रूसी एलएनजी प्रतिबंध: दक्षिण कोरिया ने ब्रिटेन से माँगी छूट, कोगास के सखालिन-2 सौदे पर संकट
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के व्यापार मंत्री येओ हान-कू ने 6 अगस्त 2026 को ब्रिटेन के नवनियुक्त व्यापार मंत्री अनस सरवर के साथ वीडियो बैठक में अनुरोध किया कि जनवरी 2027 से लागू होने वाले रूसी एलएनजी प्रतिबंधों से दक्षिण कोरिया के आयात को छूट दी जाए। येओ ने स्पष्ट किया कि इन प्रतिबंधों से देश की ऊर्जा सुरक्षा और एलएनजी आपूर्ति की स्थिरता सीधे खतरे में पड़ सकती है।
प्रतिबंधों का स्वरूप और दक्षिण कोरिया की चिंता
ब्रिटेन जनवरी 2027 से रूसी एलएनजी के लिए समुद्री परिवहन, बीमा और संबद्ध सेवाओं पर रोक लगाने की योजना बना रहा है। व्यापार मंत्री येओ के अनुसार, यदि ब्रिटिश बीमा कंपनियाँ पुनर्बीमा और अन्य सेवाएँ वापस लेती हैं, तो एलएनजी खेपों की आपूर्ति में गंभीर व्यवधान उत्पन्न हो सकता है।
गौरतलब है कि सरकारी ऊर्जा कंपनी कोरिया गैस कॉर्पोरेशन (कोगास) का रूस की सखालिन-2 तेल एवं गैस परियोजना से मार्च 2028 तक एलएनजी खरीदने का दीर्घकालिक अनुबंध है। यह अनुबंध दक्षिण कोरिया की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला की एक महत्त्वपूर्ण कड़ी है।
यूरोपीय संघ की मिसाल और ब्रिटेन से अपील
यूरोपीय संघ (EU), जिसने इसी प्रकार के प्रतिबंध पहले से लागू किए हुए हैं, पिछले महीने सखालिन-2 परियोजना से दक्षिण कोरिया और जापान को होने वाली एलएनजी आपूर्ति को छूट देने पर सहमत हो गया था। येओ ने ब्रिटेन से EU की इसी नीति का अनुसरण करते हुए दक्षिण कोरिया को समान राहत देने की अपील की। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी देश रूस पर दबाव बनाए रखने और एशियाई सहयोगियों के ऊर्जा हितों के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहे हैं।
इस्पात व्यापार विवाद भी एजेंडे पर
बैठक में एलएनजी के अलावा स्टील आयात का मुद्दा भी उठा। 1 जुलाई 2026 को ब्रिटेन ने स्टील उत्पादों के आयात कोटे को लगभग आधा कर दिया और तय सीमा से अधिक आयात पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने का निर्णय लिया।
हालाँकि दक्षिण कोरिया का शुल्क-मुक्त कोटा 93,000 टन से बढ़ाकर 1,73,000 टन कर दिया गया है, लेकिन जिन स्टील उत्पाद श्रेणियों पर यह कोटा लागू होता है, उनकी संख्या 4 से बढ़ाकर 9 कर दी गई है — जिससे व्यावहारिक रूप से नियम पहले से अधिक कड़े हो गए हैं। येओ ने ब्रिटेन से दक्षिण कोरियाई इस्पात के लिए उचित और व्यवहार्य आयात कोटा निर्धारित करने का अनुरोध किया।
आगे की राह
दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार के कई अन्य विषयों पर भी चर्चा की। दक्षिण कोरिया ने ब्रिटेन से निकट संवाद जारी रखने की अपील की है ताकि एलएनजी प्रतिबंधों के लागू होने से पहले कोई कूटनीतिक समाधान निकाला जा सके। ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि छूट नहीं मिली तो कोगास को वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश करनी होगी, जो बाज़ार में कीमतों पर दबाव बढ़ा सकता है।