किंग हेराल्ड पंचम को श्रद्धांजलि: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने नॉर्वेजियन दूतावास में दर्ज किए शोक संदेश
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने 1 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित रॉयल नॉर्वेजियन दूतावास पहुँचकर नॉर्वे के दिवंगत सम्राट किंग हेराल्ड पंचम के निधन पर भारत सरकार और देश की जनता की ओर से गहरी शोक संवेदनाएँ अर्पित कीं। उन्होंने दूतावास में रखी शोक पुस्तिका में अपने संदेश दर्ज कर नॉर्वे के शाही परिवार और वहाँ की जनता के प्रति हार्दिक दुख प्रकट किया।
दूतावास में शोक संवेदना
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने दूतावास पहुँचकर भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर और दूतावास के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की तथा दिवंगत सम्राट के प्रति अपना शोक व्यक्त किया। उनके दूतावास दौरे की वीडियो क्लिप उनके सोशल मीडिया खाते पर साझा की गई।
शोक पुस्तिका में अपनी भावनाएँ दर्ज करते हुए उपराष्ट्रपति ने किंग हेराल्ड पंचम की नॉर्वे के प्रति समर्पित सेवाओं को सम्मानपूर्वक स्मरण किया। उन्होंने रेखांकित किया कि दिवंगत सम्राट के प्रयासों ने भारत और नॉर्वे के बीच दशकों पुरानी मित्रता को एक आधुनिक आर्थिक साझेदारी का स्वरूप देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
किंग हेराल्ड पंचम का निधन
किंग हेराल्ड पंचम का निधन 28 अगस्त 2026 को 89 वर्ष की आयु में हुआ। उनके जाने से नॉर्वे और विश्व भर में शोक की लहर दौड़ गई। भारत सरकार ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, "महाराजा हेराल्ड पंचम के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूँ। मुझे इस वर्ष की शुरुआत में नॉर्वे की अपनी यात्रा के दौरान उनसे हुई मुलाकात याद है और मैं उनके स्नेह और राष्ट्र के प्रति उनकी गहरी सेवा भावना से बहुत प्रभावित हुआ था। शाही परिवार और नॉर्वे की जनता के प्रति मैं हार्दिक संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ।"
मोदी की ऐतिहासिक नॉर्वे यात्रा और शाही सम्मान
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी इसी वर्ष मई 2026 में नॉर्वे गए थे — यह पिछले 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा थी। इस यात्रा के दौरान उन्होंने ओस्लो स्थित रॉयल पैलेस में किंग हेराल्ड पंचम से मुलाकात की, जहाँ दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और तकनीकी सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।
उसी यात्रा के दौरान किंग हेराल्ड पंचम ने प्रधानमंत्री मोदी को नॉर्वे के सर्वोच्च सम्मान 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' से विभूषित किया था — यह भारत-नॉर्वे संबंधों की गहराई का प्रतीक था।
भारत-नॉर्वे संबंधों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और नॉर्वे के बीच नवीकरणीय ऊर्जा, समुद्री प्रौद्योगिकी और व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग नई ऊँचाइयों पर था। किंग हेराल्ड पंचम के निधन से द्विपक्षीय संबंधों की एक महत्त्वपूर्ण कड़ी टूट गई है, हालाँकि दोनों देशों के बीच संस्थागत सहयोग जारी रहने की उम्मीद है। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन की यह संवेदना यात्रा भारत की उस कूटनीतिक परंपरा को दर्शाती है जो मित्र राष्ट्रों के दुख में साथ खड़े होने को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।