11 अक्टूबर 2026
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यमन में संघर्ष तेज: सरकारी सेना का दावा — 24 घंटों में 1,150 से ज्यादा हूती लड़ाके निष्क्रिय

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यमन में संघर्ष तेज: सरकारी सेना का दावा — 24 घंटों में 1,150 से ज्यादा हूती लड़ाके निष्क्रिय

सारांश

यमन का गृहयुद्ध एक बार फिर नए चरम पर — सरकारी सेना ने 24 घंटों में 1,900+ हमले और 1,150+ हूती लड़ाकों को निष्क्रिय करने का दावा किया है। बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास भीषण लड़ाई और सऊदी हवाई अभियानों के बीच यह संघर्ष क्षेत्रीय स्तर पर और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है।

मुख्य बातें

यमन की सरकारी सेना ने 11 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि 24 घंटों में 1,150 से ज्यादा हूती लड़ाके निष्क्रिय किए गए।
इस दौरान 1,900 से अधिक सैन्य हमले यमन के पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी मोर्चों पर किए गए।
180 से अधिक सैन्य और रसद वाहन नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए — प्रवक्ता माजिद अल-नुजैली के अनुसार।
सबसे भीषण लड़ाई रणनीतिक बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास जारी है।
सऊदी अरब के हवाई अभियान तेज; हूतियों ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया।
इन आँकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी; हूती समूह की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं।

यमन की सरकारी सेना ने 11 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि पिछले 24 घंटों में देश के विभिन्न मोर्चों पर किए गए 1,900 से अधिक सैन्य हमलों में 1,150 से ज्यादा हूती लड़ाके 'निष्क्रिय' किए गए हैं। हालाँकि, इन आँकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

मुख्य घटनाक्रम

सरकारी सेना के प्रवक्ता माजिद अल-नुजैली ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में बताया कि इन अभियानों में हूती समूह के हथियार भंडार, सैन्य शिविर, किलेबंदी, तोपखाने की चौकियाँ, सैनिक जमावड़े और रसद आपूर्ति मार्गों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि 180 से अधिक सैन्य और रसद वाहन नष्ट किए गए या उन्हें गंभीर नुकसान पहुँचाया गया।

अल-नुजैली के अनुसार, हमले यमन के पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी मोर्चों पर किए गए, जिनमें हूती नियंत्रण वाले इलाकों के भीतर स्थित कई उच्च-महत्व के सैन्य ठिकाने भी शामिल थे। इन हमलों का उद्देश्य, उनके अनुसार, हूती समूह की अग्रिम मोर्चों पर लड़ाई जारी रखने और अतिरिक्त बल भेजने की क्षमता को कमज़ोर करना था।

सबसे भीषण लड़ाई कहाँ

सबसे तीव्र संघर्ष दक्षिण-पश्चिमी यमन में रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास के क्षेत्रों में हो रहा है। यह जलमार्ग वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। यमन सरकार ने सोमवार को बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान की शुरुआत की थी, जिसका मकसद हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों को पुनः अपने अधिकार में लेना है।

क्षेत्रीय विस्तार और सऊदी भूमिका

यमनी सरकारी सेना के समर्थन में सऊदी अरब के हवाई अभियान भी तेज हो गए हैं। दूसरी ओर, हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब के भीतर मिसाइल और ड्रोन हमले बढ़ा दिए हैं — इनमें राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया हालिया हमला भी शामिल है। हूती समूह की ओर से सरकारी सेना के दावों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संघर्ष की पृष्ठभूमि

यमन 2014 के अंत से गृहयुद्ध की आग में जल रहा है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्सों पर कब्जा कर लिया था। 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले अरब गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया। गौरतलब है कि एक दशक से अधिक समय बाद भी यह संघर्ष सुलझने के बजाय और जटिल होता जा रहा है।

आगे क्या होगा

प्रवक्ता अल-नुजैली ने दावा किया है कि सरकारी सेना जमीनी स्तर पर आगे बढ़ रही है और कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर दोबारा कब्जा कर रही है। यदि ये दावे सत्य साबित होते हैं, तो यह यमन के गृहयुद्ध में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है — हालाँकि अतीत में भी ऐसे दावों के बाद स्थिति पूर्ववत हो जाती रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

150 लड़ाके, 1,900 हमले, 180 वाहन — प्रभावशाली लगते हैं, लेकिन इस संघर्ष का एक दशक का इतिहास बताता है कि दोनों पक्षों के युद्धक्षेत्र दावे अक्सर जमीनी हकीकत से कोसों दूर होते हैं। स्वतंत्र सत्यापन की अनुपस्थिति में इन्हें सूचना-युद्ध के हिस्से के रूप में भी देखा जाना चाहिए। असली चिंता बाब-अल-मंदेब में बढ़ती गतिविधि है, जो वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति के लिए सीधा खतरा है — और यह पहलू अब तक की रिपोर्टिंग में पर्याप्त रूप से नहीं उठाया गया है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमन में सरकारी सेना ने हूती लड़ाकों के खिलाफ क्या दावा किया है?
यमन की सरकारी सेना ने 11 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि 24 घंटों में 1,900 से अधिक हमलों में 1,150 से ज्यादा हूती लड़ाके निष्क्रिय किए गए। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
यमन का यह सैन्य अभियान कब शुरू हुआ और इसका उद्देश्य क्या है?
यमन सरकार ने सोमवार को बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया, जिसका उद्देश्य हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों को पुनः अपने कब्जे में लेना है। इस अभियान में सऊदी अरब के हवाई समर्थन की भी अहम भूमिका बताई जा रही है।
बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
बाब-अल-मंदेब यमन के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक अत्यंत रणनीतिक जलमार्ग है, जिससे होकर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में लड़ाई तेज होने से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और तेल आपूर्ति पर सीधा असर पड़ सकता है।
यमन में गृहयुद्ध कब और कैसे शुरू हुआ?
यमन का गृहयुद्ध 2014 के अंत में शुरू हुआ, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्सों पर कब्जा कर लिया। 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में हस्तक्षेप किया, और तब से यह संघर्ष जारी है।
हूती समूह ने सऊदी अरब पर क्या हमले किए हैं?
हूती लड़ाकों ने हाल ही में सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। सऊदी अरब में इस तरह के हमले तब से बढ़े हैं जब से यमन में सरकारी सेना का अभियान तेज हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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