ईवु शहर का विकास मॉडल: शहर-गाँव एकीकरण से 83.7% शहरीकरण दर और किसानों की बढ़ती आय
सारांश
मुख्य बातें
पूर्वी चीन के चच्यांग प्रांत स्थित ईवु शहर ने पिछले दो दशकों में शहर और गाँव के एकीकृत विकास का एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया है, जिसके परिणामस्वरूप शहरीकरण दर 83.7 प्रतिशत तक पहुँच गई है और प्रति किसान डिस्पोजेबल आय 57,965 युवान हो गई है। यह विकास यात्रा 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत चीनी आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदर्भ बिंदु मानी जा रही है।
शी चिनफिंग का मार्गदर्शन और ईवु की प्रतिबद्धता
जब शी चिनफिंग चच्यांग प्रांत में कार्यरत थे, तब उन्होंने ईवु के निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कम आय वाले किसानों के जीवन और उत्पादन पर विशेष ध्यान देते हुए उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की जाए। उनका यह कथन — 'खुशहाल समाज के निर्माण के रास्ते पर कोई भी छूटना नहीं चाहिए' — ईवु के विकास का मूल सूत्र बन गया।
10 जुलाई 2003 को तत्कालीन सीपीसी चच्यांग समिति के सचिव शी चिनफिंग ने एक बैठक में कहा था कि आधुनिकीकरण और खुशहाल समाज के निर्माण का मूल प्रश्न गाँव है — गाँव के आधुनिकीकरण के बिना न तो आधुनिकीकरण पूर्ण होगा और न ही समाज खुशहाल।
शहर-गाँव एकीकरण की ऐतिहासिक पहल
उसी वर्ष ईवु शहर ने देश में सबसे पहले शहर और गाँव के एकीकरण का कार्रवाई कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस योजना के अंतर्गत सरकारी वित्त से प्रत्येक वर्ष ईवु के 800 गाँवों के आवासीय पर्यावरण, यातायात और अन्य बुनियादी ढाँचे के लिए 20 करोड़ युवान का अनुदान सुनिश्चित किया गया। यह ऐसे समय में आया जब ग्रामीण-शहरी असमानता चीन की विकास नीति की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थी।
ली त्सु गाँव: ग्रामीण पर्यटन और नवाचार का संगम
बुनियादी ढाँचे में निरंतर सुधार के चलते ईवु स्थित ली त्सु गाँव का ग्रामीण पर्यटन उद्योग तेज़ी से फला-फूला। यहाँ स्थापित मेकर्स विलेज एक तरफ बड़े गाँव से और दूसरी तरफ छोटे वस्तुओं के बाज़ार से जुड़ा है, जो नवाचार का एक जीवंत केंद्र बन गया है।
वहाँ रहने वाले युवा मेकर सन जू यी ने बताया कि अच्छे डिज़ाइन और आइडिया को यहाँ जल्दी लागू किया जा सकता है। वर्तमान में इस मेकर्स विलेज में 340 से अधिक युवा मेकर और 100 से अधिक नए बिज़नेस मॉडल सक्रिय हैं। प्रत्येक वर्ष यहाँ आने वाले पर्यटकों की संख्या 10 लाख (1 मिलियन) से अधिक है।
आर्थिक असर: किसानों की आय और औद्योगिक विस्तार
बीस वर्षों के सतत प्रयास से ईवु ने शहर और गाँव के बीच बुनियादी सुविधाओं और सार्वजनिक सेवाओं की खाई को काफी हद तक पाट दिया है। शहरीकरण दर 83.7 प्रतिशत तक पहुँची है और प्रति किसान डिस्पोजेबल आय बढ़कर 57,965 युवान हो गई है।
ईवु का छोटे सामान का बाज़ार देश के 110 बिज़नेस बेल्ट के विकास में सहायक है और इसकी व्यापार शृंखला देशभर में 21 लाख से अधिक मध्यम, छोटे व लघु उद्यमों को जोड़ती है।
आगे की राह
ईवु का यह मॉडल 15वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान चीन के अन्य शहरों के लिए एक संभावित खाका प्रस्तुत करता है। शहर-गाँव एकीकरण की यह रणनीति समान समृद्धि के लक्ष्य को व्यावहारिक धरातल पर उतारने का प्रयास है, जिसमें बुनियादी ढाँचे, पर्यटन और नवाचार को एक साथ जोड़ा गया है।