मनीला में दक्षिण कोरिया-अमेरिका-जापान त्रिपक्षीय बैठक: उत्तर कोरिया और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर होगी चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी इस सप्ताह फिलीपींस की राजधानी मनीला में त्रिपक्षीय बैठक करेंगे, जिसमें उत्तर कोरिया से जुड़े मुद्दों पर समन्वय और तीनों देशों के बीच आर्थिक व सुरक्षा सहयोग को मज़बूत करने पर विचार-विमर्श होगा। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने 20 जुलाई को यह जानकारी दी। यह बैठक आसियान से संबंधित मंत्रिस्तरीय बैठकों के दौरान बुधवार को आयोजित होगी।
बैठक का एजेंडा
अधिकारियों के अनुसार, इस त्रिपक्षीय बैठक में उत्तर कोरिया से जुड़े मुद्दे, त्रिपक्षीय सुरक्षा सहयोग, आर्थिक संबंधों को प्रगाढ़ करने के उपाय, मध्य पूर्व संकट तथा अन्य क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा की जाएगी। यह बैठक 7 जुलाई को अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान हुई पिछली त्रिपक्षीय वार्ता के लगभग दो सप्ताह बाद हो रही है, जो इन तीनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद की बढ़ती गति को दर्शाता है।
पिछली बैठक की पृष्ठभूमि
इस महीने की शुरुआत में हुई बैठक में तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण (डिन्यूक्लियराइजेशन) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी और प्योंगयांग के साथ संवाद के प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया था। इसके अलावा, तीनों देशों ने हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र में तीसरे देशों को स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) की तैनाती में सहयोग के लिए एक सहयोग ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए थे। गौरतलब है कि यह SMR सहयोग ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में इन तीनों देशों की साझेदारी का एक नया आयाम है।
चो ह्यून का व्यापक दौरा कार्यक्रम
विदेश मंत्री चो ह्यून मंगलवार से दो दिवसीय फिलीपींस दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे कोरिया-आसियान विदेश मंत्रियों की बैठक, आसियान प्लस थ्री (दक्षिण कोरिया, जापान और चीन की भागीदारी वाली) बैठक, आसियान रीजनल फोरम (ARF) और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (EAS) के विदेश मंत्रियों की बैठकों में भाग लेंगे। इन मंचों पर चो ह्यून से आसियान देशों के साथ सहयोग को मज़बूत करने की सोल की प्रतिबद्धता दोहराने और कोरियाई प्रायद्वीप में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व तथा साझा समृद्धि को बढ़ावा देने के दक्षिण कोरियाई प्रयासों की जानकारी देने की उम्मीद है।
द्विपक्षीय वार्ताओं की श्रृंखला
बैठकों के दौरान चो ह्यून ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, न्यूज़ीलैंड, ब्रुनेई और फिलीपींस के विदेश मंत्रियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ताएँ भी करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण कोरिया अमेरिका, जापान और चीन के साथ भी अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकों के आयोजन के लिए समन्वय कर रहा है। यह व्यापक राजनयिक कार्यक्रम इस बात का संकेत है कि दक्षिण कोरिया अपनी क्षेत्रीय कूटनीति को एक साथ कई मोर्चों पर आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
क्या होगा आगे
मनीला बैठक के नतीजे कोरियाई प्रायद्वीप पर कूटनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं, खासकर तब जब उत्तर कोरिया के साथ संवाद की संभावनाएँ अनिश्चित बनी हुई हैं। तीनों देशों के बीच बढ़ती बैठकों की आवृत्ति — महज दो सप्ताह में दूसरी त्रिपक्षीय वार्ता — यह दर्शाती है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा समन्वय अब नियमित कूटनीतिक प्राथमिकता बन चुका है।