ट्रंप का दावा: पुतिन से फोन पर मांगा, अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड रूसी हिरासत से रिहा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उनकी सीधी व्यक्तिगत अपील के बाद अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को रूसी हिरासत से रिहा कर दिया। ट्रंप के अनुसार, उन्होंने शुक्रवार को पुतिन से फोन पर यह मामला उठाया और हबर्ड अब अमेरिका वापस लौट चुके हैं।
रैली में ट्रंप का बयान
फ्लोरिडा के फोर्ट मायर्स में एक रिपब्लिकन चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने इस रिहाई को अपनी कूटनीतिक क्षमता का प्रमाण बताया। उन्होंने समर्थकों से कहा, 'मैंने शुक्रवार को व्लादिमीर पुतिन को फोन किया और कहा, क्या आप मेरे लिए एक काम करेंगे? आपके पास जो व्यक्ति है, स्टीफन हबर्ड, उसे मुझे वापस दे दीजिए।' ट्रंप ने दावा किया कि पुतिन ने यह अनुरोध तत्काल स्वीकार कर लिया।
ट्रंप ने कहा, 'उन्होंने उन्हें हमें वापस दे दिया। वह अभी हमारे देश पहुंचे हैं और यह बहुत अच्छी बात है। उनका परिवार बहुत खुश है।'
हबर्ड के बेटे से मुलाकात का असर
ट्रंप ने बताया कि हबर्ड के बेटे से हुई मुलाकात ने उन पर गहरा प्रभाव छोड़ा था। उनके अनुसार, हबर्ड का बेटा अपने पिता को वापस लाने के लिए पूरी कोशिश कर रहा था और उनके पिता कई साल से रूस में हिरासत में थे। ट्रंप ने रूसी हिरासत में हबर्ड के समय को बेहद कठिन बताया और कहा कि परिवार ने लंबे समय तक अनिश्चितता एवं मानसिक पीड़ा का सामना किया।
बाइडेन प्रशासन पर निशाना
ट्रंप ने इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन की आलोचना भी की। उन्होंने कहा, 'उन्हें बाइडेन के कार्यकाल में पकड़ा गया था। जिस रात उन्हें हिरासत में लिया गया, उसी रात उन्हें वापस लाने की कोशिश होनी चाहिए थी।' यह टिप्पणी ट्रंप की अपनी विदेश नीति की व्यापक प्रस्तुति का हिस्सा थी, जिसमें वे पूर्ववर्ती सरकार की कथित निष्क्रियता को रेखांकित करते हैं।
अनुत्तरित सवाल और सीमाएँ
गौरतलब है कि ट्रंप ने यह नहीं बताया कि हबर्ड की रिहाई किन शर्तों पर हुई, रूस को बदले में कोई रियायत दी गई या नहीं, और इस प्रक्रिया में अन्य कूटनीतिक माध्यमों की क्या भूमिका रही। उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि हबर्ड किस तारीख को अमेरिका लौटे या किन अमेरिकी अधिकारियों ने उनकी वापसी का समन्वय किया। इन विवरणों की अनुपस्थिति में ट्रंप के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
रूस-यूक्रेन युद्ध और आगे की राह
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के अपने प्रयासों की चर्चा कर रहे हैं। रैली में उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि हम रूस-यूक्रेन की इस त्रासदी को खत्म करने के करीब हैं। मुझे आशा है कि यह जल्द समाप्त होगी।' उन्होंने यह भी दावा किया कि इस युद्ध में हर महीने औसतन 25,000 सैनिक मारे जा रहे हैं, हालाँकि इस आँकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ट्रंप के अनुसार, हबर्ड की रिहाई को अमेरिका-रूस संबंधों में एक अलग मानवीय पहल के रूप में देखा जा सकता है, भले ही यूक्रेन मुद्दे पर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हों।