बड़ा फैसला: जिपी होटोवेली बनीं इजरायल की नेशनल पब्लिक डिप्लोमेसी डायरेक्टरेट की नई प्रमुख
सारांश
मुख्य बातें
तेल अवीव, 26 अप्रैल: इजरायल की नेशनल पब्लिक डिप्लोमेसी डायरेक्टरेट को आखिरकार एक नई प्रमुख मिल गई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वरिष्ठ राजनयिक और पूर्व राजदूत जिपी होटोवेली को इस अहम पद पर नियुक्त करने का निर्णय लिया, जिसे इजरायली कैबिनेट ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। होटोवेली 5 मई, 2026 को इस पद का कार्यभार संभालेंगी।
क्या है नेशनल पब्लिक डिप्लोमेसी डायरेक्टरेट?
यह संस्था सीधे इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन काम करती है और इसकी भूमिका अत्यंत संवेदनशील है। इसका मुख्य काम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल की छवि को मजबूत करना, वैश्विक मीडिया अभियानों का प्रबंधन करना और युद्ध या संकट के दौरान हसबारा (सार्वजनिक कूटनीति एवं जनसंपर्क) प्रयासों का समन्वय करना है।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब इजरायल कई मोर्चों पर सैन्य संघर्ष में उलझा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में उसकी आलोचना लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इस पद की जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
नियुक्ति की प्रक्रिया और आधिकारिक सिफारिश
सिविल सर्विस कमिश्नर की अध्यक्षता में गठित अपॉइंटमेंट कमेटी ने पिछले गुरुवार को होटोवेली की उम्मीदवारी की विधिवत समीक्षा की। कमेटी ने उनकी योग्यता और अनुभव को देखते हुए सरकार के समक्ष उनकी नियुक्ति की आधिकारिक सिफारिश की।
इसके बाद प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैबिनेट के सामने यह प्रस्ताव रखा, जहां सभी मंत्रियों ने एकमत होकर इसे स्वीकृति दी। प्रधानमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों ने होटोवेली को बधाई देते हुए इस महत्वपूर्ण भूमिका में उनकी सफलता की कामना की।
जिपी होटोवेली: अनुभव और शैक्षणिक पृष्ठभूमि
होटोवेली के पास कानून में स्नातक (LLB) और परास्नातक (LLM) दोनों डिग्रियां हैं और वह एक प्रमाणित वकील भी हैं। उनके पास सार्वजनिक सेवा का व्यापक अनुभव है।
उन्होंने मिनिस्टर ऑफ सेटलमेंट, मिनिस्टर ऑफ डायस्पोरा अफेयर्स, उप विदेश मंत्री और ब्रिटेन में इजरायली राजदूत जैसे शीर्ष पदों पर कार्य किया है। वह 2020 से 2025 तक लंदन में इजरायल की राजदूत रहीं।
अपने विभिन्न पदों पर रहते हुए होटोवेली ने दुनिया भर के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों में इजरायल का पक्ष रखा और वैश्विक एडवोकेसी अभियानों को नेतृत्व दिया — विशेष रूप से युद्ध जैसी परिस्थितियों में।
विवाद और आलोचना का संदर्भ
होटोवेली प्रधानमंत्री नेतन्याहू की दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी की सदस्य हैं। द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, उन्हें 2017 में दिए एक बयान के कारण तीखी आलोचना झेलनी पड़ी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिकी यहूदी अपने बच्चों को अपने देश के लिए लड़ने नहीं भेजते। हालांकि बाद में उन्होंने इस बयान के लिए सार्वजनिक माफी भी मांगी।
गौरतलब है कि इस पद पर पिछले प्रमुख मोशिक अवीव का मई 2024 में निधन हो गया था और तब से यह पद रिक्त था — यानी लगभग एक वर्ष तक इजरायल की सार्वजनिक कूटनीति बिना किसी स्थायी नेतृत्व के चलती रही।
रणनीतिक महत्व और आगे की राह
इजरायल इस समय गाजा संघर्ष सहित कई मोर्चों पर दबाव में है और अंतरराष्ट्रीय जनमत में उसकी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। ऐसे में होटोवेली की नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि एक सोची-समझी कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
होटोवेली का व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव — खासकर पश्चिमी देशों में — और मीडिया में उनकी सक्रिय उपस्थिति इस भूमिका के लिए उन्हें उपयुक्त बनाती है। 5 मई, 2026 से वह आधिकारिक रूप से यह जिम्मेदारी संभालेंगी और उनसे उम्मीद की जा रही है कि वह इजरायल की वैश्विक छवि सुधारने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।