सिंगापुर-चीन शहरी प्रशासन सहयोग: मंत्री ची होंग तात ने गहरे आदान-प्रदान की जताई उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
सिंगापुर के राष्ट्रीय विकास मंत्री ची होंग तात ने 12 जुलाई 2026 को कहा कि शहरी प्रशासन के क्षेत्र में चीन के अनुभव ने सिंगापुर सहित विश्वभर के शहरों को बहुमूल्य संदर्भ दिया है और दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में सहयोग की नींव पहले से ही सुदृढ़ है। एक लिखित साक्षात्कार में उन्होंने आशा व्यक्त की कि दोनों पक्ष शहरी विकास की साझा चुनौतियों से निपटने के लिए अपने आदान-प्रदान को और अधिक गहरा करेंगे।
साझा शहरी चुनौतियाँ
मंत्री ची होंग तात ने रेखांकित किया कि चीन और सिंगापुर सहित अनेक देश इस समय कई समान शहरी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं — बढ़ती उम्र की आबादी, आर्थिक विकास तथा ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के बीच संतुलन, और उच्च घनत्व वाले शहरी विकास से उत्पन्न यातायात जाम व स्थानिक दबाव। उन्होंने कहा कि इन्हीं कारणों से दोनों देशों के बीच शहरी विकास पर चल रहा संवाद विशेष महत्व रखता है।
चीन के शहरी अनुभव से सीख
ची होंग तात ने चीन के शहरी विकास अनुभव में दो पहलुओं को विशेष रूप से उल्लेखनीय बताया: पहला, उच्च गुणवत्ता वाले विकास का अनुसरण करते हुए टिकाऊ शहरी निर्माण को प्रोत्साहन देना; और दूसरा, शहरी नवीनीकरण में नवोन्मेषी पद्धतियों का उपयोग। उन्होंने कहा, 'चीन ने जीवंत और रहने योग्य शहरों के निर्माण में उल्लेखनीय परिणाम हासिल किए हैं।'
उन्होंने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में चीन ने इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण, संसाधन पुनर्चक्रण और फोटोवोल्टिक उत्पादों के उत्पादन में तीव्र प्रगति की है। चीन की '15वीं पंचवर्षीय योजना' (2026–2030) में भी उच्च गुणवत्ता वाले विकास पर विशेष जोर दिया गया है। उनके अनुसार, 'चीन दीर्घकालिक हरित आर्थिक परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और उत्सर्जन में कमी को लगातार बढ़ावा दे रहा है — यह दर्शाता है कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास एक-दूसरे को पूर्णतः बढ़ावा दे सकते हैं।'
दोनों मंत्रालयों के बीच संस्थागत सहयोग
मंत्री ने बताया कि सिंगापुर का राष्ट्रीय विकास मंत्रालय और चीन का आवास एवं शहरी-ग्रामीण विकास मंत्रालय शहरी नियोजन और विकास पर नियमित रूप से अनुभव साझा करते हैं। यह संस्थागत ढाँचा दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग का आधार बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार के और अधिक आदान-प्रदान की उन्हें उम्मीद है।
वैश्विक शहरीकरण और आगे की राह
ची होंग तात ने कहा कि वैश्विक शहरीकरण के जारी रहने के साथ, शहरों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग का महत्व और भी बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि सिंगापुर हर दो वर्ष में विश्व शहर शिखर सम्मेलन का आयोजन करता है, जिसका उद्देश्य वैश्विक शहरों के बीच ज्ञान-साझाकरण को प्रोत्साहित करना है। उनके अनुसार, शहरों के बीच सहयोग अक्सर राष्ट्रीय स्तर के सहयोग का पूरक बनता है और वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों को संयुक्त रूप से प्राप्त करने में सहायक होता है।