होर्मुज स्ट्रेट विवाद: अमेरिका-ईरान दोहा में करेंगे बातचीत, फिलहाल हमले रोकने पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका और ईरान ने 29 जून 2026 को फिलहाल आपसी हमले रोकने और होर्मुज स्ट्रेट विवाद को सुलझाने के लिए कतर की राजधानी दोहा में बातचीत करने पर सहमति जताई है। रिपोर्टों के अनुसार, यह कदम उस समय उठाया गया जब दोनों देशों के बीच तनाव खतरनाक स्तर पर पहुँच गया था और वैश्विक तेल आपूर्ति मार्ग पर संकट गहरा गया था।
दोहा वार्ता की पृष्ठभूमि
मूल रूप से यह बातचीत स्विट्जरलैंड में होनी थी, जिसका मुख्य विषय ईरान का परमाणु कार्यक्रम था। हालाँकि, होर्मुज स्ट्रेट में नए सिरे से भड़के तनाव के कारण बैठक की जगह बदलकर दोहा कर दी गई। इससे वार्ता का केंद्र परमाणु मुद्दे से हटकर रणनीतिक समुद्री मार्ग पर शिपिंग सुरक्षा की ओर खिसक गया।
एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया कि दोनों पक्ष अभी के लिए पीछे हटेंगे और जहाज स्वतंत्र रूप से आ-जा सकते हैं, क्योंकि तकनीकी स्तर पर बातचीत जारी रहेगी।
हॉटलाइन और पिछली सहमति का हश्र
गौरतलब है कि एक हफ्ते पहले स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत के दौरान अमेरिकी सेना और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बीच स्ट्रेट में यातायात समन्वय के लिए एक हॉटलाइन स्थापित करने पर सहमति बनी थी। रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार तक यह हॉटलाइन चालू नहीं हो पाई थी।
इसी बीच अमेरिका ने शुक्रवार और शनिवार को ईरानी ठिकानों पर हमले किए, जिसके पीछे होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक शिपिंग के खिलाफ ईरान के कथित लगातार हमलों का हवाला दिया गया। ईरान ने इलाके में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए।
टैंकर हमला और ट्रंप की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को दावा किया कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के पास पनामा के झंडे वाले वाणिज्यिक तेल टैंकर एम/टी किकू पर हमला कर सीजफायर समझौते का उल्लंघन किया। कथित तौर पर यह एकतरफा ड्रोन हमला सुबह 4:30 बजे (ईटी) किया गया। टैंकर में उस समय 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल लदा हुआ था।
इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों तथा तटीय रडार साइटों पर ताजा हवाई हमले किए।
ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल पोस्ट में लिखा, "अमेरिका के एयरक्राफ्ट ने अभी-अभी सीजफायर एग्रीमेंट का उल्लंघन करने के लिए ईरानी मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज जगहों, और तटीय रडार साइट्स पर हमला किया है, फिर से! यह बहुत मुमकिन है कि वे कभी नहीं सीखेंगे!" उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि हमले जारी रहे तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
एम/वी एवर लवली और सीजफायर का इतिहास
अमेरिकी सैन्य कमांड के अनुसार, एम/वी एवर लवली पर हमले के जवाब में शुक्रवार को किए गए अमेरिकी हमलों के बाद ईरान को सीजफायर मानने का अवसर दिया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के लगभग 20% तेल का परिवहन होता है, और इस मार्ग पर कोई भी व्यवधान वैश्विक ऊर्जा बाजारों को सीधे प्रभावित करता है।
आगे क्या होगा
दोहा में प्रस्तावित वार्ता से दोनों देशों के बीच तनाव में अस्थायी कमी की उम्मीद है, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय वर्चस्व के मूल मुद्दे अनसुलझे हैं। दोहा बैठक का परिणाम यह तय करेगा कि आगे कूटनीति का रास्ता खुलेगा या टकराव और बढ़ेगा।