ट्रंप की डिनर पार्टी में फायरिंग पर यूरोपीय नेताओं की कड़ी निंदा, मैक्रों बोले- लोकतंत्र में हिंसा अस्वीकार्य

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ट्रंप की डिनर पार्टी में फायरिंग पर यूरोपीय नेताओं की कड़ी निंदा, मैक्रों बोले- लोकतंत्र में हिंसा अस्वीकार्य

सारांश

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की डिनर पार्टी में फायरिंग के बाद यूरोपीय नेताओं — मैक्रों, स्टार्मर, वॉन डेर लेयेन और PM मोदी ने हमले की निंदा की। सभी ने एकजुट होकर कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं।

Key Takeaways

  • 26 अप्रैल को वाशिंगटन डीसी में ट्रंप की व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर पार्टी में फायरिंग की घटना हुई।
  • फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने हमले को 'अस्वीकार्य' बताते हुए ट्रंप को पूरा समर्थन दिया।
  • यूरोपीय काउंसिल अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने घटना को 'अत्यंत चिंताजनक' करार दिया।
  • ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर ने प्रेस की स्वतंत्रता पर हमले की कड़ी निंदा की।
  • PM मोदी ने ट्रंप, फर्स्ट लेडी और उपराष्ट्रपति की सुरक्षा पर राहत जताई और हिंसा की निंदा की।
  • वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने भी हमले की कोशिश की निंदा की और शांति का संदेश दिया।

वाशिंगटन डीसी / पेरिस, 26 अप्रैल। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर पार्टी में हुई फायरिंग की घटना ने पूरी दुनिया को हिला दिया। 26 अप्रैल को वाशिंगटन डीसी के एक होटल में हुई इस सुरक्षा घटना के बाद यूरोपीय देशों के शीर्ष नेताओं ने एकजुट होकर हमले की कड़ी निंदा की और राष्ट्रपति ट्रंप के प्रति अपना समर्थन जताया। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है।

मैक्रों और यूरोपीय नेताओं की तत्काल प्रतिक्रिया

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, "अमेरिकी राष्ट्रपति को निशाना बनाकर किया गया यह हथियारबंद हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है। लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है। मैं डोनाल्ड ट्रंप को अपना पूरा समर्थन देता हूं।"

यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने इस घटना को 'अत्यंत चिंताजनक' करार दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक हिंसा को पूरी तरह नकारा जाना चाहिए और इसे किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि वे इस घटना से गहरे सदमे में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं या प्रेस की स्वतंत्रता पर किसी भी तरह के हमले की कड़ी भर्त्सना होनी चाहिए।

यूरोपीय आयोग और EU विदेश नीति प्रमुख का बयान

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, "राजनीति में हिंसा की कभी कोई जगह नहीं होती।" उन्होंने मेहमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले पुलिस और आपातकालीन प्रतिक्रिया दल की तेज कार्रवाई की सराहना की।

यूरोपीय यूनियन की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता का सम्मान करने के लिए आयोजित होने वाला यह इवेंट कभी भी भय और आतंक का माहौल नहीं बनना चाहिए। उन्होंने घटना में घायल सीक्रेट सर्विस अधिकारी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने राहत जताते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य सभी लोग सुरक्षित हैं, यह जानकर उन्हें संतोष हुआ। उन्होंने इस घटना से प्रभावित सभी लोगों के लिए, जिनमें स्वीडिश पत्रकार भी शामिल हैं, शुभकामनाएं दीं।

PM मोदी और वेनेजुएला की प्रतिक्रिया

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, "वाशिंगटन डीसी के एक होटल में हुई हालिया सुरक्षा घटना के बाद यह जानकर राहत मिली कि राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी और उपराष्ट्रपति सुरक्षित हैं। लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं होती और इसकी सख्त निंदा होनी चाहिए।"

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने भी राष्ट्रपति ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया के खिलाफ हुई इस हमले की कोशिश की निंदा की। उन्होंने कहा कि जो लोग शांति में विश्वास रखते हैं, उनके लिए हिंसा कभी भी कोई विकल्प नहीं हो सकती।

घटना का व्यापक संदर्भ और महत्व

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका में राजनीतिक ध्रुवीकरण चरम पर है। गौरतलब है कि जुलाई 2024 में भी पेंसिल्वेनिया में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप पर जानलेवा हमले की कोशिश हो चुकी है, जिसमें वे बाल-बाल बचे थे। यह 2024-25 की अवधि में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति पर दूसरा बड़ा सुरक्षा खतरा है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना से अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल उठेंगे। साथ ही, यह घटना वैश्विक स्तर पर लोकतांत्रिक मूल्यों और नेताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ सकती है।

आने वाले दिनों में अमेरिकी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और कांग्रेस में इस मुद्दे पर होने वाली सुनवाई पर दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी।

Point of View

बल्कि अमेरिकी राजनीति में बढ़ती हिंसा की प्रवृत्ति का संकेत है — जो 2024 की पेंसिल्वेनिया रैली हमले के बाद और भी स्पष्ट हो गई है। दिलचस्प विरोधाभास यह है कि जिस डिनर का मकसद प्रेस की स्वतंत्रता का जश्न मनाना था, वही मंच हिंसा का केंद्र बन गया। यूरोपीय नेताओं की एकजुट निंदा दर्शाती है कि लोकतांत्रिक देश अभी भी साझा मूल्यों पर खड़े हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि अमेरिका की सीक्रेट सर्विस और सुरक्षा तंत्र में बार-बार चूक क्यों हो रही है — इसका जवाब कांग्रेस और जांच एजेंसियों को देना होगा।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

ट्रंप की डिनर पार्टी में फायरिंग की घटना क्या थी?
26 अप्रैल को वाशिंगटन डीसी के एक होटल में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान फायरिंग की घटना हुई। इस घटना में एक सीक्रेट सर्विस अधिकारी घायल हुए, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी और उपराष्ट्रपति सुरक्षित रहे।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप पर हमले पर क्या कहा?
इमैनुएल मैक्रों ने एक्स पर लिखा कि अमेरिकी राष्ट्रपति को निशाना बनाकर किया गया हथियारबंद हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं और उन्होंने ट्रंप को अपना पूरा समर्थन दिया।
PM मोदी ने ट्रंप डिनर फायरिंग पर क्या प्रतिक्रिया दी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी और उपराष्ट्रपति के सुरक्षित होने की खबर से राहत मिली। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं होती और इसकी सख्त निंदा होनी चाहिए।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने इस घटना पर क्या बयान दिया?
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि राजनीति में हिंसा की कभी कोई जगह नहीं है। उन्होंने मेहमानों की सुरक्षा के लिए पुलिस और इमरजेंसी रेस्पोंडर्स की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
क्या ट्रंप पर पहले भी हमले की कोशिश हुई थी?
हां, जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया में एक चुनावी रैली के दौरान डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमले की कोशिश हुई थी, जिसमें वे बाल-बाल बचे थे। यह अमेरिकी राष्ट्रपति पर हाल के वर्षों में दूसरी बड़ी सुरक्षा चूक मानी जा रही है।
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