3 अगस्त 2026
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कोरियाई युद्ध के लापता विमानों की तलाश: दक्षिण कोरिया-अमेरिका का संयुक्त पानी के भीतर सर्वेक्षण शुरू

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कोरियाई युद्ध के लापता विमानों की तलाश: दक्षिण कोरिया-अमेरिका का संयुक्त पानी के भीतर सर्वेक्षण शुरू

सारांश

सात दशक से अधिक समय बाद, दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने कोरियाई युद्ध के दौरान पूर्वी तट में समाए दो अमेरिकी विमानों — F4U कॉर्सेयर और C-46 कमांडो — का मलबा खोजने के लिए 28 अगस्त तक चलने वाला संयुक्त जल-उत्खनन अभियान शुरू किया है।

मुख्य बातें

दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने 3 अगस्त 2026 को संयुक्त जल-उत्खनन परियोजना शुरू की, जो 28 अगस्त तक चलेगी।
अभियान गैंगवोन प्रांत के गंगनेउंग और यांगयांग क्षेत्रों में संचालित होगा।
F4U कॉर्सेयर ( फरवरी 1952 , यांगयांग) और C-46 कमांडो ( अक्टूबर-नवंबर 1952 , गंगनेउंग) के मलबे की खोज होगी।
C-46 दुर्घटनाओं में कुल 17 लोग लापता हुए और 2 के शव मिले; 7 अन्य अभी भी लापता हैं।
टीम में लगभग 40 विशेषज्ञ शामिल हैं — दक्षिण कोरियाई नौसेना, वायु सेना और अमेरिकी गोताखोर।
यह अभियान 2011 के द्विपक्षीय समझौते के तहत चल रहे संयुक्त प्रयासों की कड़ी है।

दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने 3 अगस्त 2026 को कोरियाई युद्ध (1950–53) के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुए अमेरिकी सैन्य विमानों का मलबा खोजने के लिए देश के पूर्वी तट पर एक संयुक्त जल-उत्खनन परियोजना शुरू की। दक्षिण कोरिया की रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि यह अभियान 28 अगस्त तक चलेगा और इसमें दोनों देशों के लगभग 40 विशेषज्ञ शामिल हैं।

अभियान का दायरा और स्थान

यह संयुक्त सर्वेक्षण गैंगवोन प्रांत के गंगनेउंग और यांगयांग क्षेत्रों में समुद्र के भीतर संचालित किया जाएगा। अभियान में दक्षिण कोरिया की 'एजेंसी फॉर केआईए रिकवरी एंड आइडेंटिफिकेशन' और अमेरिका की 'डिफेंस पीओडब्ल्यू/एमआईए अकाउंटिंग एजेंसी' (DPAA) मिलकर काम करेंगी। टीम में दक्षिण कोरियाई नौसेना के प्रथम बेड़े और वायु सेना के 18वें फाइटर विंग के सदस्यों के साथ-साथ अमेरिकी अंडरवाटर प्लानर और गोताखोर भी शामिल हैं।

किन विमानों की हो रही है तलाश

खोज का पहला लक्ष्य F4U कॉर्सेयर लड़ाकू विमान है, जो फरवरी 1952 में यांगयांग काउंटी के पास समुद्र में गिरा था। यांगयांग सोल से लगभग 215 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। रिकॉर्ड के अनुसार, यह विमान एक क्षतिग्रस्त अमेरिकी हमलावर विमान के एस्कॉर्ट मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें एक पायलट की मौत हो गई थी।

इसके बाद टीम का ध्यान कर्टिस C-46 कमांडो सैन्य परिवहन विमान के मलबे पर होगा, जो सोल से लगभग 170 किलोमीटर पूर्व स्थित गंगनेउंग क्षेत्र के पास समुद्र में है। यह विमान अक्टूबर 1952 और नवंबर 1952 में दो अलग-अलग हादसों में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। पहली दुर्घटना में विमान में सवार 17 लोग लापता हो गए थे, जबकि नवंबर की दुर्घटना में 2 लोगों के शव बरामद हुए और 7 अन्य लापता रहे।

तकनीक और खोज पद्धति

संयुक्त सर्वेक्षण दल पानी के अंदर डिटेक्शन उपकरणों और समुद्री मानवरहित प्रणालियों (UUV) का उपयोग करेगा। मलबे का सुराग मिलने पर प्रशिक्षित गोताखोरों अथवा रिमोट सेंसिंग उपकरणों के ज़रिए स्थिति का निरीक्षण किया जाएगा। यह तकनीकी संयोजन गहरे समुद्र में अवशेषों की सटीक पहचान को संभव बनाता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और द्विपक्षीय सहयोग

गौरतलब है कि सोल और वाशिंगटन 2011 में हुए एक द्विपक्षीय समझौते के बाद से कोरियाई युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के अवशेषों की संयुक्त खोज कर रहे हैं। यह अभियान उसी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की कड़ी है। कोरियाई युद्ध में हजारों अमेरिकी सैनिक लापता हुए थे, जिनके अवशेष अभी तक पूरी तरह नहीं खोजे जा सके हैं। यह सर्वेक्षण न केवल सैन्य इतिहास के लिए, बल्कि लापता सैनिकों के परिवारों को न्याय दिलाने की दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है।

आगे क्या होगा

अभियान 28 अगस्त 2026 तक जारी रहेगा। मलबा मिलने की स्थिति में उसे सुरक्षित रूप से समुद्र से बाहर निकाला जाएगा और संबंधित एजेंसियाँ पहचान की प्रक्रिया शुरू करेंगी। इस सफलता से भविष्य में और अधिक संयुक्त जल-उत्खनन अभियानों का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सात दशकों की अधूरी जवाबदेही को पूरा करने का प्रयास है — उन परिवारों के लिए जो अपने प्रियजनों की अंतिम पहचान की प्रतीक्षा में हैं। 2011 के समझौते के बाद से इस तरह के संयुक्त अभियान धीरे-धीरे आगे बढ़े हैं, लेकिन कोरियाई प्रायद्वीप पर बदलते भू-राजनीतिक तनाव के बीच इस सहयोग की निरंतरता दोनों देशों के गठबंधन की परिपक्वता को भी दर्शाती है। असली सवाल यह है कि क्या तकनीकी प्रगति और राजनीतिक इच्छाशक्ति मिलकर उन सैकड़ों अन्य लापता सैनिकों तक पहुँच पाएगी जिनकी खोज अभी बाकी है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण कोरिया-अमेरिका की संयुक्त जल-उत्खनन परियोजना क्या है?
यह 3 अगस्त 2026 को शुरू हुई एक संयुक्त समुद्री खोज परियोजना है, जिसका उद्देश्य कोरियाई युद्ध (1950–53) के दौरान दक्षिण कोरिया के पूर्वी तट में गिरे अमेरिकी सैन्य विमानों का मलबा और लापता सैनिकों के अवशेष खोजना है। यह अभियान 28 अगस्त 2026 तक गैंगवोन प्रांत के गंगनेउंग और यांगयांग क्षेत्रों में चलेगा।
किन विमानों का मलबा खोजा जा रहा है?
अभियान में दो विमानों की तलाश है — पहला, F4U कॉर्सेयर लड़ाकू विमान जो फरवरी 1952 में यांगयांग के पास समुद्र में गिरा था; दूसरा, कर्टिस C-46 कमांडो परिवहन विमान जो अक्टूबर और नवंबर 1952 में दो अलग हादसों में गंगनेउंग के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।
इस अभियान में कितने लोग और कौन-सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
अभियान में लगभग 40 विशेषज्ञ तैनात हैं। इसमें दक्षिण कोरिया की 'एजेंसी फॉर केआईए रिकवरी एंड आइडेंटिफिकेशन', दक्षिण कोरियाई नौसेना के प्रथम बेड़े, वायु सेना के 18वें फाइटर विंग के सदस्य और अमेरिका की DPAA के अंडरवाटर प्लानर व गोताखोर शामिल हैं।
C-46 कमांडो दुर्घटनाओं में कितने लोग लापता हुए थे?
अक्टूबर 1952 की दुर्घटना में विमान में सवार कुल 17 लोग लापता हो गए थे। नवंबर 1952 की दुर्घटना में 2 लोगों के शव मिले थे, जबकि 7 अन्य लापता रहे।
दोनों देशों के बीच यह सहयोग कब से चल रहा है?
दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने 2011 में एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत कोरियाई युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के अवशेषों की संयुक्त खोज की जा रही है। वर्तमान अभियान उसी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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