डॉन, नरक तुम्हारा इंतजार कर रहा है: ईरान ने ट्रंप की पोप की आलोचना पर दी प्रतिक्रिया
सारांश
Key Takeaways
- डोनाल्ड ट्रंप ने पोप की आलोचना की।
- ईरानी दूतावास ने ट्रंप के चरित्र पर गंभीर आरोप लगाए।
- तनाव फिर से बढ़ने की संभावना।
- ईरान के न्यूक्लियर हथियारों पर ट्रंप की आपत्ति।
- सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणियाँ।
नई दिल्ली, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोप लियो XIV की आलोचना की। इसके बाद घाना
ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "पोप ने शांति के लिए प्रार्थना की। लेकिन ट्रंप ने उन्हें रात में कमजोर कहा और कहा कि मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो मेरी आलोचना करे!"
दूतावास ने ट्रंप के चरित्र की जांच करते हुए बताया कि आइए देखें कि यह व्यक्ति (ट्रंप) कौन है- वह वर्षों तक एपस्टीन के आइलैंड पर जाता रहा! जब उसकी पत्नी गर्भवती थी, तो उसने एक पोर्न स्टार को चुप रहने के लिए पैसे दिए और इसके लिए उसे सजा मिली। ३४ गंभीर अपराध! उसकी मिसाइल मिनाब में एक स्कूल से टकराई, जिसमें १६८ लोगों की मौत हुई!
ईरानी दूतावास ने आगे कहा, "छह महीने पहले, ट्रंप ने खुद कहा था: मैं स्वर्ग नहीं जा रहा हूं (यह एकमात्र ईमानदार वाक्य था जो उसने कभी कहा)। पोप ने तुम्हारी आत्मा के लिए एक मोमबत्ती जलाई। लेकिन स्वर्ग के दरवाजे पर १६८ छोटी लड़कियां हैं जो तुमसे पहले वहाँ पहुंच गईं। तुम्हारी वजह से! उन्हें तुम्हारा नाम याद रहेगा। नरक तुम्हारा इंतजार कर रहा है, डॉन!"
वास्तव में, ट्रंप ने सोमवार की सुबह ट्रूथ सोशल पर लिखा, "पोप लियो अपराध के मामलों में कमजोर हैं और विदेश नीति के लिए बहुत बुरे हैं। पोप मेरी सरकार के 'डर' की बात तो करते हैं, लेकिन वो उस डर के बारे में कुछ नहीं बोलते जो कोरोना के समय चर्च ने झेला था। उस वक्त चर्च में प्रार्थना सभा आयोजित करने के लिए पादरियों और अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा था।" इससे व्हाइट हाउस और वेटिकन के बीच तनाव फिर से बढ़ गया।
पोस्ट में, ट्रंप ने पोप पर आरोप लगाया कि वे कोविड-१९ महामारी के दौरान धार्मिक सभाओं पर लगी पिछली पाबंदियों को नजरअंदाज करते हुए अपनी सरकार की आलोचना पर ध्यान दे रहे हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर पोप की 'नरमी' पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो सोचता हो कि ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार होना ठीक है।"