23 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ट्रंप का दावा: ईरान की ८०% मिसाइल क्षमता नष्ट, परमाणु समझौता या सैन्य अंत — दोनों विकल्प खुले

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ट्रंप का दावा: ईरान की ८०% मिसाइल क्षमता नष्ट, परमाणु समझौता या सैन्य अंत — दोनों विकल्प खुले

सारांश

100 दिन के अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद ट्रंप का बड़ा दावा — ईरान की 80% मिसाइल क्षमता नष्ट। अब दो ही रास्ते: तेहरान के साथ 'मजबूत परमाणु समझौता' या सैन्य बल से निर्णायक अंत। यह टकराव 'अंतहीन युद्ध' नहीं बनेगा — ट्रंप का भरोसा।

मुख्य बातें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 जून 2026 को एनबीसी के 'मीट द प्रेस' में दावा किया कि ईरान के पास अब मूल मिसाइल भंडार का केवल 21-22% हिस्सा बचा है।
ट्रंप के अनुसार ईरान के अधिकांश ड्रोन कारखाने, प्रक्षेपण स्थल और मिसाइल उत्पादन ठिकाने नष्ट किए जा चुके हैं।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान को सैन्य अवसंरचना पुनर्निर्मित करने में 15-20 साल लगेंगे।
अमेरिका या तो परमाणु समझौते के करीब है या सैन्य साधनों से उद्देश्य पूरे करेगा — दोनों विकल्प खुले रखे।
यह साक्षात्कार अमेरिका-ईरान संघर्ष के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर आया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 जून 2026 को दावा किया कि अमेरिकी सैन्य अभियानों ने ईरान की मिसाइल क्षमता को बड़े पैमाने पर नष्ट कर दिया है और तेहरान के साथ यह टकराव किसी 'अंतहीन युद्ध' में नहीं बदलेगा। एनबीसी के चर्चित कार्यक्रम 'मीट द प्रेस' में दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका या तो कूटनीतिक परमाणु समझौते के करीब है, या फिर सैन्य साधनों से अपने उद्देश्य पूरे करने की स्थिति में है।

मुख्य घटनाक्रम

यह साक्षात्कार ऐसे समय सामने आया जब अमेरिका-ईरान संघर्ष को 100 दिन पूरे हो चुके थे और प्रशासन की दीर्घकालिक रणनीति पर सवाल उठ रहे थे। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के पास अब उसके मूल मिसाइल भंडार का केवल 21-22 प्रतिशत हिस्सा ही बचा है।

ट्रंप ने कहा, "शायद उनके पास 21-22 प्रतिशत मिसाइलें बची हैं। यह काफी संख्या में मिसाइलें हैं। लेकिन यह वैसी नहीं हैं, जैसी तब थीं जब हमने पहली बार हमला किया था।"

सैन्य अभियान के दावे

राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में ईरान के अधिकांश ड्रोन कारखाने, प्रक्षेपण स्थल और मिसाइल उत्पादन ठिकाने नष्ट कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, "हमने उनकी सेना को पूरी तरह नष्ट कर दिया है।"

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य अवसंरचना को शीघ्रता से पुनर्निर्मित करने की क्षमता को भी प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया है। उनके अनुसार, "उन्हें पुनर्निर्माण में 15 या 20 साल लगेंगे। लेकिन मैं उन्हें यह मौका भी नहीं देने वाला।"

परमाणु समझौते पर रुख

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान को किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने कहा, "हम ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने दे सकते। और हम ऐसा होने नहीं देंगे।"

वार्ता के संभावित विफल होने पर पुनः सैन्य कार्रवाई की शर्त पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, "मेरी लक्ष्मण रेखा तब होगी जब मुझे लगेगा कि मैं कोई समझौता नहीं कर पाऊंगा, या अगर मैं पर्याप्त तेज़ी से समझौता नहीं कर पाऊंगा।" उन्होंने विश्वास जताया कि वार्ता समापन के करीब है।

चुनावी वादों पर सवाल

ट्रंप ने उन सुझावों को खारिज किया कि यह अभियान नए युद्धों से बचने के उनके पुराने चुनावी वादे के विपरीत है। उन्होंने कहा, "मैंने कुछ भी वादा नहीं किया था। मुझे ये अंतहीन युद्ध पसंद नहीं हैं — यह अभियान आवश्यक था, क्योंकि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की ओर बढ़ रहा था।" गौरतलब है कि ट्रंप ने 2024 के चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार 'नए युद्धों से दूर रहने' का वादा किया था।

आगे की संभावनाएँ

ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका 'लगभग तैयार' है और उसे या तो एक 'मजबूत समझौता' या टकराव का निर्णायक निष्कर्ष मिलने की उम्मीद है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय मध्य पूर्व में स्थिरता को लेकर गहरी चिंता में है और कूटनीतिक चैनल सक्रिय बताए जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्वतंत्र सत्यापन के बिना महज़ राष्ट्रपति के शब्द हैं — और यही इस कवरेज की सबसे बड़ी खामी है। '21-22 प्रतिशत बचा है' जैसी सटीक संख्या बिना किसी खुफिया आकलन के हवाले के, प्रचार और तथ्य के बीच की रेखा को धुंधला करती है। इससे भी अहम यह है कि ट्रंप का 'अंतहीन युद्ध नहीं' का दावा उनके 2024 के चुनावी वादों से सीधे टकराता है — और मुख्यधारा की कवरेज इस विरोधाभास को पर्याप्त तीखेपन से नहीं उठा रही। 100 दिन और 'लगभग तैयार' वार्ता — यह वही भाषा है जो अफगानिस्तान और इराक में भी सुनी गई थी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान की मिसाइल क्षमता के बारे में क्या दावा किया?
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के पास अब उसके मूल मिसाइल भंडार का केवल 21-22 प्रतिशत हिस्सा बचा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों में ईरान के अधिकांश ड्रोन कारखाने, प्रक्षेपण स्थल और मिसाइल उत्पादन ठिकाने नष्ट कर दिए गए हैं।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौता होने वाला है?
ट्रंप ने विश्वास जताया कि वार्ता समापन के करीब है। उन्होंने कहा कि अमेरिका या तो 'मजबूत समझौता' हासिल करेगा, या फिर सैन्य साधनों से अपने उद्देश्य पूरे करेगा — दोनों विकल्प खुले हैं।
ट्रंप ने 'अंतहीन युद्ध' की तुलना को क्यों खारिज किया?
ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान पिछले मध्य पूर्व युद्धों से बिल्कुल अलग है और यह 'अंतहीन युद्ध' नहीं बनेगा। उन्होंने तर्क दिया कि यह अभियान इसलिए आवश्यक था क्योंकि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की ओर बढ़ रहा था।
यदि वार्ता विफल हो जाए तो ट्रंप क्या करेंगे?
ट्रंप ने कहा कि उनकी 'लक्ष्मण रेखा' तब होगी जब उन्हें लगेगा कि समझौता संभव नहीं है या पर्याप्त तेज़ी से नहीं हो रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में सैन्य कार्रवाई का विकल्प बना रहेगा।
अमेरिका-ईरान संघर्ष को कितने दिन हो चुके हैं?
यह साक्षात्कार उस समय हुआ जब अमेरिका-ईरान संघर्ष को 100 दिन पूरे हो चुके थे। इस दौरान प्रशासन की दीर्घकालिक रणनीति और वार्ता के माध्यम से समाधान की संभावनाओं पर सवाल उठते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले