होली 2026: आयुर्वेद के 5 सरल उपाय से मनाएं रंगों का सुरक्षित और सेहतमंद त्योहार

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होली 2026: आयुर्वेद के 5 सरल उपाय से मनाएं रंगों का सुरक्षित और सेहतमंद त्योहार

सारांश

होली का त्योहार 4 मार्च को है, और इसे मनाने के लिए आयुर्वेद के 5 आसान उपायों को अपनाना आवश्यक है। जानें कैसे प्राकृतिक रंगों और संतुलित आहार के जरिए इस पर्व को खास बनाया जा सकता है।

Key Takeaways

  • प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें।
  • शरीर और बालों पर तेल लगाना न भूलें।
  • संतुलित आहार लें।
  • पर्याप्त पानी का सेवन करें।
  • आंखों की सुरक्षा करें।

नई दिल्ली, 3 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रंगों और उल्लास से भरा पर्व होली 4 मार्च को मनाया जाएगा, जिसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं। हालांकि, मौसम में बदलाव, केमिकल रंगों के उपयोग और गड़बड़ खानपान के कारण रंग फीके पड़ सकते हैं। ऐसे में इस 'रंगों के त्योहार' को खुशहाल और सेहतमंद रखने के लिए आयुर्वेद 5 सरल उपाय सुझाता है।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, केमिकल रंगों का उपयोग त्वचा में जलन, एलर्जी, आंखों में इरिटेशन और पेट की समस्याओं का कारण बन सकता है। वहीं, भारी भोजन अपच जैसी कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। आयुर्वेद के अनुसार, प्राकृतिक उपायों को अपनाकर इस त्योहार को सुरक्षित और आनंददायक बनाया जा सकता है।

प्राकृतिक रंगों का चयन करें: रासायनिक रंग त्वचा को हानि पहुंचाते हैं और कई बार ये एलर्जी या संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इसके स्थान पर बेसन, हल्दी, गुलाल, फूलों के रंग (जैसे गुलाब, टेसू, हिबिस्कस) और हर्बल पाउडर का उपयोग करें। ये प्राकृतिक रंग न केवल सुरक्षित होते हैं, बल्कि त्वचा को पोषण भी प्रदान करते हैं। हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ रखते हैं।

शरीर और बालों पर तेल लगाएं: होली खेलने से पहले अपनी त्वचा और बालों पर नारियल तेल या तिल का तेल अच्छी तरह लगाएं। तेल की एक पतली परत रंगों को त्वचा में गहराई तक जाने से रोकती है और रंग आसानी से धुल जाता है। इससे त्वचा रुखी नहीं होती और जलन या खुजली की समस्या भी नहीं होती। बालों पर तेल लगाने से रंग जड़ों तक नहीं पहुंच पाता है।

संतुलित और हल्का आहार लें: होली पर तला-भुना, मसालेदार और भारी भोजन से बचें। अत्यधिक मीठा, तैलीय और मलाईदार खाना पेट को खराब कर सकता है। इसके बजाय मौसमी फल, नारियल पानी, नींबू-पानी, छाछ, हर्बल जूस और हल्का सात्विक भोजन लें। इससे शरीर हल्का रहेगा और थकान नहीं होगी।

पर्याप्त पानी और हेल्दी ड्रिंक्स का सेवन करें: रंग खेलने के दौरान शरीर से बहुत पसीना निकलता है, इसलिए डिहाइड्रेशन से बचने के लिए दिनभर भरपूर पानी पिएं। नींबू पानी, नारियल पानी, या पुदीने का शरबत लेना सबसे अच्छा है। यह शरीर को हाइड्रेटेड रखता है, रंगों के प्रभाव को कम करता है, और त्वचा को भी स्वस्थ बनाए रखता है।

आंखों और त्वचा की विशेष सुरक्षा: रंगों के आंखों में जाने से जलन और इन्फेक्शन हो सकता है। खेलते समय चश्मा पहनें या आंखों को अच्छे से बंद रखें। खेल खत्म होने के बाद तुरंत ठंडे पानी से चेहरा और शरीर धोएं। आंखों को साफ पानी से कई बार धोएं। अगर रंग लग जाए तो गुलाब जल या साधे पानी से साफ करें।

इन सरल उपायों के अतिरिक्त, होली का आनंद लें, लेकिन मिलावटी और अस्वच्छ खाने से दूर रहें। केवल भरोसेमंद दुकानों से सामान खरीदें, और पैकेट वाली चीजों की एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें। खुले, तले-भुने और कृत्रिम रंग वाले खाद्य पदार्थों से बचें।

Point of View

बल्कि स्वास्थ्य को भी संरक्षित रखते हैं।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

होली पर किस प्रकार के रंगों का उपयोग करना चाहिए?
प्राकृतिक रंगों का चयन करें, जैसे हल्दी, गुलाल और हर्बल पाउडर, जो त्वचा के लिए सुरक्षित होते हैं।
होली के दौरान क्या खाना चाहिए?
हल्का, संतुलित आहार लें, जिसमें मौसमी फल, नारियल पानी और हर्बल जूस शामिल हों।
रंग खेलने के दौरान त्वचा की सुरक्षा कैसे करें?
त्वचा और बालों पर नारियल या तिल का तेल लगाएं, ताकि रंग गहराई में न जाए।
डिहाइड्रेशन से कैसे बचें?
दिनभर खूब पानी पिएं और नींबू पानी या नारियल पानी का सेवन करें।
आंखों की सुरक्षा के लिए क्या करना चाहिए?
खेलते समय चश्मा पहनें और खेलने के बाद आंखों को ठंडे पानी से धोएं।
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