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ईवु शहर का विकास मॉडल: शहर-गाँव एकीकरण से 83.7% शहरीकरण दर और किसानों की बढ़ती आय

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ईवु शहर का विकास मॉडल: शहर-गाँव एकीकरण से 83.7% शहरीकरण दर और किसानों की बढ़ती आय

सारांश

ईवु का विकास सिर्फ एक शहर की कहानी नहीं — यह उस सोच का प्रमाण है जो कहती है कि खुशहाली तब तक अधूरी है जब तक गाँव पीछे है। 20 साल में 83.7% शहरीकरण, 57,965 युवान किसान आय और 21 लाख उद्यमों को जोड़ने वाला बाज़ार — यह मॉडल 15वीं पंचवर्षीय योजना का संदर्भ बिंदु बन रहा है।

मुख्य बातें

ईवु शहर ने 2003 में देश में सबसे पहले शहर-गाँव एकीकरण का कार्यक्रम लागू किया।
प्रत्येक वर्ष 800 गाँवों के बुनियादी ढाँचे के लिए 20 करोड़ युवान का सरकारी अनुदान।
बीस वर्षों में शहरीकरण दर 83.7 प्रतिशत और प्रति किसान डिस्पोजेबल आय 57,965 युवान हुई।
ली त्सु गाँव के मेकर्स विलेज में 340 से अधिक युवा मेकर और 100 से अधिक बिज़नेस मॉडल सक्रिय।
ईवु का बाज़ार देशभर में 21 लाख से अधिक मध्यम, छोटे व लघु उद्यमों से जुड़ा है।
यह मॉडल 15वीं पंचवर्षीय योजना में चीनी आधुनिकीकरण का एक प्रमुख संदर्भ बिंदु माना जा रहा है।

पूर्वी चीन के चच्यांग प्रांत स्थित ईवु शहर ने पिछले दो दशकों में शहर और गाँव के एकीकृत विकास का एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया है, जिसके परिणामस्वरूप शहरीकरण दर 83.7 प्रतिशत तक पहुँच गई है और प्रति किसान डिस्पोजेबल आय 57,965 युवान हो गई है। यह विकास यात्रा 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत चीनी आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदर्भ बिंदु मानी जा रही है।

शी चिनफिंग का मार्गदर्शन और ईवु की प्रतिबद्धता

जब शी चिनफिंग चच्यांग प्रांत में कार्यरत थे, तब उन्होंने ईवु के निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कम आय वाले किसानों के जीवन और उत्पादन पर विशेष ध्यान देते हुए उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की जाए। उनका यह कथन — 'खुशहाल समाज के निर्माण के रास्ते पर कोई भी छूटना नहीं चाहिए' — ईवु के विकास का मूल सूत्र बन गया।

10 जुलाई 2003 को तत्कालीन सीपीसी चच्यांग समिति के सचिव शी चिनफिंग ने एक बैठक में कहा था कि आधुनिकीकरण और खुशहाल समाज के निर्माण का मूल प्रश्न गाँव है — गाँव के आधुनिकीकरण के बिना न तो आधुनिकीकरण पूर्ण होगा और न ही समाज खुशहाल।

शहर-गाँव एकीकरण की ऐतिहासिक पहल

उसी वर्ष ईवु शहर ने देश में सबसे पहले शहर और गाँव के एकीकरण का कार्रवाई कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस योजना के अंतर्गत सरकारी वित्त से प्रत्येक वर्ष ईवु के 800 गाँवों के आवासीय पर्यावरण, यातायात और अन्य बुनियादी ढाँचे के लिए 20 करोड़ युवान का अनुदान सुनिश्चित किया गया। यह ऐसे समय में आया जब ग्रामीण-शहरी असमानता चीन की विकास नीति की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थी।

ली त्सु गाँव: ग्रामीण पर्यटन और नवाचार का संगम

बुनियादी ढाँचे में निरंतर सुधार के चलते ईवु स्थित ली त्सु गाँव का ग्रामीण पर्यटन उद्योग तेज़ी से फला-फूला। यहाँ स्थापित मेकर्स विलेज एक तरफ बड़े गाँव से और दूसरी तरफ छोटे वस्तुओं के बाज़ार से जुड़ा है, जो नवाचार का एक जीवंत केंद्र बन गया है।

वहाँ रहने वाले युवा मेकर सन जू यी ने बताया कि अच्छे डिज़ाइन और आइडिया को यहाँ जल्दी लागू किया जा सकता है। वर्तमान में इस मेकर्स विलेज में 340 से अधिक युवा मेकर और 100 से अधिक नए बिज़नेस मॉडल सक्रिय हैं। प्रत्येक वर्ष यहाँ आने वाले पर्यटकों की संख्या 10 लाख (1 मिलियन) से अधिक है।

आर्थिक असर: किसानों की आय और औद्योगिक विस्तार

बीस वर्षों के सतत प्रयास से ईवु ने शहर और गाँव के बीच बुनियादी सुविधाओं और सार्वजनिक सेवाओं की खाई को काफी हद तक पाट दिया है। शहरीकरण दर 83.7 प्रतिशत तक पहुँची है और प्रति किसान डिस्पोजेबल आय बढ़कर 57,965 युवान हो गई है।

ईवु का छोटे सामान का बाज़ार देश के 110 बिज़नेस बेल्ट के विकास में सहायक है और इसकी व्यापार शृंखला देशभर में 21 लाख से अधिक मध्यम, छोटे व लघु उद्यमों को जोड़ती है।

आगे की राह

ईवु का यह मॉडल 15वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान चीन के अन्य शहरों के लिए एक संभावित खाका प्रस्तुत करता है। शहर-गाँव एकीकरण की यह रणनीति समान समृद्धि के लक्ष्य को व्यावहारिक धरातल पर उतारने का प्रयास है, जिसमें बुनियादी ढाँचे, पर्यटन और नवाचार को एक साथ जोड़ा गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि 57,965 युवान की किसान आय और 83.7% शहरीकरण दर के पीछे दो दशकों का निरंतर सरकारी अनुदान है — एक ऐसी व्यवस्था जिसे हर शहर दोहरा नहीं सकता। असली प्रश्न यह है कि क्या यह मॉडल उन क्षेत्रों में भी काम करेगा जहाँ छोटे सामान का वैश्विक बाज़ार जैसा प्राकृतिक आर्थिक लाभ मौजूद नहीं है। 15वीं पंचवर्षीय योजना में इसे संदर्भ बिंदु बनाने से पहले इसकी प्रतिकृति की व्यावहारिक सीमाओं पर भी विमर्श आवश्यक है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईवु शहर का शहर-गाँव एकीकरण मॉडल क्या है?
ईवु ने 2003 में देश में सबसे पहले शहर और गाँव के एकीकरण का कार्यक्रम लागू किया, जिसके तहत प्रत्येक वर्ष 800 गाँवों के बुनियादी ढाँचे के लिए 20 करोड़ युवान का सरकारी अनुदान दिया जाता है। इस मॉडल ने बीस वर्षों में शहरीकरण दर 83.7 प्रतिशत तक पहुँचाई और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की।
शी चिनफिंग का ईवु विकास से क्या संबंध है?
जब शी चिनफिंग चच्यांग प्रांत में सीपीसी समिति के सचिव थे, तब उन्होंने 10 जुलाई 2003 को एक बैठक में कहा था कि गाँव के आधुनिकीकरण के बिना खुशहाल समाज का निर्माण संभव नहीं। उनके इस मार्गदर्शन के बाद ही ईवु ने एकीकरण कार्यक्रम की शुरुआत की।
ईवु का मेकर्स विलेज क्या है और इसका क्या महत्व है?
ली त्सु गाँव में स्थापित मेकर्स विलेज एक नवाचार केंद्र है जो गाँव और छोटे सामान के बाज़ार दोनों से जुड़ा है। यहाँ 340 से अधिक युवा मेकर और 100 से अधिक नए बिज़नेस मॉडल सक्रिय हैं, और प्रत्येक वर्ष 10 लाख से अधिक पर्यटक आते हैं।
ईवु के बाज़ार का देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर है?
ईवु का छोटे सामान का बाज़ार देश के 110 बिज़नेस बेल्ट के विकास में सहायक है और इसकी व्यापार शृंखला देशभर में 21 लाख से अधिक मध्यम, छोटे व लघु उद्यमों को जोड़ती है। यह ईवु को चीन के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्रों में से एक बनाता है।
15वीं पंचवर्षीय योजना में ईवु मॉडल की क्या भूमिका है?
शहर और गाँव का मिश्रित विकास 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत चीनी आधुनिकीकरण का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। ईवु का अनुभव इस योजना के लिए एक व्यावहारिक संदर्भ मॉडल के रूप में देखा जा रहा है, जो समान समृद्धि की अवधारणा को ज़मीन पर उतारने का प्रयास करता है।
राष्ट्र प्रेस
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