हिंद महासागर में रणनीतिक बंदरगाह विकास पर अमेरिका का फोकस: राजदूत सर्जियो गोर का बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने 14 जुलाई 2026 को डैनियल के. इनौये एशिया-पैसिफिक सेंटर फॉर सिक्योरिटी स्टडीज (APCSS) के नेतृत्व के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया और स्पष्ट किया कि अमेरिका हिंद महासागर क्षेत्र में भरोसेमंद साझेदार देशों के साथ मिलकर रणनीतिक बंदरगाह अवसंरचना के विकास पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है। इस बैठक में APCSS के पूर्व छात्र और विभिन्न देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक में क्या हुआ
राजदूत गोर ने बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग और परिचालन जिम्मेदारियों के बेहतर साझाकरण पर अपने विचार रखे। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "APCSS में क्षेत्रभर में संचालन संबंधी जिम्मेदारियों के बेहतर साझाकरण पर अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित किया जाना मेरे लिए सम्मान की बात है।" बैठक में रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय सहयोग को और सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया।
समुद्री अवसंरचना पर अमेरिका की रणनीति
राजदूत गोर ने हिंद महासागर क्षेत्र में अमेरिकी नीति को स्पष्ट करते हुए कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के साथ मिलकर भरोसेमंद साझेदारों के जरिए महत्वपूर्ण बंदरगाह अवसंरचना विकसित करने पर काम कर रहा है, ताकि अहम समुद्री नेटवर्क सुरक्षित, मजबूत और किसी भी रणनीतिक निर्भरता से मुक्त बने रहें।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री आधिपत्य को लेकर प्रमुख शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है।
अमेरिकी पैसिफिक कमांड का दौरा
गोर ने अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान यूनाइटेड स्टेट्स पैसिफिक कमांड का भी दौरा किया। एक्स पर उन्होंने लिखा कि रीजनल कमांडर एडमिरल कोहलर, जनरल श्नाइडर और जनरल क्लार्क के साथ उनकी उपयोगी बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि साझेदार देशों के साथ मिलकर हाई-एंड डिफेंस कोऑपरेशन, मैरीटाइम अवेयरनेस और जॉइंट रेडीनेस को और तेज किया जा रहा है।
इसी दौरे में गोर को USS वरमोंट, C-17 ग्लोबमास्टर-III, F-22 रैप्टर और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर का निरीक्षण करने का अवसर मिला। उन्होंने एडमिरल पापारो की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में तैनात सैन्य कर्मियों की तैयारी और समर्पण को प्रेरणादायक बताया।
APCSS की भूमिका
डैनियल के. इनौये एशिया-पैसिफिक सेंटर फॉर सिक्योरिटी स्टडीज (APCSS) अमेरिका के रक्षा विभाग का एक प्रमुख संस्थान है। यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों पर विमर्श और कार्यशालाओं का आयोजन करता है, जिसमें विभिन्न देशों के नागरिक और सैन्य नेता शामिल होते हैं। गौरतलब है कि यह संस्थान क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को व्यावहारिक धरातल पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आगे क्या
राजदूत गोर के इस बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिका हिंद महासागर में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को और व्यापक बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है। भारत सहित क्षेत्र के अन्य साझेदार देशों के साथ बंदरगाह अवसंरचना और समुद्री सुरक्षा सहयोग को लेकर आने वाले महीनों में और स्पष्टता सामने आने की संभावना है।