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ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा: नेतन्याहू बोले — 'एकजुट और पहले से मजबूत होकर लौटे हैं हम'

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ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा: नेतन्याहू बोले — 'एकजुट और पहले से मजबूत होकर लौटे हैं हम'

सारांश

ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा महज एक सैन्य कदम नहीं — नेतन्याहू ने इसे इजरायल की रणनीतिक नीति में ऐतिहासिक बदलाव बताया है। 1982 के विभाजनकारी युद्ध की यादों के बीच इजरायल का यह 'एकजुट वापसी' का दावा दक्षिणी लेबनान में उसके इरादों को साफ करता है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 31 मई को दक्षिणी लेबनान के ब्यूफोर्ट किले पर इजरायली कब्जे को नीति में 'बड़ा बदलाव' करार दिया।
नेतन्याहू का दावा — अक्टूबर 2023 से अब तक हिज्बुल्लाह के 8,000 लड़ाके मारे गए, जिनमें सिर्फ पिछले महीने 700 शामिल।
इजरायल ने 1982–2000 के दौरान दक्षिणी लेबनान पर 18 वर्षीय कब्जे के बाद 2000 में सेना वापस बुलाई थी।
अप्रैल मध्य में घोषित युद्धविराम के बाद से 13 इजरायली नागरिकों और सैनिकों की मौत हो चुकी है।
नेतन्याहू ने सीरिया, गाजा और लेबनान सभी मोर्चों पर कार्रवाई जारी रखने का संकल्प दोहराया।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 31 मई को दक्षिणी लेबनान स्थित ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट किले और उसके आसपास की रणनीतिक पहाड़ी पर इजरायली सेना के कब्जे को इजरायल की नीति में 'बड़ा बदलाव' करार दिया। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब इजरायली सेना हिज्बुल्लाह के विरुद्ध अपने जमीनी अभियान का विस्तार करते हुए दक्षिणी लेबनान में और गहरे उतर रही है।

नेतन्याहू का वीडियो संदेश

अपने कार्यालय की ओर से जारी एक वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने कहा, 'ब्यूफोर्ट पर कब्जा एक महत्वपूर्ण चरण और हमारी नीति में बड़ा बदलाव है। अब मेरा निर्देश है कि उन क्षेत्रों पर हमारी पकड़ और मजबूत तथा व्यापक की जाए, जो पहले हिज्बुल्लाह के नियंत्रण में थे।' उन्होंने आगे कहा, 'आज हम ब्यूफोर्ट में अलग तरीके से लौटे हैं — एकजुट, दृढ़ संकल्प के साथ और पहले से कहीं अधिक मजबूत होकर। हमने भय की दीवार को तोड़ दिया है।'

ऐतिहासिक संदर्भ

नेतन्याहू ने याद दिलाया कि 1982 के पहले लेबनान युद्ध के दौरान ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा इजरायली समाज में गहरे विभाजन का कारण बना था। इजरायल ने दक्षिणी लेबनान पर अपने 18 वर्षीय कब्जे (1982–2000) के दौरान इस क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए रखा था, लेकिन 2000 में अपनी सेना वापस बुला ली थी। गौरतलब है कि यह वही ऐतिहासिक स्थल है जो दशकों से इजरायल-लेबनान संघर्ष का प्रतीक रहा है।

हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई के दावे

नेतन्याहू ने दावा किया कि अक्टूबर 2023 में हमास के हमले के बाद से इजरायल ने हिज्बुल्लाह के 8,000 लड़ाकों को मार गिराया है। उनके अनुसार, इनमें से 3,000 लड़ाके पिछले वर्ष ईरान के खिलाफ शुरू हुए युद्ध के बाद मारे गए, जबकि 700 लड़ाके सिर्फ पिछले महीने मारे गए। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल सीरिया, गाजा और लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सक्रिय है और अपनी सीमाओं से बाहर सुरक्षा क्षेत्र स्थापित किए गए हैं।

युद्धविराम के बाद भी जनहानि जारी

नेतन्याहू के अनुसार, अप्रैल मध्य में इजरायल और लेबनान के बीच घोषित युद्धविराम के बाद से अब तक 13 इजरायली नागरिकों और सैनिकों की मौत हो चुकी है। यह आँकड़ा युद्धविराम की नाजुक स्थिति को उजागर करता है। नेतन्याहू ने कहा, 'इसमें समय लगेगा, लेकिन हम अपना मिशन पूरा करेंगे।'

आगे क्या

ब्यूफोर्ट किले पर कब्जे के साथ इजरायली सेना का दक्षिणी लेबनान में विस्तार जारी है। नेतन्याहू की यह घोषणा संकेत देती है कि इजरायल निकट भविष्य में हिज्बुल्लाह के पूर्व-नियंत्रित क्षेत्रों में अपनी पकड़ और मजबूत करने की रणनीति पर आगे बढ़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब इसी किले ने इजरायली समाज को बाँटा था। युद्धविराम के बाद भी 13 इजरायली जानें जाना यह दर्शाता है कि 'युद्धविराम' नाम की चीज़ ज़मीन पर बेहद नाजुक है। 8,000 लड़ाकों के मारे जाने के दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं, और इतिहास बताता है कि ऐसे आँकड़े अक्सर युद्धकाल में राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति करते हैं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्यूफोर्ट किला क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
ब्यूफोर्ट किला दक्षिणी लेबनान में स्थित एक ऐतिहासिक और रणनीतिक पहाड़ी किला है, जो इजरायल-लेबनान संघर्ष का दीर्घकालिक प्रतीक रहा है। इजरायल ने 1982–2000 के दौरान इस पर नियंत्रण रखा था और अब फिर से इस पर कब्जा किया गया है।
नेतन्याहू ने ब्यूफोर्ट कब्जे को 'बड़ा बदलाव' क्यों कहा?
नेतन्याहू के अनुसार, यह कब्जा इजरायल की उस नई नीति का हिस्सा है जिसमें हिज्बुल्लाह के पूर्व-नियंत्रित क्षेत्रों पर पकड़ मजबूत करना शामिल है। उन्होंने इसे 2000 की 'वापसी' के विपरीत एक एकजुट और दृढ़ सैन्य कदम बताया।
इजरायल-लेबनान युद्धविराम की स्थिति क्या है?
अप्रैल मध्य में युद्धविराम घोषित हुआ था, लेकिन नेतन्याहू के अनुसार तब से अब तक 13 इजरायली नागरिकों और सैनिकों की मौत हो चुकी है। जमीनी अभियान जारी रहने से युद्धविराम की स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं।
इजरायल ने हिज्बुल्लाह के कितने लड़ाके मारे हैं?
नेतन्याहू के दावे के अनुसार, अक्टूबर 2023 से अब तक हिज्बुल्लाह के 8,000 लड़ाके मारे गए हैं — जिनमें 3,000 पिछले वर्ष और 700 सिर्फ पिछले महीने। ये आँकड़े इजरायली सरकार के हैं और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं।
इजरायल अभी किन मोर्चों पर सक्रिय है?
नेतन्याहू के बयान के अनुसार, इजरायल फिलहाल सीरिया, गाजा और लेबनान — तीनों मोर्चों पर सक्रिय है। उन्होंने कहा कि अपने समुदायों की सुरक्षा के लिए सीमाओं से बाहर सुरक्षा क्षेत्र स्थापित किए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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