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अमेरिका-ईरान 60 दिन के संघर्ष विराम समझौते के करीब, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने की उम्मीद

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अमेरिका-ईरान 60 दिन के संघर्ष विराम समझौते के करीब, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने की उम्मीद

सारांश

अमेरिका और ईरान एक ऐतिहासिक 60 दिन के समझौते के करीब हैं — होर्मुज खुलेगा, परमाणु वार्ता होगी और प्रतिबंधों में राहत मिलेगी। ट्रंप और बाघेई दोनों ने सकारात्मक संकेत दिए हैं, लेकिन व्हाइट हाउस ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की।

मुख्य बातें

अमेरिका और ईरान 60 दिन के संघर्ष विराम समझौते के बेहद करीब, एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बिना टोल शुल्क के खोला जाएगा; ईरान कथित तौर पर बिछाई गई समुद्री माइंस हटाएगा।
ईरान यूरेनियम संवर्धन निलंबित करने और परमाणु सामग्री हटाने पर बातचीत को तैयार; परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता मसौदे में शामिल।
अमेरिका ईरानी बंदरगाहों के प्रतिबंध हटाएगा और जमा फंड्स जारी करने पर बातचीत करेगा।
समझौते में इज़रायल-हिज्बुल्लाह संघर्ष विराम का प्रावधान भी; नेतन्याहू ने ट्रंप से बातचीत में चिंताएँ जताईं।
व्हाइट हाउस ने रिपोर्ट पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी।

अमेरिका और ईरान 24 मई 2025 को एक संभावित 60 दिन के संघर्ष विराम समझौते के बेहद करीब बताए जा रहे हैं, जिसके तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोला जाएगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की जाएगी। एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से आई रिपोर्ट के अनुसार, यह समझौता ज्ञापन (MOU) दोनों देशों के संबंधों को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है।

समझौते में क्या शामिल है

रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित समझौते के तहत 60 दिनों की अवधि में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बिना किसी टोल शुल्क के खुला रहेगा। ईरान उन समुद्री बारूदी सुरंगों (माइंस) को हटाने पर भी सहमत होगा जिन्हें उसने कथित तौर पर बिछाया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रह सके।

मसौदे में ईरान की यह प्रतिबद्धता भी शामिल है कि वह कभी परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेगा। साथ ही, वह अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को निलंबित करने और अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को हटाने पर बातचीत करेगा।

अमेरिका की ओर से रियायतें

प्रस्तावित समझौते के बदले में अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंध हटाएगा और कुछ अन्य प्रतिबंधों में छूट देगा, जिससे ईरान को स्वतंत्र रूप से तेल बेचने की अनुमति मिल सके। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका 60 दिनों की अवधि के दौरान ईरान के जमा फंड्स को जारी करने पर भी बातचीत करने को तैयार है।

ईरान ने मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका को मौखिक आश्वासन दिया है कि वह यूरेनियम संवर्धन रोकने और परमाणु सामग्री छोड़ने को लेकर किस हद तक रियायतें देने को तैयार है।

इज़रायल-हिज्बुल्लाह पहलू

रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते के दायरे में इज़रायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष को भी समाप्त करने का प्रावधान है। हालाँकि, यदि हिज्बुल्लाह किसी हमले की पहल करता है, तो इज़रायल को जवाबी कार्रवाई की अनुमति होगी।

एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, 'अगर हिज्बुल्लाह शांत रहता है, तो इज़रायल भी शांत रहेगा। नेतन्याहू की अपनी घरेलू राजनीतिक चिंताएँ हैं, लेकिन ट्रंप को अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था के हितों के बारे में सोचना है।' इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बातचीत में कई मुद्दों पर चिंता व्यक्त की।

नेताओं की प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में संभावित समझौते की ओर इशारा किया। वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 'एमओयू पर काम जारी' कहकर सकारात्मक संकेत दिए। अमेरिकी अधिकारी ने उम्मीद जताई कि इस समझौते की घोषणा जल्द की जा सकती है।

आगे क्या होगा

रिपोर्ट के अनुसार, यदि तेहरान ट्रंप की परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी माँगों को स्वीकार करता है, तो दोनों देशों के संबंधों को 'रीसेट' करने और ईरान को अपनी पूरी आर्थिक क्षमता तक पहुँचने का अवसर मिल सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल बाज़ार होर्मुज की स्थिति को लेकर पहले से ही सतर्क है। व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट पर तत्काल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की।

संपादकीय दृष्टिकोण

परमाणु समझौतों का इतिहास वादों और पलटावों से भरा है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह MOU सत्यापन-योग्य तंत्र के साथ आता है — या यह भी उन घोषणाओं में शामिल हो जाएगा जो सुर्खियाँ बनती हैं, ज़मीन नहीं।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका-ईरान 60 दिन का संघर्ष विराम समझौता क्या है?
यह एक प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MOU) है जिसके तहत 60 दिनों के लिए संघर्ष विराम लागू होगा, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोला जाएगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर बातचीत होगी। एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देश इस समझौते पर हस्ताक्षर के बेहद करीब हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों इतना अहम है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्ग है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसके बंद होने या बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है।
ईरान इस समझौते में क्या देने को तैयार है?
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान समुद्री माइंस हटाने, यूरेनियम संवर्धन निलंबित करने और अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को हटाने पर बातचीत के लिए तैयार है। साथ ही, मसौदे में ईरान की यह प्रतिबद्धता भी शामिल है कि वह कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा।
अमेरिका इस समझौते में ईरान को क्या देगा?
प्रस्तावित समझौते के तहत अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगे प्रतिबंध हटाएगा, कुछ प्रतिबंधों में छूट देगा और ईरान के जमा फंड्स जारी करने पर बातचीत करेगा। इससे ईरान को स्वतंत्र रूप से तेल बेचने की अनुमति मिल सकेगी।
इज़रायल और हिज्बुल्लाह इस समझौते में कहाँ फिट होते हैं?
रिपोर्ट के अनुसार, समझौते में इज़रायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष विराम का प्रावधान भी है। यदि हिज्बुल्लाह हमला नहीं करता तो इज़रायल भी शांत रहेगा; हालाँकि इज़रायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ट्रंप से बातचीत में कई मुद्दों पर चिंताएँ जताई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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