ट्रंप की ईरान को कड़े प्रतिबंधों की चेतावनी, होर्मुज में मदद न करने पर दक्षिण कोरिया पर भड़के
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 अगस्त 2026 को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ईरान पर 'बेहद कड़े प्रतिबंध' लगाने की चेतावनी दी। यह बयान होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जारी भू-राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में आया है। साथ ही, ट्रंप ने इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा में सहयोग देने से इनकार करने पर दक्षिण कोरिया के प्रति अपनी नाराज़गी खुलकर ज़ाहिर की।
ईरान पर प्रतिबंधों की चेतावनी
तेहरान के खिलाफ संभावित नए कदमों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, 'हमारे पास ऐसे उपाय हैं, जिनसे हम प्रतिबंध लगा सकते हैं। हमारे पास बहुत कड़े प्रतिबंध लगाने की क्षमता है। देखते हैं आगे क्या होता है।' उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ऐसे प्रतिबंध कब और किस आधार पर लागू किए जाएँगे।
होर्मुज स्ट्रेट की घटती अहमियत पर ट्रंप का तर्क
ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट के भविष्य के महत्व को कम करके आँका। उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिका में ऊर्जा उत्पादन बढ़ने और नए सप्लाई रूट विकसित होने से इस जलमार्ग पर वैश्विक निर्भरता घट गई है। उन्होंने कहा, 'अभी यह जलडमरूमध्य खुला है। यहाँ से बहुत सारे जहाज़ गुज़र रहे हैं, लेकिन लोग इसकी रिपोर्ट नहीं कर रहे हैं। हो सकता है कि किसी समय इसमें थोड़ी कमी आए।' गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और वैश्विक तेल शिपमेंट का एक प्रमुख मार्ग है।
दक्षिण कोरिया से नाराज़गी
ट्रंप ने दक्षिण कोरिया की आलोचना करते हुए कहा कि जब अमेरिका ने होर्मुज की सुरक्षा में सहयोग माँगा, तो सियोल का जवाब निराशाजनक रहा। उन्होंने कहा, 'मैं खुश नहीं था जब दक्षिण कोरिया ने कहा कि नहीं, वे होर्मुज स्ट्रेट में हमारी मदद करने में दिलचस्पी नहीं रखते, जबकि वे अपना 60 प्रतिशत तेल होर्मुज से ही प्राप्त करते हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-दक्षिण कोरिया रक्षा साझेदारी पर पहले से ही कई सवाल उठ रहे हैं।
कोरियाई प्रायद्वीप और किम जोंग-उन से संबंध
राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज पर सियोल के रुख को कोरियाई प्रायद्वीप पर होने वाले सैन्य अभ्यासों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जब वे उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ कामकाजी संबंध बनाए रखने की कोशिश कर रहे थे, तब ऐसे अभ्यास करना उचित नहीं था। जब उनसे पूछा गया कि क्या किम के साथ पुनः वार्ता में परमाणु निरस्त्रीकरण उनका लक्ष्य है, तो ट्रंप ने सीधा जवाब देने से इनकार करते हुए कहा, 'मैं उस बारे में बात नहीं करना चाहता, लेकिन किम जोंग-उन के साथ मेरे अच्छे संबंध हैं।'
क्या होगा आगे
ट्रंप ने दावा किया कि किम जोंग-उन के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध पिछले अमेरिकी राष्ट्रपतियों की तुलना में बेहतर हैं और इससे अमेरिका व उसके एशियाई सहयोगी अधिक सुरक्षित हुए हैं। हालाँकि, विश्लेषकों के अनुसार ईरान पर संभावित प्रतिबंधों की दिशा और दक्षिण कोरिया के साथ संबंधों पर इन बयानों का असर आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होगा।