वक्रासन से कमर और पीठ दर्द में राहत: मोरारजी देसाई योग संस्थान की विधि और फायदे
सारांश
मुख्य बातें
वक्रासन — रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने वाला यह योगासन — कमर और पीठ दर्द से परेशान उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, इस आसन का नियमित और सही तरीके से अभ्यास रीढ़ में लचीलापन बढ़ाने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी बेहतर रखने में सहायक हो सकता है।
वक्रासन क्यों है ज़रूरी
आज की जीवनशैली में गलत पोस्चर, लंबे समय तक बैठे रहना और शारीरिक गतिविधि की कमी कमर और पीठ की समस्याओं का प्रमुख कारण बनती जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, योग के कुछ सरल आसन इन समस्याओं को नियंत्रित करने में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। वक्रासन उन्हीं आसनों में से एक है जो रीढ़ की हड्डी और कमर के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
वक्रासन करने की सही विधि
मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ योगा द्वारा बताई गई विधि के अनुसार, सबसे पहले जमीन पर दोनों पैर सामने की ओर सीधे फैलाकर दंडासन में बैठें। दोनों पैरों को आपस में मिलाएं और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। इसके बाद गहरी सांस लें।
अब बाएं पैर को मोड़ें और उसके पंजे को दाएं घुटने के पास जमीन पर रखें। सांस छोड़ते हुए दायां हाथ बाएं घुटने के पास ले जाएं और पैर के तलवे को पकड़ें। यदि यह कठिन लगे, तो हथेली को बाएं पैर के पास जमीन पर भी रखा जा सकता है।
इसके बाद बायां हाथ पीछे की ओर जमीन पर रखें, उंगलियां शरीर से विपरीत दिशा में रहें। सांस लेते हुए रीढ़ को सीधा रखें, फिर सांस छोड़ते हुए गर्दन और पीठ को धीरे-धीरे बाईं तरफ मोड़ें। जितना आराम से शरीर घूम सके, उतना ही मोड़ें — जबरदस्ती खींचने का प्रयास न करें। कुछ समय इसी स्थिति में रहें, फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में वापस आ जाएं।
वक्रासन के प्रमुख फायदे
संस्थान के अनुसार, इस आसन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ सकता है। कमर और कंधों में होने वाले खिंचाव और दर्द से राहत पाने में भी यह उपयोगी माना जाता है। खासकर लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए यह आसन शरीर को स्ट्रेच करने का एक प्रभावी तरीका हो सकता है।
यह आसन पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी माना जाता है। शरीर के अंदरूनी अंगों पर पड़ने वाले हल्के दबाव और ट्विस्टिंग मूवमेंट की वजह से कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी सामान्य पाचन समस्याओं में राहत मिल सकती है।
किन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी योगासन को शुरू करने से पहले प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक का मार्गदर्शन लेना उचित रहता है, विशेषकर यदि पहले से कोई चोट या गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो। वक्रासन का अभ्यास धीरे-धीरे और अपनी क्षमता के अनुसार ही करें। नियमित अभ्यास के साथ शरीर की लचीलेपन में क्रमिक सुधार देखा जा सकता है।