25 जुलाई 2026
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यूनेस्को ने वेस्ट बैंक और लेबनान के ऐतिहासिक स्थल विश्व धरोहर सूची में किए शामिल, इजरायल की आपत्ति खारिज

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यूनेस्को ने वेस्ट बैंक और लेबनान के ऐतिहासिक स्थल विश्व धरोहर सूची में किए शामिल, इजरायल की आपत्ति खारिज

सारांश

इजरायल की आपत्तियों को नकारते हुए यूनेस्को ने वेस्ट बैंक के सेबास्तिया और दक्षिणी लेबनान के पाँच किलों को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया — साथ ही संकटग्रस्त सूची में भी। इनमें ब्यूफोर्ट कैसल भी है, जिस पर इजरायली सेना का कब्जा है। यह निर्णय बुसान में आपातकालीन प्रक्रिया के तहत लिया गया।

मुख्य बातें

यूनेस्को ने 25 जुलाई को बुसान, दक्षिण कोरिया में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया।
वेस्ट बैंक के सेबास्तिया पुरातात्विक स्थल और दक्षिणी लेबनान के माउंट अमेल के 5 किलों को विश्व धरोहर व संकटग्रस्त सूची में शामिल किया गया।
ब्यूफोर्ट कैसल (कलाअत अल-शकीफ) पर इजरायली सेना ने मई 2025 में कब्जा किया था।
इजरायल के विदेश मंत्रालय ने बैठक से पूर्व इन प्रस्तावों को अस्वीकार करने की अपील की थी, जिसे समिति ने नकार दिया।
सेबास्तिया का इतिहास ईसा पूर्व 9वीं शताब्दी तक जाता है; लेबनान के किले मध्यकाल से 19वीं शताब्दी के बीच के हैं।

यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन) ने इजरायल की आपत्तियों को नकारते हुए वेस्ट बैंक के ऐतिहासिक पुरातात्विक स्थल सेबास्तिया और दक्षिणी लेबनान के माउंट अमेल क्षेत्र के पाँच ऐतिहासिक किलों को विश्व धरोहर सूची में शामिल कर लिया है। यह निर्णय 25 जुलाई को दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित यूनेस्को की बैठक में आपातकालीन प्रक्रिया के तहत लिया गया। इन दोनों स्थलों को एक साथ संकटग्रस्त विश्व धरोहर सूची में भी दर्ज किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति ने मध्य पूर्व में जारी सशस्त्र संघर्षों का हवाला देते हुए इन नामांकनों की आपातकालीन आधार पर समीक्षा की। इससे कुछ दिन पूर्व इजरायल के विदेश मंत्रालय ने समिति से इन प्रस्तावों को अस्वीकार करने की औपचारिक अपील की थी, जिसे समिति ने स्वीकार नहीं किया।

इन स्थलों में ब्यूफोर्ट कैसल (जिसे कलाअत अल-शकीफ भी कहा जाता है) विशेष रूप से चर्चा में है। क्रूसेडर काल के इस किले पर मई 2025 में लेबनान में हिजबुल्लाह के विरुद्ध अभियान के दौरान इजरायली सेना ने कब्जा कर लिया था।

स्थलों का ऐतिहासिक महत्व

यूनेस्को के अनुसार, कब्जे वाले वेस्ट बैंक में नाबलुस के समीप स्थित सेबास्तिया पुरातात्विक स्थल पर विभिन्न सभ्यताओं के क्रमिक शासन और बसावट के प्रमाण संरक्षित हैं, जिनका इतिहास ईसा पूर्व 9वीं शताब्दी तक जाता है।

जबल अमेल (माउंट अमेल) क्षेत्र के ये पाँच किले मध्यकाल से लेकर 19वीं शताब्दी के बीच के हैं। यूनेस्को ने बताया कि ये किले क्रूसेडर, अय्यूबी, ममलूक, उस्मानी (ऑटोमन) शासन तथा स्थानीय सामंती शासकों के विभिन्न दौर और उनसे जुड़े निर्माण व बदलावों को दर्शाते हैं।

संघर्ष से खतरे में धरोहर

यूनेस्को ने स्पष्ट किया कि दक्षिणी लेबनान का यह पर्वतीय इलाका युद्ध के दौरान इजरायली हवाई हमलों का बार-बार निशाना बना है, और इन ऐतिहासिक किलों को संघर्ष के दौरान क्षति पहुँची है। संगठन के अनुसार, स्थिति इतनी गंभीर है कि आपातकालीन प्रक्रिया के तहत इन्हें सूचीबद्ध करना अनिवार्य हो गया था।

गौरतलब है कि यूनेस्को की संकटग्रस्त विश्व धरोहर सूची में शामिल होने का अर्थ है कि इन स्थलों पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी और संरक्षण प्रयास बढ़ाए जाएँगे। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में सशस्त्र संघर्ष के कारण सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा वैश्विक चिंता का विषय बनी हुई है।

इजरायल की स्थिति

इजरायल के विदेश मंत्रालय ने बैठक से पूर्व समिति को पत्र लिखकर इन प्रस्तावों को अस्वीकार करने का आग्रह किया था। हालाँकि, समिति ने इस अपील को दरकिनार करते हुए नामांकनों को मंजूरी दे दी। इजरायल की ओर से इस निर्णय पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।

आगे क्या होगा

इन स्थलों के विश्व धरोहर सूची में शामिल होने के बाद यूनेस्को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इनके संरक्षण के लिए सहयोग माँगेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचक यह भी पूछ सकते हैं कि 'संकटग्रस्त सूची' में शामिल होने से ज़मीन पर क्या बदलेगा, जब तक कि सक्रिय युद्धविराम और संरक्षण तंत्र न हो।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूनेस्को ने किन स्थलों को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया है?
यूनेस्को ने वेस्ट बैंक के नाबलुस के पास स्थित सेबास्तिया पुरातात्विक स्थल और दक्षिणी लेबनान के माउंट अमेल (जबल अमेल) क्षेत्र के पाँच ऐतिहासिक किलों को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया है। इन्हें एक साथ संकटग्रस्त विश्व धरोहर सूची में भी दर्ज किया गया है।
ब्यूफोर्ट कैसल क्या है और यह चर्चा में क्यों है?
ब्यूफोर्ट कैसल, जिसे कलाअत अल-शकीफ भी कहते हैं, दक्षिणी लेबनान का क्रूसेडर काल का ऐतिहासिक किला है। मई 2025 में लेबनान में हिजबुल्लाह के विरुद्ध अभियान के दौरान इजरायली सेना ने इस पर कब्जा कर लिया था, और अब यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर सूची में शामिल किया है।
इजरायल ने इस निर्णय पर क्या रुख अपनाया?
इजरायल के विदेश मंत्रालय ने बैठक से पूर्व यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति को पत्र लिखकर इन प्रस्तावों को अस्वीकार करने की अपील की थी। हालाँकि, समिति ने इस अपील को नकारते हुए दोनों नामांकनों को मंजूरी दे दी।
सेबास्तिया पुरातात्विक स्थल का क्या महत्व है?
यूनेस्को के अनुसार, कब्जे वाले वेस्ट बैंक में नाबलुस के पास स्थित सेबास्तिया में विभिन्न सभ्यताओं के क्रमिक शासन और बसावट के प्रमाण सुरक्षित हैं, जिनका इतिहास ईसा पूर्व 9वीं शताब्दी तक जाता है। यह स्थल मध्य पूर्व की बहुस्तरीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करता है।
संकटग्रस्त विश्व धरोहर सूची में शामिल होने का क्या अर्थ है?
संकटग्रस्त विश्व धरोहर सूची में शामिल होने का अर्थ है कि यूनेस्को इन स्थलों पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी बढ़ाएगा और संरक्षण के लिए वैश्विक समुदाय से सहयोग माँगेगा। यह दर्जा तब दिया जाता है जब किसी स्थल को युद्ध, प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से गंभीर खतरा हो।
राष्ट्र प्रेस
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