रुबियो की पोप लियो XIV से वेटिकन में मुलाकात, मध्य पूर्व और ट्रंप विवाद पर हुई चर्चा

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रुबियो की पोप लियो XIV से वेटिकन में मुलाकात, मध्य पूर्व और ट्रंप विवाद पर हुई चर्चा

सारांश

अमेरिका के विदेश मंत्री रुबियो और पोप लियो XIV की वेटिकन में 30 मिनट की बैठक — मध्य पूर्व संघर्ष पर चर्चा के बीच ट्रंप-पोप तनाव की पृष्ठभूमि में। अमेरिका के पहले पोप और ट्रंप प्रशासन के बीच आव्रजन और परमाणु नीति को लेकर खींचतान जारी है।

मुख्य बातें

मार्को रुबियो ने 7 मई 2026 को वेटिकन सिटी में पोप लियो XIV से 30 मिनट की बैठक की।
बैठक में मध्य पूर्व संघर्ष और पश्चिमी गोलार्ध के साझा मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक तय समय से लंबी चली; पोप अगले कार्यक्रम में 40 मिनट देरी से पहुँचे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने आरोप लगाया था कि पोप ईरान के परमाणु हथियारों का समर्थन करते हैं; पोप ने इसे खारिज किया।
पोलैंड के PM डोनाल्ड टस्क ने भी उसी दिन पोप से मुलाकात की।

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 7 मई 2026 को वेटिकन सिटी में पोप लियो XIV से मुलाकात की। 30 मिनट तक चली इस बैठक में मध्य पूर्व संघर्ष और पश्चिमी गोलार्ध से जुड़े साझा मुद्दों पर चर्चा हुई। अमेरिकी विदेश विभाग ने इस मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि की।

बैठक में क्या हुआ

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बयान जारी करते हुए कहा कि बैठक में मध्य पूर्व की स्थिति और पश्चिमी गोलार्ध से जुड़े साझा मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात अमेरिका और होली सी के बीच मज़बूत संबंधों तथा शांति एवं मानव गरिमा को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

वेटिकन की ओर से जारी तस्वीरों में पोप लियो XIV और रुबियो को अपोस्टोलिक पैलेस में हाथ मिलाते और बातचीत करते देखा गया। उल्लेखनीय है कि बैठक तय समय से लंबी चली, जिसके कारण पोप अपने अगले कार्यक्रम में करीब 40 मिनट की देरी से पहुँचे।

ट्रंप-पोप विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि पोप लियो XIV अमेरिका के पहले पोप हैं, और हाल के महीनों में वे अमेरिका-इज़रायल के ईरान पर रुख तथा ट्रंप प्रशासन की कड़ी आव्रजन नीतियों के आलोचक रहे हैं। इसी वजह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार सार्वजनिक रूप से पोप के खिलाफ टिप्पणियाँ की हैं।

बैठक से ठीक पहले सोमवार को ट्रंप ने दावा किया था कि पोप मानते हैं कि ईरान को परमाणु हथियार मिलना ठीक है। उन्होंने यह भी कहा था कि पोप

संपादकीय दृष्टिकोण

भले ही राष्ट्रपति स्तर पर तल्खी बनी हो। असली सवाल यह है कि क्या यह कूटनीतिक संपर्क ट्रंप की बयानबाज़ी को भी प्रभावित कर पाएगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रुबियो और पोप लियो XIV की वेटिकन बैठक में क्या हुआ?
7 मई 2026 को वेटिकन सिटी में हुई इस 30 मिनट की बैठक में मध्य पूर्व संघर्ष और पश्चिमी गोलार्ध के साझा मुद्दों पर चर्चा हुई। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि यह मुलाकात अमेरिका और होली सी की शांति व मानव गरिमा के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
ट्रंप और पोप लियो XIV के बीच विवाद क्यों है?
पोप लियो XIV ट्रंप प्रशासन की कड़ी आव्रजन नीतियों और अमेरिका-इज़रायल के ईरान पर रुख के आलोचक रहे हैं। ट्रंप ने आरोप लगाया कि पोप ईरान को परमाणु हथियार मिलने का समर्थन करते हैं, जिसे पोप ने सिरे से खारिज किया।
पोप लियो XIV का परमाणु हथियारों पर क्या रुख है?
पोप लियो XIV ने स्पष्ट किया कि कैथोलिक चर्च लंबे समय से परमाणु हथियारों का विरोध करता आया है। उन्होंने कहा, 'चर्च का काम सुसमाचार और शांति का प्रचार करना है।'
पोलैंड के PM डोनाल्ड टस्क ने पोप से मिलकर क्या कहा?
टस्क ने बैठक के बाद कहा कि दुनिया को अराजकता से बचाने के लिए अच्छे इरादों वाले देशों और नेताओं को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने भी उसी दिन 7 मई को पोप से मुलाकात की।
पोप लियो XIV कौन हैं और वे क्यों चर्चा में हैं?
पोप लियो XIV अमेरिका के पहले पोप हैं। वे ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीतियों और ईरान पर अमेरिकी रुख की आलोचना के कारण चर्चा में हैं, जिससे वाशिंगटन और वेटिकन के बीच असामान्य तनाव उत्पन्न हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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