यूएई में PM मोदी का F-16 एस्कॉर्ट से भव्य स्वागत, बोले- 'यह भारत के लोगों का सम्मान'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई 2025 को अपनी 5 देशों की यूरोप-खाड़ी यात्रा के पहले पड़ाव पर अबू धाबी पहुँचे, जहाँ यूएई के F-16 लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही एस्कॉर्ट किया। इस दुर्लभ सैन्य सम्मान पर मोदी ने कहा कि यह केवल उनका नहीं, बल्कि भारत के 140 करोड़ नागरिकों का सम्मान है।
हवाई क्षेत्र में F-16 का एस्कॉर्ट
प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार सुबह नई दिल्ली से रवाना हुए और कुछ घंटों बाद उनका विमान यूएई के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ। इस अवसर पर यूएई वायुसेना के F-16 लड़ाकू विमानों ने पीएम के विमान के साथ उड़ान भरी — एक ऐसा सैन्य सम्मान जो केवल राष्ट्राध्यक्षों को दिया जाता है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर इसका वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान यूएई के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, यूएई के F-16 लड़ाकू विमानों ने उसे एस्कॉर्ट किया। यह भारत और यूएई के नेतृत्व के बीच साझा गहरी रणनीतिक साझेदारी, विश्वास और आपसी सौहार्द का एक प्रतीक है।'
अबू धाबी में गार्ड ऑफ ऑनर और राष्ट्रपति से मुलाकात
अबू धाबी हवाई अड्डे पर पहुँचने पर प्रधानमंत्री मोदी को औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। इसके बाद उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। मोदी ने राष्ट्रपति को 'भाई' संबोधित करते हुए एक्स पर लिखा, 'अपने भाई, राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ मुलाकात के दौरान मैंने जो बातें कहीं, उन्हें शेयर कर रहा हूँ।' यह मुलाकात दोनों देशों के बीच गहरे व्यक्तिगत और कूटनीतिक संबंधों की परिचायक है।
मोदी की भावुक प्रतिक्रिया
मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई में मिले स्वागत के लिए आभार जताते हुए कहा, 'मैं अपने दूसरे घर आया हूँ। ये शब्द और भाव मेरे जीवन की बहुत बड़ी पूंजी है। आज भी जिस प्रकार से आपकी सेना के जहाजों ने एस्कॉर्ट किया, यह भारत के लोगों का सम्मान है।' गौरतलब है कि मोदी की यूएई यात्रा पहले भी कई बार हो चुकी है और दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा और प्रवासी भारतीयों को लेकर घनिष्ठ संबंध हैं।
5 देशों की यात्रा का पहला पड़ाव
यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के 5 देशों के दौरे का पहला चरण है। यूएई के बाद वे नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत वैश्विक कूटनीति में अपनी उपस्थिति और मजबूत कर रहा है — विशेषकर खाड़ी देशों और यूरोप के साथ रणनीतिक संबंधों को नई ऊँचाई देने के लिए।