अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: लिंकन मेमोरियल पर सैकड़ों योग प्रेमी, राजदूत क्वात्रा ने बताई भारत की विरासत
सारांश
मुख्य बातें
वॉशिंगटन के प्रतिष्ठित लिंकन मेमोरियल पर शुक्रवार, 20 जून 2025 की सुबह 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारतीय दूतावास द्वारा एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों योग प्रेमी एकत्र हुए। इस वर्ष की थीम 'योगा फॉर हेल्थी एजिंग' के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने नेशनल मॉल को एक विशाल खुले योग स्थल में बदल दिया।
मुख्य घटनाक्रम
लिंकन मेमोरियल और वॉशिंगटन मॉन्यूमेंट के सामने प्रतिभागियों ने विभिन्न योग आसनों का अभ्यास किया। कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के सदस्य, स्थानीय अमेरिकी निवासी, योग शिक्षक और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। कई प्रतिभागियों ने इस वर्ष की थीम अंकित स्मारक टी-शर्ट पहनकर इस अवसर को विशेष बनाया।
राजदूत क्वात्रा का संबोधन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने योग की ऐतिहासिक यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार यह एक प्राचीन भारतीय परंपरा से विकसित होकर विश्वव्यापी जीवनशैली बन गई है। क्वात्रा ने कहा, 'यह भारत की प्राचीन योग परंपरा का उत्सव है, जिसे दुनिया के अलग-अलग देशों, समाजों, मान्यताओं और धर्मों के लोग अपनाते हैं और नियमित रूप से अभ्यास करते हैं।'
राजदूत ने यह भी उल्लेख किया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने एक प्रस्ताव के माध्यम से मान्यता दी थी, जिसे विश्व के लगभग 175 देशों का समर्थन प्राप्त हुआ था। उन्होंने योग को भारत की सभ्यतागत विरासत बताते हुए कहा कि यह अभ्यास सीमाओं, धर्मों और संस्कृतियों की सीमाओं से परे है।
अमेरिका में योग की बढ़ती लोकप्रियता पर क्वात्रा ने कहा, 'योग अब सिर्फ लोकप्रिय नहीं हो रहा, बल्कि लगभग हर जगह अपनी मजबूत जगह बना चुका है।'
प्रतिभागियों की आवाज़
डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया स्वास्थ्य विभाग के चीफ डेटा ऑफिसर नागेश बोर्से ने बताया कि योग ने उनके जीवन को बदल दिया है। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ शरीर के लिए व्यायाम नहीं है, बल्कि मन और आत्मा के लिए भी है।' बोर्से ने योग को भारत की दुनिया को दी गई सर्वश्रेष्ठ सौगातों में से एक बताया।
महाराष्ट्र के नासिक से योग प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली वॉशिंगटन की योग शिक्षिका हीथर फेरिस ने अमेरिका में योग की धारणा पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, 'कई बार यहाँ योग को ज़्यादा व्यावसायिक रूप में देखा जाता है और लोग इसे केवल शारीरिक व्यायाम समझते हैं, जबकि यह उससे कहीं अधिक है।' फेरिस के अनुसार, योग शरीर, मन और आत्मा को एक साथ जोड़ने का माध्यम है।
आम जनता पर असर
यह आयोजन केवल भारतीय समुदाय तक सीमित नहीं रहा — स्थानीय अमेरिकी नागरिकों और विभिन्न पृष्ठभूमियों के लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि योग अब वैश्विक स्वास्थ्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर वर्ष 21 जून को मनाया जाता है और यह विश्व के सबसे व्यापक रूप से मनाए जाने वाले वैश्विक दिवसों में से एक है।
क्या होगा आगे
भारतीय दूतावास के इस आयोजन ने भारत-अमेरिका सांस्कृतिक संबंधों को और मज़बूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है। आने वाले वर्षों में इस तरह के आयोजनों के और विस्तृत होने की संभावना है, क्योंकि योग अमेरिकी समाज में तेज़ी से जड़ें जमा रहा है।