ट्रंप ने ईरान को प्रतिबंध राहत की पेशकश की रिपोर्ट नकारी, एक्सियोस को बताया 'झूठ'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 29 सितंबर 2026 को उस मीडिया रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि उनके प्रशासन ने ईरान को परमाणु रियायतों के बदले में प्रतिबंधों में ढील और फ्रीज़ की गई संपत्तियों तक पहुँच की पेशकश की थी। अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सियोस की इस रिपोर्ट को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर 'झूठ' करार देते हुए उसे 'तुरंत' वापस लेने की माँग की।
ट्रंप का खंडन और एक्सियोस पर हमला
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'एक्सियोस ने अभी एक खबर जारी की है कि 'ट्रंप' ने ईरान को प्रतिबंधों से राहत और फ्रीज़ किए गए फंड देने की पेशकश की। यह सच नहीं है। मैंने उन्हें कुछ भी ऑफर नहीं किया! एक्सियोस की खबर, अधिकतर दूसरी खबरों की तरह, एक झूठ है।' यह खंडन ऐसे समय में आया जब ट्रंप ने सप्ताहांत में ईरान के युद्धविराम समझौते के प्रस्ताव को पहले ही ठुकरा दिया था।
ईरान का सात-दिवसीय प्रस्ताव
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को एनबीसी के कार्यक्रम 'मीट द प्रेस' में कहा कि तेहरान ने एक सात-दिवसीय योजना पेश की है। इस योजना के अनुसार, यदि अमेरिका संघर्ष समाप्त करे, अपनी नाकेबंदी हटाए, ईरान की फ्रीज़ की गई संपत्तियाँ जारी करे और देश को तेल बेचने की अनुमति दे, तो होर्मुज़ जलडमरूमध्य छठे दिन फिर से खुल जाएगा और सातवें दिन एक बड़े समझौते पर बातचीत शुरू होगी।
अराघची ने कहा, 'हमारा प्रस्ताव बहुत साफ है। अगर अमेरिका कुछ खास कदम उठाए, तो हम जलडमरूमध्य खोलने के लिए तैयार हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि इन माँगों को चार या पाँच दिनों में पूरा किया जा सकता है।
युद्ध की चेतावनी और कूटनीतिक तनाव
ट्रंप द्वारा शांति प्रस्ताव ठुकराए जाने के जवाब में अराघची ने कड़े शब्दों में कहा कि कूटनीति और युद्ध जारी रखने में से किसी एक को चुनना 'राष्ट्रपति ट्रंप पर निर्भर है।' उन्होंने आगे कहा, 'हम युद्ध फिर से शुरू होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हम किसी भी नए हमले का डटकर सामना करने के लिए तैयार हैं, भले ही बात 'कयामत वाले युद्ध' तक ही क्यों न पहुँच जाए।'
गौरतलब है कि यह तनाव ऐसे समय में चरम पर है जब होर्मुज़ जलडमरूमध्य — जिससे दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल आपूर्ति प्राप्त करता है — पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच गहरा टकराव बना हुआ है।
ईरान की शर्तें और अमेरिका की स्थिति
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के शांति प्रस्ताव में माँग की गई है कि यदि ईरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य के शेष हिस्से को फिर से खोलता है और अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत पुनः शुरू करता है, तो अमेरिका को ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने होंगे। अराघची ने स्पष्ट किया, 'हम चाहते हैं कि हमारा पैसा और हमारी संपत्ति, जिसे गैर-कानूनी तरीके से फ्रीज़ किया गया है, उसे जारी किया जाए। हम चाहते हैं कि हम अपना तेल बेच सकें।'
आगे क्या होगा
दोनों पक्षों के बीच सार्वजनिक बयानबाज़ी और परस्पर विरोधी दावों के बीच, कूटनीतिक वार्ता की संभावना फिलहाल अनिश्चित बनी हुई है। ट्रंप द्वारा एक्सियोस की रिपोर्ट को खारिज करना और एक साथ ईरान के प्रस्ताव को नकारना, यह संकेत देता है कि वाशिंगटन अभी वार्ता की मेज पर लौटने के लिए तैयार नहीं है। तेहरान का सात-दिवसीय प्रस्ताव मेज पर है, लेकिन उसकी स्वीकृति की संभावना निकट भविष्य में कम दिखती है।