25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं दिला सके तो नागपुर न लौटें मोहन भागवत: संजय राउत का तीखा वार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं दिला सके तो नागपुर न लौटें मोहन भागवत: संजय राउत का तीखा वार

सारांश

संजय राउत ने नागपुर से ही RSS सरसंघचालक मोहन भागवत को सीधी चुनौती दी — धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा दिलाएँ, वरना नागपुर न लौटें। संघ के गढ़ से यह बयान महज राजनीतिक नहीं, एक सुनियोजित संदेश है।

मुख्य बातें

संजय राउत ने 25 जुलाई को नागपुर और मुंबई में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग दोहराई।
राउत ने मोहन भागवत को चेताया — इस्तीफा न दिला सकें तो नागपुर वापस न आएँ।
सभी विपक्षी दल राहुल गांधी के नेतृत्व में इस आंदोलन के साथ खड़े हैं — राउत।
महाराष्ट्र सरकार द्वारा मंत्रियों-सांसदों की सुरक्षा बढ़ाने के फैसले पर राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर व्यंग्य किया।
राउत ने कहा — सरकार को 'जेन जेड तूफान' का डर सता रहा है, इसीलिए सुरक्षा बढ़ाई गई।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने 25 जुलाई को नागपुर और मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला। राउत ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी एक दल की लड़ाई नहीं, बल्कि समूचे विपक्ष का साझा आंदोलन बन चुका है।

मुख्य घटनाक्रम

राउत ने कहा कि सभी विपक्षी दल कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन के साथ खड़े हैं और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर उनका रुख 'पूरी तरह अडिग' है। उन्होंने कहा कि बार-बार दी जा रही सफ़ाइयों से जनता का भरोसा नहीं बन रहा।

मोहन भागवत पर सीधा निशाना

राउत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत की हालिया टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भागवत को छात्रों से संवाद की बात करने के बजाय सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात करनी चाहिए और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सुनिश्चित कराना चाहिए।

राउत ने यहाँ तक कहा कि यदि भागवत प्रधान का इस्तीफा नहीं दिला पाते, तो उन्हें नागपुर वापस नहीं लौटना चाहिए। उनके अनुसार, इस पूरे मामले में संघ का मौन जनता के बीच गंभीर सवाल खड़े कर रहा है और संगठन की साख को नुकसान पहुँचा रहा है।

महाराष्ट्र सरकार के सुरक्षा फैसले पर व्यंग्य

राउत ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की सुरक्षा बढ़ाए जाने के फैसले पर भी व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस कदम को 'वर्षों तक गृह मंत्री रहने के बाद पहली बार लिया गया दूरदर्शी फैसला' बताया।

राउत ने कहा कि सरकार को बाहर उठ रहे 'जेन जेड तूफान' का डर सताने लगा है, इसीलिए जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा बढ़ाई गई है। उनके अनुसार, यह निर्णय इस बात का प्रमाण है कि सरकार जनता के बढ़ते असंतोष और युवाओं के आक्रोश को महसूस कर रही है।

विपक्ष की एकजुटता का संदेश

यह ऐसे समय में आया है जब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर विपक्षी एकता का प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा है। गौरतलब है कि राउत ने नागपुर — जो RSS का मुख्यालय है — से यह बयान देकर सांकेतिक रूप से संघ को सीधे चुनौती दी है।

आने वाले दिनों में विपक्ष इस मुद्दे को संसद और सड़क, दोनों स्तरों पर और तेज करने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या सिर्फ चुनावी मौसम की शोरगुल बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय राउत ने मोहन भागवत को नागपुर न लौटने की बात क्यों कही?
संजय राउत ने कहा कि यदि RSS सरसंघचालक मोहन भागवत केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं दिला पाते, तो उन्हें नागपुर वापस नहीं आना चाहिए। राउत के अनुसार इस मामले में संघ का मौन उसकी साख को नुकसान पहुँचा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग किस संदर्भ में उठ रही है?
विपक्षी दल राहुल गांधी के नेतृत्व में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर आंदोलन चला रहे हैं। शिवसेना (यूबीटी) सहित कई दल इस साझा आंदोलन में शामिल हैं।
राउत ने महाराष्ट्र सरकार के सुरक्षा फैसले पर क्या कहा?
राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मंत्रियों-सांसदों की सुरक्षा बढ़ाने के फैसले पर व्यंग्य करते हुए कहा कि सरकार को 'जेन जेड तूफान' का डर सता रहा है। उन्होंने इसे जनता के बढ़ते असंतोष और युवाओं के आक्रोश की स्वीकृति बताया।
क्या RSS ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई आधिकारिक रुख लिया है?
राउत के बयान के अनुसार, इस मामले में RSS का रवैया अब तक मौन रहा है। राउत ने कहा कि यह मौन जनता के बीच सवाल खड़े कर रहा है और संगठन की छवि को प्रभावित कर रहा है।
संजय राउत ने मोहन भागवत को क्या सुझाव दिया?
राउत ने कहा कि भागवत को छात्रों से संवाद की बात करने के बजाय सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से बात करनी चाहिए और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सुनिश्चित कराना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले