कोरियाई युद्ध के लापता विमानों की तलाश: दक्षिण कोरिया-अमेरिका का संयुक्त पानी के भीतर सर्वेक्षण शुरू
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने 3 अगस्त 2026 को कोरियाई युद्ध (1950–53) के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुए अमेरिकी सैन्य विमानों का मलबा खोजने के लिए देश के पूर्वी तट पर एक संयुक्त जल-उत्खनन परियोजना शुरू की। दक्षिण कोरिया की रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि यह अभियान 28 अगस्त तक चलेगा और इसमें दोनों देशों के लगभग 40 विशेषज्ञ शामिल हैं।
अभियान का दायरा और स्थान
यह संयुक्त सर्वेक्षण गैंगवोन प्रांत के गंगनेउंग और यांगयांग क्षेत्रों में समुद्र के भीतर संचालित किया जाएगा। अभियान में दक्षिण कोरिया की 'एजेंसी फॉर केआईए रिकवरी एंड आइडेंटिफिकेशन' और अमेरिका की 'डिफेंस पीओडब्ल्यू/एमआईए अकाउंटिंग एजेंसी' (DPAA) मिलकर काम करेंगी। टीम में दक्षिण कोरियाई नौसेना के प्रथम बेड़े और वायु सेना के 18वें फाइटर विंग के सदस्यों के साथ-साथ अमेरिकी अंडरवाटर प्लानर और गोताखोर भी शामिल हैं।
किन विमानों की हो रही है तलाश
खोज का पहला लक्ष्य F4U कॉर्सेयर लड़ाकू विमान है, जो फरवरी 1952 में यांगयांग काउंटी के पास समुद्र में गिरा था। यांगयांग सोल से लगभग 215 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। रिकॉर्ड के अनुसार, यह विमान एक क्षतिग्रस्त अमेरिकी हमलावर विमान के एस्कॉर्ट मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें एक पायलट की मौत हो गई थी।
इसके बाद टीम का ध्यान कर्टिस C-46 कमांडो सैन्य परिवहन विमान के मलबे पर होगा, जो सोल से लगभग 170 किलोमीटर पूर्व स्थित गंगनेउंग क्षेत्र के पास समुद्र में है। यह विमान अक्टूबर 1952 और नवंबर 1952 में दो अलग-अलग हादसों में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। पहली दुर्घटना में विमान में सवार 17 लोग लापता हो गए थे, जबकि नवंबर की दुर्घटना में 2 लोगों के शव बरामद हुए और 7 अन्य लापता रहे।
तकनीक और खोज पद्धति
संयुक्त सर्वेक्षण दल पानी के अंदर डिटेक्शन उपकरणों और समुद्री मानवरहित प्रणालियों (UUV) का उपयोग करेगा। मलबे का सुराग मिलने पर प्रशिक्षित गोताखोरों अथवा रिमोट सेंसिंग उपकरणों के ज़रिए स्थिति का निरीक्षण किया जाएगा। यह तकनीकी संयोजन गहरे समुद्र में अवशेषों की सटीक पहचान को संभव बनाता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और द्विपक्षीय सहयोग
गौरतलब है कि सोल और वाशिंगटन 2011 में हुए एक द्विपक्षीय समझौते के बाद से कोरियाई युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के अवशेषों की संयुक्त खोज कर रहे हैं। यह अभियान उसी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की कड़ी है। कोरियाई युद्ध में हजारों अमेरिकी सैनिक लापता हुए थे, जिनके अवशेष अभी तक पूरी तरह नहीं खोजे जा सके हैं। यह सर्वेक्षण न केवल सैन्य इतिहास के लिए, बल्कि लापता सैनिकों के परिवारों को न्याय दिलाने की दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है।
आगे क्या होगा
अभियान 28 अगस्त 2026 तक जारी रहेगा। मलबा मिलने की स्थिति में उसे सुरक्षित रूप से समुद्र से बाहर निकाला जाएगा और संबंधित एजेंसियाँ पहचान की प्रक्रिया शुरू करेंगी। इस सफलता से भविष्य में और अधिक संयुक्त जल-उत्खनन अभियानों का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।