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क्या राष्ट्रपति ट्रंप शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड हटा रहे हैं?

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क्या राष्ट्रपति ट्रंप शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड हटा रहे हैं?

सारांश

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड को हटाने का ऐलान किया है। यह निर्णय अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के मद्देनजर लिया गया है। ट्रंप ने इन शहरों के डेमोक्रेट नेताओं को अक्षम बताया है। इस कदम का राजनीतिक मंशा होने पर भी सवाल उठ रहे हैं।

मुख्य बातें

ट्रंप ने नेशनल गार्ड को हटाने का निर्णय लिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ फैसला सुनाया।
डेमोक्रेट नेताओं ने इस कदम को राजनीतिक बताया।
ट्रंप ने अपराध बढ़ने पर फिर से मजबूत वापसी की बात की।
विवाद की शुरुआत 4 अक्टूबर से हुई थी।

वाशिंगटन, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह ऐलान किया है कि उनकी सरकार शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड को हटा रही है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है, जब कुछ दिन पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ फैसला सुनाया था।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "हम शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड को हटा रहे हैं। इन शहरों में नेशनल गार्ड की उपस्थिति से अपराध में काफी कमी आई थी। अगर संघीय सरकार ने दखल न दिया होता, तो पोर्टलैंड, लॉस एंजिल्स और शिकागो खत्म हो गए होते।"

उन्होंने यह भी कहा कि जब इन क्षेत्रों में फिर से अपराध बढ़ेगा, तब सरकार और अधिक मजबूत तरीके से लौटेगी। उन्होंने इन शहरों के डेमोक्रेट मेयरों और गवर्नरों को "बहुत अक्षम" बताया।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यह सूचना सुप्रीम कोर्ट द्वारा अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट के एजेंटों की सुरक्षा के लिए शिकागो में नेशनल गार्ड भेजने की ट्रंप की योजना को रोकने के कुछ ही दिनों बाद आई है।

ट्रंप का कहना है कि जिन राज्यों और शहरों में डेमोक्रेट्स की सरकार है, वहां अपराध बढ़ रहा है। इसलिए नेशनल गार्ड की तैनाती जरूरी है। वहीं, डेमोक्रेट नेताओं ने इन कदमों के पीछे राजनीतिक मंशा होने पर सवाल उठाए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप प्रशासन की मांग को खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित एक आदेश में कहा, "इस शुरुआती चरण में, सरकार इलिनोइस में सेना को कानूनों को लागू करने की अनुमति देने वाले अधिकार का स्रोत बताने में विफल रही है।"

इस पूरे विवाद की शुरुआत 4 अक्टूबर से मानी जाती है, जब ट्रंप ने इलिनोइस नेशनल गार्ड के 300 सदस्यों को इलिनोइस में, खासकर शिकागो और उसके आसपास, सक्रिय संघीय सेवा में बुलाया था। अगले दिन टेक्सास नेशनल गार्ड के कुछ जवानों को भी संघीय नियंत्रण में लेकर शिकागो भेजा गया।

9 अक्टूबर को, इलिनोइस के उत्तरी जिला न्यायालय ने इस कदम पर अस्थायी रोक लगा दी। इसके बाद 16 अक्टूबर को सेवेंथ सर्किट की अपीलीय अदालत ने इस फैसले को बरकरार रखा। अदालत ने सरकार को नेशनल गार्ड को संघीय नियंत्रण में लेने की अनुमति दी, लेकिन उन्हें तैनात करने की इजाजत नहीं दी।

इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने का निर्णय लिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सवाल उठता है कि क्या यह निर्णय इन शहरों की सुरक्षा को प्रभावित करेगा? हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि क्या यह कार्रवाई केवल राजनीतिक लाभ के लिए की जा रही है या वास्तव में अपराध नियंत्रण के लिए आवश्यक है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने नेशनल गार्ड को क्यों हटाया?
ट्रंप का कहना है कि इन शहरों में नेशनल गार्ड की उपस्थिति से अपराध में कमी आई थी और अब यह कदम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उठाया गया है।
क्या यह कदम राजनीतिक मंशा से प्रेरित है?
डेमोक्रेट नेताओं ने इस कदम के पीछे राजनीतिक मंशा होने का आरोप लगाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस पर क्या फैसला दिया?
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन की मांग को 6-3 के बहुमत से खारिज कर दिया।
क्या नेशनल गार्ड की वापसी से अपराध बढ़ सकता है?
ट्रंप का कहना है कि अगर अपराध फिर से बढ़ता है, तो सरकार और मजबूत तरीके से लौटेगी।
इस विवाद की शुरुआत कब हुई?
इस विवाद की शुरुआत 4 अक्टूबर को हुई जब ट्रंप ने नेशनल गार्ड के सदस्यों को सक्रिय सेवा में बुलाया था।
राष्ट्र प्रेस
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