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ट्रंप प्रशासन का बड़ा बदलाव: ईरान को सीमित मिसाइलें रखने की मिल सकती है अनुमति

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ट्रंप प्रशासन का बड़ा बदलाव: ईरान को सीमित मिसाइलें रखने की मिल सकती है अनुमति

सारांश

ट्रंप प्रशासन का यह बदला रुख महज कूटनीतिक लचीलापन नहीं — यह उस 'शून्य-सहनशीलता' नीति से पीछे हटना है जो खुद ट्रंप ने घोषित की थी। ईरान को सीमित मिसाइलें रखने की संभावित अनुमति और 90% क्षमता कम होने के दावे के बीच, वाशिंगटन-तेहरान वार्ता एक नए मोड़ पर है।

मुख्य बातें

ट्रंप प्रशासन ने 21 जून को संकेत दिया कि ईरान को भावी समझौते में सीमित मिसाइलें रखने की अनुमति मिल सकती है।
यह अमेरिका के पहले के उस रुख से बदलाव है जिसमें ईरान के मिसाइल कार्यक्रम के पूर्ण उन्मूलन की माँग थी।
ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने दावा किया कि ईरान की मिसाइल निर्माण क्षमता 90% तक कम की जा चुकी है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि जिस अनुपात में खाड़ी देशों के पास मिसाइलें हैं, उसी अनुपात में ईरान के पास भी होना 'ठीक' है।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरानी अधिकारियों के साथ औपचारिक वार्ता शुरू करने की तैयारी में हैं।

ट्रंप प्रशासन ने 21 जून को संकेत दिया कि किसी भावी परमाणु समझौते के तहत ईरान को सीमित संख्या में मिसाइलें रखने की अनुमति दी जा सकती है — जो अमेरिका के पहले के उस कड़े रुख से स्पष्ट पीछे हटना है, जिसमें ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करने की माँग की जाती थी। यह घोषणा ऐसे समय आई है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच कूटनीतिक संपर्क नए सिरे से शुरू होने की तैयारी है।

नरम रुख की पृष्ठभूमि

यह बयान एबीसी के कार्यक्रम 'दिस वीक' में अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट की उस टिप्पणी के बाद सामने आया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य अब ईरान की समूची मिसाइल क्षमता को नष्ट करना नहीं है। यह उल्लेखनीय है क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले कह चुके थे कि अमेरिका ईरान की मिसाइलों को नष्ट कर देगा और उसके मिसाइल उद्योग को पूरी तरह मिटा दिया जाएगा।

गौरतलब है कि यह बदलाव खाड़ी क्षेत्र में कई महीनों तक चले सैन्य तनाव के बाद दोनों पक्षों के बीच हुए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) को आगे बढ़ाने की कोशिशों के बीच आया है।

ट्रंप का बदला बयान

ट्रंप ने हाल ही में अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाते हुए कहा, 'अगर सऊदी अरब, कतर और दूसरे देशों के पास कुछ मिसाइलें हैं, तो मेरा मानना है कि उसी अनुपात में ईरान के पास भी कुछ होना ठीक है।' यह टिप्पणी उनकी पूर्व घोषणाओं से सीधे उलट है और कूटनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा का विषय बनी है।

अमेरिकी दावे: 90% क्षमता हुई कम

ऊर्जा मंत्री राइट ने दावा किया कि प्रशासन अपने सैन्य उद्देश्यों का बड़ा हिस्सा पहले ही हासिल कर चुका है। उन्होंने कहा, 'हमने शायद ईरान की मिसाइल बनाने की क्षमता को 90 प्रतिशत तक कम कर दिया है। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है — आप इसे उनके मिसाइल निर्माण उद्योग का लगभग पूरी तरह खत्म हो जाना कह सकते हैं।' हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

राइट ने यह भी कहा कि ईरान दशकों तक अपने अधिकांश पड़ोसी देशों की तुलना में कहीं अधिक हथियारों से लैस रहा था, लेकिन अब उसकी यह ताकत काफी हद तक कम हो चुकी है।

वेंस की वार्ता और आगे की राह

यह संकेत ऐसे समय आए हैं जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरानी अधिकारियों के साथ औपचारिक बातचीत शुरू करने की तैयारी में हैं। दोनों देश एमओयू के आधार पर एक व्यापक समझौते की रूपरेखा तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, मिसाइल मुद्दे पर लचीलापन दिखाना वार्ता की मेज पर ईरान को बनाए रखने के लिए एक कूटनीतिक कदम हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और ऐसे दावे अक्सर वार्ता की मेज पर अपनी स्थिति मज़बूत दिखाने के लिए किए जाते हैं। असली सवाल यह है कि 'सीमित मिसाइलें' की परिभाषा क्या होगी और उसे सत्यापित कौन करेगा — क्योंकि बिना मज़बूत सत्यापन तंत्र के, यह लचीलापन एक कमज़ोरी के रूप में भी पढ़ा जा सकता है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप प्रशासन ईरान की मिसाइलों पर अपना रुख क्यों बदल रहा है?
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ईरान की मिसाइल निर्माण क्षमता पहले ही 90% तक कम हो चुकी है, इसलिए अब पूर्ण उन्मूलन की माँग पर अड़े रहना ज़रूरी नहीं। यह बदलाव उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की आगामी वार्ता से पहले ईरान को बातचीत की मेज पर बनाए रखने की कूटनीतिक कोशिश भी मानी जा रही है।
ट्रंप ने पहले ईरान की मिसाइलों पर क्या कहा था?
राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले कहा था कि अमेरिका ईरान की मिसाइलों को नष्ट कर देगा और उसके मिसाइल उद्योग को पूरी तरह मिटा दिया जाएगा। अब उन्होंने कहा है कि जिस अनुपात में सऊदी अरब और कतर जैसे देशों के पास मिसाइलें हैं, उसी अनुपात में ईरान के पास भी कुछ होना 'ठीक' है।
अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने ईरान की मिसाइल क्षमता के बारे में क्या दावा किया?
क्रिस राइट ने एबीसी के कार्यक्रम 'दिस वीक' में कहा कि अमेरिका ने ईरान की मिसाइल बनाने की क्षमता को लगभग 90% तक कम कर दिया है। हालाँकि यह दावा अमेरिकी सरकार का अपना आकलन है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जेडी वेंस और ईरान के बीच किस मुद्दे पर बातचीत होने वाली है?
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरानी अधिकारियों के साथ उस समझौता ज्ञापन (एमओयू) को आगे बढ़ाने पर बातचीत करने वाले हैं, जो खाड़ी क्षेत्र में कई महीनों के सैन्य तनाव के बाद दोनों देशों के बीच हुआ था। इस वार्ता में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम की सीमाएँ और परमाणु गतिविधियाँ केंद्रीय मुद्दे होंगे।
अमेरिका-ईरान मिसाइल विवाद का खाड़ी देशों पर क्या असर पड़ सकता है?
ट्रंप ने स्वयं सऊदी अरब और कतर जैसे खाड़ी देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि ईरान को उनके समान अनुपात में मिसाइलें रखने की अनुमति उचित होगी। इससे खाड़ी देशों में यह चिंता उठ सकती है कि अमेरिका ईरान की सैन्य उपस्थिति को क्षेत्रीय संतुलन के हिस्से के रूप में स्वीकार कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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