोग पर रूस का रुख
दिमित्रिएव ने अपने बयान में कहा, "रूस और अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग दोनों देशों के हित में है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिलती है और भरोसा बनाने के साथ साथ दीर्घकालिक शांति की नींव पड़ती है।" गौरतलब है कि RDIF रूस का प्रमुख राज्य समर्थित निवेश कोष है और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक कूटनीति में एक अहम भूमिका निभाता है।
आगे की संभावनाएं
विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम रूस अमेरिका संबंधों में एक नई बातचीत की शुरुआत का संकेत हो सकता है, हालांकि यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी प्रतिबंधों का व्यापक ढाँचा अभी भी बरकरार है। आने वाले हफ्तों में यह देखना होगा कि क्या यह कूटनीतिक लचीलापन किसी ठोस आर्थिक या भू राजनीतिक समझौते की दिशा में आगे बढ़ता है।