दक्षिण कोरिया-जापान शिखर वार्ता: सप्लाई चेन और LNG सहयोग पर बड़ा समझौता, मध्य-पूर्व संकट की पृष्ठभूमि में एंडोंग में हुई बैठक
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग और जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने मंगलवार, 19 मई को एंडोंग में आयोजित द्विपक्षीय शिखर वार्ता में मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष की पृष्ठभूमि में सप्लाई चेन सहयोग को और मज़बूत करने तथा कच्चे तेल एवं लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की आपूर्ति सुरक्षित करने पर सहमति जताई। यह बैठक सियोल से लगभग 190 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित राष्ट्रपति ली के गृहनगर एंडोंग के एक होटल में संपन्न हुई।
शिखर वार्ता के मुख्य निर्णय
राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने लाइव-टेलीविजन संयुक्त प्रेस कार्यक्रम में कहा, 'हम इस बात पर सहमत हुए कि मिडिल ईस्ट में हाल की स्थिति से सप्लाई चेन और ऊर्जा बाज़ार में अस्थिरता के बीच पहले से कहीं ज़्यादा करीबी द्विपक्षीय सहयोग की ज़रूरत है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देश इस क्षेत्र में तुरंत शांति बहाल करने की आवश्यकता पर भी सहमत हैं।
ली ने आगे कहा, 'इस साझा समझ के आधार पर, हमारे दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय सप्लाई चेन सहयोग को और बढ़ाने का संकल्प लिया।' दोनों देशों ने क्रूड ऑयल की आपूर्ति एवं भंडारण से जुड़ी जानकारी साझा करने और संचार चैनलों को और सुदृढ़ करने पर भी सहमति व्यक्त की।
ऊर्जा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग
प्रधानमंत्री ताकाइची ने बताया कि दोनों देश क्रूड ऑयल, पेट्रोलियम उत्पादों और LNG को लेकर द्विपक्षीय स्वैप व्यवस्था पर विचार करने के लिए सहमत हुए हैं। राष्ट्रपति ली ने LNG और कच्चे तेल को दोनों देशों के लिए प्रमुख ऊर्जा स्रोत बताते हुए इस क्षेत्र में सहयोग को और मज़बूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज़ जलडमरूमध्य में नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के वैश्विक प्रयासों में दोनों देश पहले से ही सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
AI, सुरक्षा और व्यापक सहयोग
ऊर्जा के अलावा, दोनों नेताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में 'आपसी फायदे वाले' सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। दोनों नेताओं ने सियोल और टोक्यो के बीच द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ वाशिंगटन के साथ त्रिपक्षीय सहयोग के महत्व को भी रेखांकित किया। ली ने कहा, 'अब, दुनिया भर में तूफान आ रहा है। यह ऐसा समय है जब एक जैसी सोच वाले देशों के बीच सहयोग और बातचीत की ज़रूरत पहले से कहीं ज़्यादा है।'
ऐतिहासिक मुद्दों पर पहल
राष्ट्रपति ली ने जापान के उबे में युद्धकालीन चोसेई कोयला खदान स्थल पर मिले अवशेषों के आगामी डीएनए परीक्षण का विशेष उल्लेख किया। माना जाता है कि 1942 में एक भूमिगत सुरंग के ढहने से 100 से अधिक कोरियाई मज़दूरों सहित अन्य लोग मारे गए थे। दोनों देशों ने डीएनए विश्लेषण की प्रक्रिया और तरीकों पर मिलकर काम किया है। ली ने कहा, 'यह दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक मुद्दों पर सहयोग करने का एक छोटा लेकिन सार्थक पहला कदम होगा, जिसकी शुरुआत मानवीय मामलों से होगी।'
शटल डिप्लोमेसी और आगे की राह
प्रधानमंत्री ताकाइची मंगलवार को दो दिवसीय यात्रा पर दक्षिण कोरिया पहुंचीं। यह दौरा जनवरी में ली की नारा प्रीफेक्चर यात्रा के जवाब में हो रहा है, जहाँ दोनों नेता 'शटल डिप्लोमेसी' के तहत आखिरी बार आमने-सामने मिले थे। राष्ट्रपति ली ने बताया कि दोनों नेता अब सिर्फ सात महीनों में चार बार मिल चुके हैं। ली ने कहा, 'आगे चलकर, कोरिया-जापान साझेदारी की संभावनाएं अनगिनत हैं। हम सहयोग के नए रास्ते बनाने की उम्मीद करते हैं जो साझा खुशहाली ला सकें।' जापानी प्रधानमंत्री बुधवार सुबह स्वदेश लौटने वाली हैं।