अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025: अमेरिका की 'हर गली' में योग स्टूडियो, राजदूत क्वात्रा बोले — भारत की सभ्यतागत विरासत बन चुकी है वैश्विक ताकत
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा है कि योग अब अमेरिकी समाज में इस कदर रच-बस गया है कि वॉशिंगटन डीसी समेत पूरे देश में 'लगभग हर गली' में एक योग स्टूडियो मिल जाता है। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के बीच राजदूत ने इसे भारत की प्राचीन सभ्यतागत विरासत का सबसे बड़ा वैश्विक प्रमाण बताया। इस वर्ष 21 जून को मनाया जाने वाला योग दिवस 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' थीम के तहत आयोजित होगा।
मुख्य घटनाक्रम
राजदूत क्वात्रा ने कहा, 'अगर आप वॉशिंगटन डीसी में या फिर पूरे अमेरिका में कहीं भी घूमते हैं, तो आपको लगभग हर गली में एक योग स्टूडियो दिख जाएगा।' उन्होंने इसे भारत की प्राचीन परंपरा की स्वीकार्यता का प्रतीक बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी योग को प्राचीन परंपरा का अनमोल उपहार मानते हैं।
क्वात्रा ने याद दिलाया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को भारत के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसमें 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया। यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर आया था और इसे 175 देशों का समर्थन मिला था।
अमेरिका में कार्यक्रमों की रूपरेखा
भारत के राजनयिक मिशन इस बार अमेरिका में बड़े पैमाने पर आयोजन कर रहे हैं। वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास 19 जून को लिंकन मेमोरियल पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित करेगा। दूतावास ने लोगों को आमंत्रित करते हुए कहा है, 'साल के सबसे बड़े योग सत्र के लिए हमारे साथ जुड़ें।'
न्यूयॉर्क में भारतीय महावाणिज्य दूतावास टाइम्स स्क्वायर एलायंस के साथ मिलकर 21 जून को 'माइंड ओवर मैडनेस योग' कार्यक्रम आयोजित करेगा। इस सत्र का नेतृत्व आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की रुचिका लाल करेंगी। इसके अलावा शिकागो के नेवी पियर पर भी विशेष आयोजन निर्धारित है।
पद्मश्री एचआर नागेंद्र की भागीदारी
इस वर्ष के कार्यक्रमों में पद्मश्री एचआर नागेंद्र भी शामिल होंगे, जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी का योग गुरु माना जाता है। वे न्यूयॉर्क में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे, जिनमें टाइम्स स्क्वायर का बड़ा योग आयोजन भी शामिल है, जहाँ वे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
योग की वैश्विक यात्रा और भारत की सॉफ्ट पावर
2015 में पहली बार मनाए जाने के बाद से योग दिवस एक बड़े वैश्विक आयोजन में बदल चुका है। अब हर साल दुनिया भर में लाखों लोग सरकारों, संस्थाओं, स्कूलों, कॉलेजों और योग संगठनों के साथ मिलकर इसमें हिस्सा लेते हैं। राजदूत क्वात्रा के अनुसार, 'योग शरीर, मन, विचार और आत्मा — इन सबको एक साथ जोड़ने की क्षमता रखता है,' और यही कारण है कि यह सांस्कृतिक व धार्मिक सीमाओं को पार कर पूरी दुनिया में फैल गया है। यह थीम 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' लोगों को शारीरिक सेहत, मानसिक शांति और संतुलित जीवनशैली से जोड़ने के उद्देश्य से चुनी गई है।
गौरतलब है कि 21 जून को इसलिए चुना गया क्योंकि यह उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे लंबा दिन होता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भारत की सॉफ्ट पावर और सांस्कृतिक पहचान का एक प्रमुख प्रतीक बन चुका है, और इस वर्ष के आयोजन इस वैश्विक स्वीकार्यता को और मज़बूत करने की दिशा में एक और कदम हैं।